शाह-साय की जोड़ी ने तोड़ी नक्सलियों की कमर , 15 दिन में 3 बार आया शांति प्रस्ताव

Rohit Sahu | Apr 20, 2025, 11:26 IST
Share
bastar naxal
bastar naxal

बस्तर में नक्सली लगातार पीछे हट रहे हैं। बीते 15 दिन में 3 बार नक्सलियों की तरफ से शांति वार्ता के लिए प्रस्ताव आ चुके हैं। आदिवासी CM विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जनसमर्थन न मिलने से नक्सलियों की कमर टूट गई है।

CG News:छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। पिछले 15 दिनों में नक्सलियों की तरफ से तीन बार शांति प्रस्ताव सामने आ चुके हैं। केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की सामूहिक कार्रवाई ने नक्सलियों को रणनीतिक रूप से कमजोर किया है। हालांकि सुरक्षा अभियानों की यह कहानी नई नहीं है। ऑपरेशन ग्रीन हंट और सलवा जुडुम जैसे प्रयासों में भी नक्सलियों को भारी नुकसान पहुंचा था।

आदिवासी मुख्यमंत्री होने से बदला बस्तर का मिजाज

भाजपा सरकार बनने और विष्णुदेव साय के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य में एक बार फिर नक्सल मोर्चे पर आक्रामक रणनीति अपनाई गई है। इस बार नक्सलियों ने अपने दिल्ली और रायपुर स्थित समर्थकों को सक्रिय करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कहीं से भी समर्थन नहीं मिला। नक्सली वर्षों से बस्तर के आदिवासियों के नाम पर शोषण की राजनीति करते रहे हैं। लेकिन इस बार उनका ये दांव भी विफल हो गया। इसकी मुख्य वजह विष्णुदेव साय की आदिवासी पहचान है।

स्थानीय समर्थन न मिलने से टूटे नक्सली

विशेषज्ञों का मानना है कि जब एक आदिवासी खुद मुख्यमंत्री है और बस्तर के लगातार दौरे कर रहा है, तो नक्सल समर्थकों की कथित शोषण की थ्योरी को स्थानीय आदिवासियों ने खारिज कर दिया। जिससे नक्सली आदिवासियों को अपने साथ नहीं कर पा रहे जिससे उनकी कमर टूट गई है।

आदिवासियों में सरकार के प्रति विश्वास

विष्णुदेव साय ने बस्तर में एक के बाद एक विकास योजनाओं की शुरुआत की है, जिससे पहली बार मूल आदिवासी समुदाय में सरकार के प्रति विश्वास जागा है। इससे नक्सलियों की पकड़ कमजोर हुई है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने खुद की मॉनिटरिंग

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म करने की रणनीति बनाकर काम कर रहे हैं। नक्सल मामले को लेकर शाह ने गंभीरता से लगातार मॉनिटरिंग की। जिसके चलते लगातार नक्सलवाद के खिलाफ सरकार ने कई ऑपरेशन किए जिससे नक्सलियों में डर का महौल है।

नक्सलियों की शर्तें बन सकती हैं बाधा

बस्तर क्षेत्र में सरकार की दोहरी नीति एक ओर सुरक्षा बलों की कार्रवाई और दूसरी ओर विकास योजनाएं फलीभूत होती नजर आ रही हैं। हाल के दिनों में नक्सलियों द्वारा बार-बार शांति वार्ता के प्रस्ताव भेजना और आत्मसमर्पण करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि नक्सली संगठन कमजोर पड़ते जा रहे हैं। हालांकि, शांति वार्ता तभी सफल हो सकती है जब दोनों पक्षों के बीच भरोसा और पारदर्शिता बनी रहे। एक तरफ सरकार की कड़ी नीति, और दूसरी तरफ नक्सलियों की शर्तें जिससे फिर संघर्ष की स्थिति बन सकती है।

यह भी पढ़ें...नक्सल संगठन में पड़ने लगी दरार...22 सरेंडर नक्सलियों ने किया खुलासा

thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें


Tags:
  • CG News
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
  • छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद
  • Bastar
  • नक्सलवाद
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा