हज यात्रा के नाम पर 37 लाख की ठगी: ट्रैवल एजेंसी संचालक दंपति फरार, दर्ज हुआ मामला

बिलासपुर में दो साल पहले हुई 37 लाख 24 हजार की उमरा यात्रा ठगी का केस अब दर्ज हुआ। कटघोरा के रूही टूर एंड ट्रैवल्स के संचालक वसीम अली और उनकी पत्नी ने मुस्लिम परिवारों और रिश्तेदारों से जनवरी 2024 की यात्रा के नाम पर रकम वसूली।

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Harrison Masih
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Bilaspur. बिलासपुर में धार्मिक आस्था का लाभ उठाते हुए एक बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। कटघोरा स्थित रूही टूर एंड ट्रैवल्स के संचालक वसीम अली और उसकी पत्नी रेश्मा रूबी ने उमरा यात्रा का झांसा देकर 16 मुस्लिम परिवारों से 37 लाख 24 हजार रुपए वसूल लिए और फिर फरार हो गए। पीड़ितों ने दो साल तक इंतजार करने के बाद अब जाकर सिविल लाइन पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

धार्मिक भ्रमण के नाम पर भरोसा तोड़कर ठगी

तारबाहर क्षेत्र में रहने वाले शेख अकरम (53) ने बताया कि दो साल पहले उन्होंने अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ उमरा यात्रा पर जाने की योजना बनाई थी। इस दौरान कटघोरा के रूही टूर एंड ट्रैवल्स के संचालक वसीम अली से संपर्क किया गया। वसीम और उसकी पत्नी रेश्मा के साथ परिचय होने के कारण सबने उन पर भरोसा किया। वसीम ने जनवरी 2024 में उमरा ले जाने की तारीख तय की और सितंबर से नवंबर 2023 के बीच सभी यात्रियों से किस्तों में ऑनलाइन व कैश मिलाकर बड़ी राशि इकट्ठा की।

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वीजा-टिकट का झांसा, और अंतिम समय में भाग निकले

वसीम ने यात्रियों से कहा था कि 27 जनवरी 2024 को सभी हावड़ा–मुंबई एक्सप्रेस से मुंबई रवाना होंगे, वहां से सऊदी अरब के लिए उड़ान पकड़ी जाएगी। लेकिन यात्रा की तारीख करीब आने पर पता चला कि 16 यात्रियों में से किसी का भी वीजा बना ही नहीं था। जब 25 जनवरी को कुछ यात्री उससे मिलने पहुंचे, तो उसने बहानेबाजी की और दो दिन बाद यात्रा पर भेजने का भरोसा दिया। 27 जनवरी की सुबह यात्रियों ने जब फोन किया—दोनों पति-पत्नी के मोबाइल स्विच ऑफ मिले। ऑफिस पर भी ताला लगा मिला। घर पहुंचे तो वह जगह भी बंद मिला। यानी दोनों पति-पत्नी 37 लाख की ठगी करके भाग चुके थे।

दो वर्षों तक लौटाने का वादा, पर पैसे नहीं मिले

ठगे गए 16 परिवार दो साल तक इस उम्मीद में वसीम से मिलते रहे कि वह पैसे लौटा देगा। पीड़ितों के मुताबिक, वसीम बार-बार तारीख बदलता रहा और उन्हें “पैसे जल्द लौटाने” का भरोसा देकर घुमाता रहा। आखिरकार जब कोई पैसा वापस नहीं मिला तो सभी पीड़ितों ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।

धोखाधड़ी में धार्मिक भावना का दुरुपयोग

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वसीम और उसकी पत्नी ने धार्मिक आस्था और विश्वास का फायदा उठाकर यह ठगी की। सिविल लाइन पुलिस ने वसीम अली और उसकी पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों ने अन्य लोगों से भी पैसे लिए हो सकते हैं। पुलिस अभी दस्तावेज व लेनदेन की जांच कर रही है।

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किन लोगों से रकम वसूली गई?

उमरा यात्रा के नाम पर पैसे देने वालों में शामिल—
शेख अकरम
मोहम्मद इक़लाख
सैय्यद अब्दुल रहीम
जावेद हुसैन
अब्दुल हकीम
इशहाक मोहम्मद
हफीज बी
हफीज मोहम्मद
तशरीफ़ मोहम्मद
इमरामुद्दीन
शमीम सिद्धिकी
सलमान सिद्धिकी
कौशर सिद्धिकी
सुल्तान अंसारी
हसन अली
अल्तमश सिद्धिकी
शब्बीर मोहम्मद
(और कई अन्य संभावित पीड़ित)

पुलिस की कार्रवाई

सिविल लाइन पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। कटघोरा व बिलासपुर में उनके पुराने ठिकानों पर जांच की जा रही है। बैंक ट्रांजैक्शन और UPI पेमेंट ट्रेल भी खंगाले जा रहे हैं।

बिलासपुर हज यात्रा के नाम पर ठगी रूही टूर एंड ट्रैवल्स 37 लाख की ठगी
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