छत्तीसगढ़ बीजेपी जिला अध्यक्षों की संगठन से शिकायत, न मंत्री सुनते न अधिकारी

Arun Tiwari | Aug 26, 2026, 09:52 IST
Share
बीजेपी जिला अध्यक्षों की शिकायत
बीजेपी जिला अध्यक्षों की शिकायत

छत्तीसगढ़ बीजेपी की मंथन बैठक में सरकार और संगठन के बीच तालमेल को लेकर जिलों से अहम फीडबैक सामने आया है। जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं के काम नहीं होने, अधिकारियों की अनदेखी, बिजली बिल को लेकर जनता की नाराजगी का मुद्दा उठाया।

छत्तीसगढ़ बीजेपी ने संगठन और सरकार के बीच तालमेल की हकीकत जानने के लिए दो दिवसीय मंथन शुरू किया है। बैठक के पहले ही दिन जिलों से आए फीडबैक ने सरकार और संगठन के बीच जमीनी स्तर पर चल रही खींचतान को सामने ला दिया।

प्रभारी मंत्रियों के सामने कई जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों ने साफ कहा कि कार्यकर्ताओं के काम नहीं हो रहे हैं। अधिकारियों से संगठन की बात तक नहीं सुनी जाती। वहीं, मंत्रियों के जिलों में कम दौरे और बिजली बिल से जुड़ी शिकायतों ने जनता के बीच नाराजगी बढ़ाई है।

बीजेपी का मंथन:

बीजेपी ने जिलों में संगठनात्मक कसावट और सरकार के कामकाज की समीक्षा के लिए दो दिवसीय बैठक शुरू की। पहले दिन 16 जिलों की रिपोर्ट संगठन के सामने रखी गई।

प्रदेश संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने प्रभारी मंत्रियों के साथ जिलाध्यक्षों, संभाग प्रभारी-सह प्रभारी, जिला प्रभारियों और विधायकों से सीधे फीडबैक लिया। कोशिश यही रही कि कागजों में दिख रही स्थिति के बजाय जिलों में पार्टी और सरकार के बीच तालमेल की वास्तविक तस्वीर सामने आए।

अधिकारियों पर सुनवाई नहीं करने का आरोप:

सूत्रों के मुताबिक अधिकांश जिलों के पदाधिकारियों ने प्रभारी मंत्रियों के सामने शिकायत रखी कि कार्यकर्ताओं के काम समय पर नहीं हो रहे हैं। संगठन से जुड़े लोगों का कहना था कि वे अधिकारियों के पास अपनी समस्याएं लेकर जाते हैं, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया जाता।

कई मामलों में अधिकारियों के रवैये को लेकर भी नाराजगी सामने आई। कुछ विधायकों ने यह भी कहा कि मंत्रियों को बार-बार पत्र लिखने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती। इससे कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है और उसका असर जनता के बीच संगठन की छवि पर भी पड़ रहा है।

मंत्री जिलों में कम पहुंचे तो बढ़ी नाराजगी:

बैठक में प्रभारी मंत्रियों के जिलों में नियमित दौरे नहीं होने का मुद्दा भी उठा। पदाधिकारियों का कहना था कि प्रभारी मंत्री अगर लगातार जिलों में जाएं, कार्यकर्ताओं से मिलें और स्थानीय समस्याओं को समझें तो कई शिकायतों का समाधान मौके पर ही हो सकता है।

इसके साथ ही बिजली बिल का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। बिजली बिल को लेकर आम लोगों में नाराजगी की बात जिलों से सामने आई। प्रदेश संगठन की ओर से इन शिकायतों को गंभीरता से लिया गया।

अजय जामवाल ने प्रभारी मंत्रियों से दो टूक कहा कि वे जिन जिलों के प्रभारी हैं, वहां नियमित रूप से जाएं और जनता की जरूरतों को समझें।

संगठन का मानना है कि मंत्री और कार्यकर्ता के बीच सीधा संवाद मजबूत होगा तो सरकार की योजनाओं और कामकाज का फीडबैक भी बेहतर तरीके से सामने आएगा।

दो महीने बाद फिर तैयार हो रहा सरकार का रिपोर्ट कार्ड:

खास बात यह है कि करीब दो महीने पहले मुख्यमंत्री निवास में भी इसी तरह की बैठक हुई थी। अब बीजेपी संगठन एक बार फिर मंत्रियों और जिलों का रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रहा है।

इसका मकसद केवल संगठनात्मक समीक्षा करना नहीं, बल्कि यह देखना भी है कि सरकार के कामकाज को लेकर जनता और कार्यकर्ताओं की जमीनी राय क्या है।

मंगलवार शाम कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी पहुंचे। केंद्रीय बीजेपी के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में जिलों की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति, सामने आ रही समस्याओं और उनके समाधान को लेकर फीडबैक लिया गया।

दो दिवसीय मंथन के दूसरे दिन भी संगठन और सरकार के बीच समन्वय, कार्यकर्ताओं की शिकायतों और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।

FAQ

  1. छत्तीसगढ़ बीजेपी की मंथन बैठक में क्या मुद्दे उठे?
    बैठक में कार्यकर्ताओं के काम नहीं होने, अधिकारियों द्वारा सुनवाई नहीं करने, प्रभारी मंत्रियों के जिलों में कम दौरे और बिजली बिल से जुड़ी शिकायतों जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे।
  2. बीजेपी की मंथन बैठक का उद्देश्य क्या है?
    बैठक का उद्देश्य सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल, जिलों में संगठन की स्थिति और सरकार के कामकाज को लेकर कार्यकर्ताओं व जनता के फीडबैक की समीक्षा करना है।


ये खबरें भी पढ़ें...

सीएम विष्णुदेव साय का आज का कार्यक्रम, रायपुर से जशपुर तक करेंगे दौरा

दिल्ली में बीजेपी नेताओं का मंथन, आज जारी हो सकती है उम्मीदवारों की पांचवी सूची, जानिए किन विधायकों की सीटों पर होना है फैसला

रायपुर में RTI पर मंथन : जानिए कैसे एक आवेदन से सुधर सकती है व्यवस्था

कौन संभालेगा MP पुलिस की कमान? नए DGP के लिए इन IPS अफसरों पर मंथन तेज

Tags:
  • छत्तीसगढ़ बीजेपी
  • छत्तीसगढ़
  • बीजेपी नेताओं का मंथन
  • जिलाध्यक्ष
  • फीडबैक
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कारंजा ही क्यों जा रहे? बालासाहेब देवरस के गांव में सेवा की नई कसौटी

By Ramanand Tiwari

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कारंजा ही क्यों जा रहे? बालासाहेब देवरस के गांव में सेवा की नई कसौटी
MP Engineering College में 41 हजार सीटें खाली, छात्र अब डिग्री नहीं प्लेसमेंट और फैकल्टी देखकर चुन रहे कॉलेज

By Ramanand Tiwari

MP Engineering College में 41 हजार सीटें खाली, छात्र अब डिग्री नहीं प्लेसमेंट और फैकल्टी देखकर चुन रहे कॉलेज
आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े के आरोप में भोपाल के सृष्टि हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ EOW ने दर्ज किया केस

By Sandeep Kumar

आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े के आरोप में भोपाल के सृष्टि हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ EOW ने दर्ज किया केस
प्रेमी को फोन कर मिलने बुलाया, फिर पति के साथ मिलकर काटा गला, बलरामपुर वसीम हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, पति-पत्नी पहुंचे जेल

By Umeshwari Baghel

प्रेमी को फोन कर मिलने बुलाया, फिर पति के साथ मिलकर काटा गला, बलरामपुर वसीम हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, पति-पत्नी पहुंचे जेल
MP ADPO और IBPS Law Mains की तारीख टकराई, अभ्यर्थी अब किसे चुनें? MPPSC से बदलाव की गुहार

By Sandeep Kumar

MP ADPO और IBPS Law Mains की तारीख टकराई, अभ्यर्थी अब किसे चुनें? MPPSC से बदलाव की गुहार
लॉरेंस बिश्नोई के नाम 50 करोड़ की फिरौती मांगने वाला शोएब ढेबर फरार, पता बताने वाले को पुलिस देगी 5 हजार रुपए

By VINAY VERMA

लॉरेंस बिश्नोई के नाम 50 करोड़ की फिरौती मांगने वाला शोएब ढेबर फरार, पता बताने वाले को पुलिस देगी 5 हजार रुपए
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, MP शिक्षक भर्ती पर गरमाई सियासत, कूनो में फिर गूंजी किलकारी...

By Sandeep Kumar

MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, MP शिक्षक भर्ती पर गरमाई सियासत, कूनो में फिर गूंजी किलकारी...