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NEWS IN SHORT
- दुर्ग जिले के भिलाई में हरिओम इन्गोट्स एंड पावर लिमिटेड पर जीएसटी विभाग की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी।
- पिछले 5 साल के स्टॉक, प्रोडक्शन और आयात-निर्यात से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच।
- टैक्स चोरी और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) में गड़बड़ी की आशंका पर छापा।
- कंपनी का सालाना टर्नओवर 400 से 500 करोड़ रुपये के बीच बताया जा रहा है।
- महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से जुड़े लेनदेन की भी जांच जारी।
NEWS IN DETAIL
भिलाई में GST का छापा, दो दिन से जारी जांच
Bhilai. दुर्ग जिले के भिलाई स्थित लाइट इंडस्ट्रियल एरिया में हरिओम इन्गोट्स एंड पावर लिमिटेड कंपनी के परिसर में जीएसटी विभाग की टीम ने छापा मारा है। यह कार्रवाई मंगलवार को दूसरे दिन भी देर रात तक चलती रही।
छत्तीसगढ़ जीएसटी विभाग के 7 से 8 अधिकारियों की टीम सोमवार शाम करीब 4 बजे कंपनी पहुंची थी। टीम पिछले पांच वर्षों से जुड़े स्टॉक, प्रोडक्शन, खरीद-बिक्री और आयात-निर्यात से संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।
बिल, रिटर्न और ITC पर फोकस
जांच के दौरान कंपनी के बिल, जीएसटी रिटर्न, इनवाइस और टैक्स भुगतान से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। खासतौर पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के दावे में अनियमितता की आशंका को लेकर अधिकारी सतर्क हैं।
कंपनी में कुल तीन डायरेक्टर—संदीप अग्रवाल, संतोष अग्रवाल और भगवानदास अग्रवाल—बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कंपनी का संबंध पूर्व साडा अध्यक्ष सत्यनारायण अग्रवाल के परिवार से भी जोड़ा जा रहा है।
अन्य राज्यों के लेनदेन भी जांच के दायरे में
कंपनी का व्यापार महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश तक फैला हुआ है, इसलिए इन दोनों राज्यों से जुड़े ट्रांजेक्शन और दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं।
Sootr Knowledge
- जीएसटी विभाग टैक्स चोरी की आशंका पर सर्च और जांच की कार्रवाई करता है।
- इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत दावा गंभीर वित्तीय अपराध माना जाता है।
- बड़े टर्नओवर वाली कंपनियां विशेष निगरानी में रहती हैं।
- अंतरराज्यीय लेनदेन में टैक्स नियमों का पालन अनिवार्य होता है।
- जांच पूरी होने के बाद ही टैक्स चोरी की राशि तय की जाती है।
IMP FACTS
- कार्रवाई की अवधि: 2 दिन (अब तक)
- GST टीम: 7–8 अधिकारी
- जांच अवधि: पिछले 5 साल
- अनुमानित टर्नओवर: 400–500 करोड़ रुपये
- लेनदेन वाले राज्य: छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश
आगे क्या
- सभी दस्तावेजों का विस्तृत मिलान पूरा किया जाएगा।
- टैक्स चोरी या ITC में गड़बड़ी साबित होने पर नोटिस जारी हो सकता है।
- जरूरत पड़ने पर जांच का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
निष्कर्ष
भिलाई की हरिओम इन्गोट्स एंड पावर लिमिटेड कंपनी में जीएसटी विभाग की कार्रवाई गंभीर टैक्स अनियमितताओं की आशंका को दर्शाती है। हालांकि अंतिम फैसला जांच पूरी होने और सभी रिकॉर्ड के मूल्यांकन के बाद ही सामने आएगा।
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