पेड़ की छांव में चौपाल और भ्रष्टाचार पर प्रहार... विष्णुदेव साय का सादगी व सख्ती वाला सुशासन मॉडल

The Sootr | Jun 25, 2026, 16:59 IST
Share
विष्णुदेव साय का सादगी व सख्ती
Impact Feature

सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का अलग ही रूप प्रदेश ने देखा। आमतौर पर बड़े नेताओं के दौरे मंचों, सभागारों और सुरक्षा व्यवस्था के बीच होते हैं, लेकिन साय ने इस परंपरा से अलग रास्ता चुना। उन्होंने पेड़ की छांव के नीचे चौपाल लगाई।

Raipur. राजनीति में कई नेता आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन कुछ लीडर अपनी कार्यशैली से अलग पहचान बना लेते हैं। जशपुर की मिट्टी से निकलकर प्रदेश की सर्वोच्च जिम्मेदारी तक पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने अब तक के राजनीतिक सफर में ऐसी ही पहचान बनाई है। उनकी छवि ऐसे नेता की बनकर उभरी है, जो आम लोगों के बीच सहजता से पहुंचते हैं, उनकी समस्याएं सुनते हैं और जरूरत पड़ने पर प्रशासनिक सख्ती दिखाने से भी पीछे नहीं हटते।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय केकार्यकाल में कई ऐसे अवसर आए हैं,जब लोगों ने उन्हें संवेदनशील जनप्रतिनिधि और सख्त प्रशासक दोनों रूपों में देखा है। वर्ष 2026 का सुशासन तिहार इसी का बड़ा उदाहरण है।सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के दूर-दराज गांवों तक पहुंचकर यह संदेश दिया कि सरकार केवल राजधानी या जिला मुख्यालयों तक सीमित नहीं है,गांवों और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है। दूसरी ओर उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को भी साफ संकेत दिया कि लापरवाही,भ्रष्टाचार और जनता की समस्याओं के प्रति उदासीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

e18b37fe-d01
e18b37fe-d01


जब मुख्यमंत्री ने छोड़ी औपचारिकता

सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का अलग ही रूप प्रदेश ने देखा। आमतौर पर बड़े नेताओं के दौरे मंचों,सभागारों और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच होते हैं,लेकिन साय ने इस परंपरा से अलग रास्ता चुना।वे सरगुजा,सक्ती,जांजगीर-चांपा,दंतेवाड़ा,बस्तर और अन्य दूरस्थ क्षेत्रों के गांवों में पहुंचे।

कई जगह उन्होंने पेड़ की छांव के नीचे चौपाल लगाई। ग्रामीणों के बीच चटाई और साधारण कुर्सियों पर बैठकर बातचीत की। महिलाओं,बुजुर्गों,किसानों और युवाओं से सीधे संवाद किया।स्थानीय बोली में बातचीत और आत्मीय व्यवहार ने लोगों के बीच यह भरोसा पैदा किया कि सरकार उनकी बात सुनने के लिए खुद उनके दरवाजे तक पहुंची है। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं और मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए।

b69ed445-44f
b69ed445-44f


संवेदनशीलता की मिसाल बने कई मामले

सुशासन तिहार के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए,जिन्होंने मुख्यमंत्री की संवेदनशील कार्यशैली को उजागर किया। जांजगीर-चांपा जिले के सरखों गांव में लंबे समय से समस्या के समाधान के लिए प्रयास कर रहे मोहनलाल को राहत मिली। सक्ती जिले के लहंगा गांव में राशन कार्ड के लिए परेशान ज्योति कुमारी कंवर की समस्या मुख्यमंत्री के संज्ञान में आई तो उन्होंने तत्काल अधिकारियों को बुलाकर समाधान सुनिश्चित कराया।

बालोद और मोहला-मानपुर क्षेत्र में आयोजित शिविरों के दौरान दिव्यांग महिला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तत्काल ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया। ऐसे कई मामलों में लोगों को मौके पर राहत मिलने से सरकार की संवेदनशील छवि मजबूत हुई।

89f90e2b-ce4
89f90e2b-ce4


आदिवासी अंचलों में दिखा अपनापन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दौरों की काफी चर्चा रही। अंचल में उन्होंने आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। स्थानीय आस्था केंद्रों के विकास कार्यों की समीक्षा की और ग्रामीण परिवारों के साथ जमीन पर बैठकर पारंपरिक भोजन भी किया। ग्रामीणों और आदिवासियों ने इसे औपचारिक कार्यक्रम के बजाय आत्मीय मुलाकात माना। कई लोगों ने कहा कि उन्हें ऐसा लगा जैसे परिवार का कोई सदस्य उनकी समस्याएं सुनने आया हो।

abc8b09b-785
abc8b09b-785


अधिकारियों को दिया कड़ा संदेश

सुशासन तिहार की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि यह केवल जनसंवाद तक सीमित नहीं रहा। मुख्यमंत्री ने अभियान शुरू होने से पहले ही सभी जिलाकलेक्टर्सको स्पष्ट निर्देश दिए थे कि राजस्व और नागरिक सेवाओं से जुड़े लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान किया जाए। नामांतरण,सीमांकन,बंटवारा,आय प्रमाण पत्र,जाति प्रमाण पत्र,निवास प्रमाण पत्र और मनरेगा भुगतान जैसे मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। शिविरों में मिलने वाले नए आवेदनों के निराकरण के लिए अधिकतम 30 दिन की समय सीमा भी तय की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी नागरिक को अपनी जायज मांग के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

