Bhilai HRA Scam : 331 कर्मचारियों पर जांच की आंच, करोड़ों के भुगतान पर उठे सवाल

Umeshwari Baghel | Jul 18, 2026, 17:03 IST
Share
भिलाई HRA घोटाला
भिलाई HRA घोटाला

भिलाई शिक्षा विभाग में एचआरए भुगतान को लेकर जांच शुरू हुई है। बीएसपी और एचएससीएल के 331 आवासों से जुड़े कर्मचारियों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। आरोप है ।

समझें क्या है पूरा मामला

  • भिलाई शिक्षा विभाग में HRA भुगतान पर जांच शुरू
  • 331 कर्मचारियों के आवास रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
  • बीएसपी-एचएससीएल आवास और भत्ते की होगी पड़ताल
  • अनियमितता मिली तो करोड़ों की हो सकती है रिकवरी
  • एचआरए भुगतान व्यवस्था पर भी उठे सवाल
Bhilai। Bhilai HRA Scam :छत्तीसगढ़ के भिलाई में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को दिए गए गृह भाड़ा भत्ता (HRA) को लेकर जांच शुरू हो गई है। मामला बीएसपी और हिंदुस्तान स्टील कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (HSCL) के आवासों से जुड़ा है। प्रारंभिक जांच में 331 कर्मचारियों के नाम ऐसे आवासों से जुड़े पाए गए हैं, जिनके बावजूद एचआरए भुगतान होने की शिकायत की गई है।

राज्य पेंशनर एवं कल्याण संघ के कोषाध्यक्ष रुद्रनारायण सिन्हा की शिकायत के बाद संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय ने मामले की पड़ताल शुरू की है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित कर्मचारियों को आवास कब और किस आधार पर आवंटित हुए थे। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि एचआरए भुगतान नियमों के अनुसार हुआ था या नहीं।

आवास लेने के बाद HRA लेने का आरोप

नियमों के अनुसार यदि किसी कर्मचारी को संस्थान या नियोक्ता की ओर से आवास उपलब्ध कराया गया है और वह उसका उपयोग कर रहा है तो एचआरए भुगतान पर सवाल उठ सकते हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ कर्मचारियों को बीएसपी और एचएससीएल के आवास मिले हुए थे। इसके बाद भी उन्हें सरकारी भत्ता मिलता रहा।हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितने मामलों में अनियमितता हुई है।

रिकॉर्ड की जांच में जुटा विभाग

जांच के दौरान कर्मचारियों के वेतन बिल, एचआरए स्वीकृति दस्तावेज, सेवा पुस्तिका और आवास संबंधी घोषणापत्र की जांच की जाएगी। इसके अलावा बीएसपी और एचएससीएल से भी आवास आवंटन की जानकारी ली जा रही है।

जांच एजेंसी यह भी देखेगी कि कर्मचारियों ने विभाग को आवास मिलने की जानकारी दी थी या नहीं। यदि किसी कर्मचारी ने तथ्य छिपाकर भत्ता लिया है तो उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

करोड़ों रुपये की रिकवरी की संभावना

शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि बड़ी संख्या में मामलों में अनियमित भुगतान की पुष्टि होती है तो रिकवरी की राशि करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है। इसकी वजह लंबे समय तक कर्मचारियों को मिला एचआरए भुगतान बताया जा रहा है। हालांकि वास्तविक राशि जांच पूरी होने और प्रत्येक कर्मचारी के रिकॉर्ड की जांच के बाद ही सामने आएगी।

दोष साबित होने पर हो सकती है कार्रवाई

यदि जांच में गलत तरीके से एचआरए लेने की पुष्टि होती है तो संबंधित कर्मचारियों से राशि की वसूली की जा सकती है। विभाग की ओर से नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा सकता है। गंभीर मामलों में विभागीय कार्रवाई भी संभव है। इसमें वेतन से कटौती, विभागीय जांच या सेवा नियमों के तहत अन्य कार्रवाई शामिल हो सकती है।

भिलाई HRA घोटाला
भिलाई HRA घोटाला


भुगतान व्यवस्था पर भी उठे सवाल

इस मामले ने शिक्षा विभाग की एचआरए सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के आवास और भत्ता भुगतान के बीच तालमेल नहीं होने की स्थिति में प्रशासनिक स्तर पर भी समीक्षा की जरूरत पड़ सकती है।

फिलहाल जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि कितने कर्मचारियों को नियम विरुद्ध एचआरए मिला और आगे क्या कार्रवाई होगी।

imp facts

18 जुलाई 2026 -शिक्षा विभाग में HRA भुगतान को लेकर मामला सामने आया।

331 कर्मचारी -बीएसपी और एचएससीएल आवासों से जुड़े कर्मचारियों के रिकॉर्ड की जांच।

2 संस्थान- भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) और हिंदुस्तान स्टील कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (HSCL) के आवास जांच में शामिल।

शिकायतकर्ता -राज्य पेंशनर एवं कल्याण संघ के कोषाध्यक्ष रुद्रनारायण सिन्हा।

जांच एजेंसी -संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय द्वारा रिकॉर्ड की पड़ताल।

जांच के बिंदु -आवास आवंटन, HRA भुगतान, वेतन बिल और कर्मचारियों के घोषणापत्र की जांच।

संभावित कार्रवाई -अनियमितता मिलने पर राशि वसूली और विभागीय कार्रवाई हो सकती है।

निष्कर्ष

भिलाई शिक्षा विभाग का एचआरए मामला सरकारी भत्तों के सत्यापन से जुड़ा है। 331 कर्मचारियों के रिकॉर्ड की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी। अगर अनियमित भुगतान साबित होता है तो रिकवरी और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

FAQ

  1. क्या है भिलाई का HRA मामला?
    भिलाई शिक्षा विभाग के 331 कर्मचारियों के एचआरए भुगतान को लेकर जांच शुरू हुई है। आरोप है कि कुछ कर्मचारियों को बीएसपी और एचएससीएल के आवास आवंटित होने के बाद भी गृह भाड़ा भत्ता मिला। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
  2. जांच में किन दस्तावेजों की पड़ताल होगी?
    जांच में आवास आवंटन रिकॉर्ड, वेतन बिल, एचआरए स्वीकृति दस्तावेज और कर्मचारियों के घोषणापत्र की जांच की जाएगी।
  3. अनियमितता मिलने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?
    यदि नियम विरुद्ध एचआरए भुगतान साबित होता है तो राशि की वसूली और संबंधित कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

यह खबरें भी पढ़े...

Bhilai Triple Murder Case : पत्नी, मासूम बच्ची और एक बेकसूर को जिंदा जलाने वाले हैवान को फांसी की सजा

छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग : खत्म हुई अटैचमेंट व्यवस्था, शिक्षकों में मचा हड़कंप

छत्तीसगढ़ फर्जी मेडिकल डिग्री घोटाला : आठ राज्यों में फैला नेटवर्क

बीएसपी नेता महेंद्र गुप्ता की हत्या का मामला, वीडियो वायरल, एक गिरफ्तार

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • शिक्षा विभाग
  • भिलाई
  • भिलाई इस्पात संयंत्र
  • Bhilai HRA Scam
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा