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NEWS IN SHORT
- बीजापुर जिले के पामेड़ थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने पूर्व सरपंच भीमा मड़कम की गोली मारकर हत्या की।
- ग्राम काऊरगट्टा में मछली पकड़ने के दौरान वारदात, पेट में गोली मारकर हत्या।
- नक्सलियों को भीमा पर सुरक्षा बलों को मुखबिरी करने का शक था।
- दो महीने पहले भी नक्सलियों ने हमला किया था, CRPF जवानों ने बचाया था।
- वारदात के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात, जांच जारी।
NEWS IN DETAIL
मछली पकड़ने गए पूर्व सरपंच की हत्या
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने पूर्व सरपंच भीमा मड़कम (29 वर्ष) की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना ग्राम काऊरगट्टा की है, जहां वह मछली पकड़ने गए थे। यह इलाका छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा से सटा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों को शक था कि भीमा मड़कम सुरक्षा बलों को नक्सल गतिविधियों से जुड़ी जानकारी देता था। इसी शक के चलते नक्सलियों ने लोगों की भीड़ के बीच उन्हें गोली मार दी। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
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CRPF कैंप के पास था घर
भीमा मड़कम का घर ग्राम काऊरगट्टा में CRPF की 151 बटालियन के कैंप से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। वह जवानों से बातचीत करते रहते थे, जिससे नक्सलियों का शक और गहरा गया।
दो महीने पहले भी हो चुका था हमला
करीब दो महीने पहले भी नक्सलियों ने भीमा मड़कम को घेरकर हमला करने की कोशिश की थी, लेकिन CRPF जवानों ने समय रहते उन्हें बचा लिया था। इसके बाद वह कुछ समय के लिए दंतेवाड़ा-बचेली में रह रहे थे।
20 जनवरी को पामेड़ थाना पुलिस को शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को घर भिजवाया गया। शुरुआती जांच में हत्या की पुष्टि हुई है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
Soot Knowledge
- नक्सली अक्सर मुखबिरी के शक में जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाते हैं।
- सीमावर्ती इलाके नक्सली गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं।
- पूर्व जनप्रतिनिधियों पर भी नक्सल खतरा बना रहता है।
- CRPF कैंपों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों पर नक्सलियों का शक ज्यादा रहता है।
- नक्सली हिंसा में बीजापुर जिला सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल है।
IMP FACTS
- मृतक: भीमा मड़कम (पूर्व सरपंच)
- उम्र: 29 वर्ष
- थाना क्षेत्र: पामेड़
- हमला: गोली मारकर हत्या
- संदिग्ध कारण: मुखबिरी का शक
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आगे क्या
- पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त सर्च ऑपरेशन तेज हो सकती है।
- नक्सलियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास।
- इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जाएगी।
निष्कर्ष
बीजापुर में पूर्व सरपंच भीमा मड़कम की हत्या नक्सली हिंसा की गंभीरता को दर्शाती है। मुखबिरी के शक में की गई इस वारदात ने एक बार फिर सीमावर्ती इलाकों में जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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