ब्लैकलिस्टेड कंपनी पर PWD मेहरबान, दांव पर 13 करोड़
Umeshwari Baghel | Jun 12, 2026, 18:45 IST
बिलासपुर PWD में करोड़ों का टेंडर घोटाला
बिलासपुर PWD ने ब्लैकलिस्टेड रायपुर फर्म को 13 करोड़ रूपए का ठेका दिया। फर्म ने झूठा शपथपत्र पेश किया। दस्तावेज जांच में लापरवाही हुई। स्मार्ट सिटी पहले ही पांच साल के लिए फर्म को ब्लॉक कर चुकी थी।
NEWS IN SHORT
- बिलासपुर PWD में ब्लैकलिस्टेड फर्म को 13 करोड़ का ठेका
- ब्लैकलिस्टेड कंपनी ने झूठा शपथपत्र देकर ठेका हासिल किया
- दस्तावेज जांच में लापरवाही से टेंडर प्रक्रिया सवालों के घेरे में
- PWD मंत्री अरुण साव ने जांच का आश्वासन दिया
- स्मार्ट सिटी ने पहले ही फर्म पर पांच साल का बैन लगाया था
NEWS IN DETAIL
ब्लैकलिस्टेड कंपनी ने किया झूठा दावा
PWD मंत्री अरुण साव ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह आनलाइन होती है और पोर्टल पर जमा दस्तावेजों के आधार पर ही मंजूरी दी जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त होती है, तो शासन स्तर पर जांच कराई जाएगी और अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्मार्ट सिटी ने पहले ही फर्म पर लगाई पाबंदी
दस्तावेज सत्यापन में चूक
प्रशासनिक और कानूनी प्रतिक्रिया
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी मानकों और ठेकेदार के क्रेडेंशियल की जांच किए बिना ब्लैकलिस्टेड कंपनी को टेंडर देना केवल एक विभागीय लापरवाही नहीं, बल्कि प्रणालीगत दोष और सरकारी नियमों का उल्लंघन है। करोड़ों रुपए की इस परियोजना में हुई यह चूक भ्रष्टाचार के दायरे में आती है
जिससे सरकारी संसाधनों को भारी नुकसान हो सकता है। यदि जांच में यह बात सच साबित होती है, तो यह इस बात का बड़ा उदाहरण होगा कि कैसे सरकारी विभागों में अनियमितताएं चल रही हैं, इसलिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है।
निष्कर्ष
सरकारी नियमों और टेंडर प्रक्रिया की समीक्षा से भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम संभव है। विभागीय जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना अब आवश्यक है, ताकि सरकारी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के किसी भी रूप को न्यूनतम किया जा सके।
FAQ
- बिलासपुर PWD ने ब्लैकलिस्टेड कंपनी को क्यों ठेका दिया?
दस्तावेज़ सत्यापन में लापरवाही और झूठा शपथपत्र जमा होने के कारण फर्म को ठेका मिल गया। - क्या स्मार्ट सिटी ने फर्म पर पहले कार्रवाई की थी?
हां, बिलासपुर स्मार्ट सिटी ने फर्म की बयाना राशि जब्त कर पांच साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया था। - अब विभाग और सरकार क्या कदम उठा रही है?
PWD मंत्री अरुण साव ने जांच का आश्वासन दिया है, अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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