0014791c-836
0014791c-836


लापरवाह अधिकारियों पर की कार्रवाई

सुशासन तिहार के दौरान और उसके बाद प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। दुर्ग में जनपद पंचायत के सीईओरूपेशपांडे को प्रशासनिक लापरवाही पर निलंबित किया गया। सरगुजा जिले के सीतापुर में नायब तहसीलदार तुषार मानिक को शिकायतें सही पाए जाने पर हटाया। कोरबा में रिश्वत लेते पकड़े गए कर्मचारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग को विशेष रूप से निर्देश दिए कि लोगों को भूमि संबंधी मामलों में अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े। सीमांकन,नामांतरण,बंटवारा और रिकॉर्ड सुधार जैसे मामलों के शीघ्र निराकरण पर जोर दिया गया। वहीं,पुलिस को महिलाओं से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई,अपराध नियंत्रण और अवैध शराब व नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

d13d6216-ebb
d13d6216-ebb


समाधान शिविरों में हजारों लोगों को मिली राहत

राज्यभर में आयोजित क्लस्टर आधारित समाधान शिविर सुशासन तिहार का प्रमुख हिस्सा रहे हैं। इन शिविरों में राशन कार्ड,आधार कार्ड,पेंशन,राजस्व प्रकरणों और अन्य नागरिक सेवाओं से जुड़े हजारों मामलों का मौके पर समाधान किया गया। लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। इन शिविरों की निगरानी मुख्यमंत्री सचिवालय और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा डिजिटल माध्यम से की गई। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिली।

d74e801f-402
d74e801f-402


सीएम हेल्पलाइन 1076 एक बड़ा कदम

सुशासन तिहार के समापन चरण में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सीएम हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत की। इस व्यवस्था का उद्देश्य उन लोगों तक भी प्रशासनिक सहायता पहुंचाना है,जो किसी कारणवश शिविरों तक नहीं पहुंच सके। अब नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और उसके समाधान की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि डिजिटल माध्यमों के जरिए शासन और जनता के बीच दूरी कम होगी और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

9748400d-d1a
9748400d-d1a


जीरो टॉलरेंस नीति बनी सरकार की पहचान

मुख्यमंत्री साय कहते हैं कि प्रशासन में लापरवाही और भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है।कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंसमें उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि खराब काम किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सुबह 7 बजे से पहले फील्ड में पहुंचने और लोगों के बीच रहने के निर्देश भी दिए। बेमेतरा में सामूहिक विवाह कार्यक्रम के कुप्रबंधन और दुर्ग में अधिकारियों के दुर्व्यवहार जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर सरकार ने अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकेत दिया।

नक्सलवाद पर सख्ती, विकास पर जोर

मुख्यमंत्री साय के कार्यकाल की एक बड़ी उपलब्धि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव को भी माना जा रहा है। सरकार ने 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लिया है। साथ ही बस्तर और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में सड़क,पुल,शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम किया जा रहा है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास भी जारी हैं।

3d9ba5b0-50b
3d9ba5b0-50b


भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई

साय सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों में भी सख्त रुख अपनाया है। शराब घोटाले से जुड़े मामले में 29 में से 22 आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया गया है। पीएससी-2021 परीक्षा में अनियमितताओं की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। महादेव सट्टा एप मामले में भी सीबीआई जांच कराई जा रही है। भारतमाला परियोजना से जुड़े मामलों में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) को जांच के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले दो वर्षों में एसीबी ने 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़ा है।

6a178032-944
6a178032-944


सादगी और सख्ती के बीच सुशासन का मॉडल

इस तरह छत्तीसगढ़ की राजनीति में विष्णुदेव साय की कार्यशैली का सबसे अलग पहलू यही माना जा रहा है कि उन्होंने जनसंपर्क और प्रशासनिक अनुशासन को साथ लेकर चलने की कोशिश की है। एक तरफ वे गांवों में बैठकर लोगों की बातें सुनते हैं,दूसरी तरफ लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई करने से भी नहीं हिचकते। सुशासन तिहार,समाधान शिविर,सीएम हेल्पलाइन,तकनीक आधारित निगरानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जैसे कदमों ने उनकी प्रशासनिक शैली को नई पहचान दी है।RO.13847/13

Tags:
  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
  • छत्तीसगढ़
  • छत्तीसगढ़ की राजनीति
  • सीएम हेल्पलाइन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा