सरकारी नौकरी के लालच में भाई-बहन हो गए बर्बाद,शातिर ने लूटा लाखों रुपए
Kanak Durga Jha | Mar 04, 2025, 16:12 IST
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सरकारी नौकरी का लालच देकर एक शातिर ने भाई-बहन को ही लूट लिया। आरोपी ने दोनों को सरकारी नौकरी लगाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद लाखों रुपए लूट लिए।
बिलासपुर से ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। सरकारी नौकरी का लालच देकर एक शातिर ने भाई-बहन को ही लूट लिया। आरोपी ने दोनों को सरकारी नौकरी लगाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद लाखों रुपए लूट लिए।
दरअसल, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोहम्मद शब्बीर की बहन रूही बेगम और भाई मोहम्मद आफताब प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। उनके परिचित राधेश्याम श्रीवास को इसकी जानकारी थी। वर्ष 2016 में राधेश्याम ने परिवार को भरोसा दिलाया कि प्रकाश सोनवानी उसकी पहचान का है।
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प्रकाश खुद को तत्कालीन मंत्री का पीए बताता था। उसने कहा कि मंत्री कोटे से छात्रावास अधीक्षक पद की चार सीटें हैं। पैसे देने पर दोनों भाई-बहन का चयन हो जाएगा। राधेश्याम पर भरोसा कर परिवार ने अलग-अलग दिनों में कुल 11 लाख रुपए दिए।
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कुछ रकम राधेश्याम को नगद दी गई। कुछ प्रकाश को नगद दिए। कुछ उसके बैंक खाते में जमा कराई गई। जब रिजल्ट आया तो दोनों का चयन नहीं हुआ। परिवार ने राधेश्याम से संपर्क किया तो उसने टालमटोल शुरू कर दी। प्रकाश भी गायब हो गया। तब परिवार को ठगी का अहसास हुआ।
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शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने राधेश्याम और प्रकाश के खिलाफ धारा 420, 34 के तहत केस दर्ज किया। जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश की। राधेश्याम ने 6 लाख वापस कर समझौता कर लिया। इस पर उसके खिलाफ मामला खत्म हो गया। कोर्ट ने प्रकाश को दोषी पाया। 3 साल सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पूजा अग्रवाल ने पैरवी की।
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दरअसल, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोहम्मद शब्बीर की बहन रूही बेगम और भाई मोहम्मद आफताब प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। उनके परिचित राधेश्याम श्रीवास को इसकी जानकारी थी। वर्ष 2016 में राधेश्याम ने परिवार को भरोसा दिलाया कि प्रकाश सोनवानी उसकी पहचान का है।
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खुद को मंत्री का पीए बताता था शातिर
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कुछ रकम राधेश्याम को नगद दी गई। कुछ प्रकाश को नगद दिए। कुछ उसके बैंक खाते में जमा कराई गई। जब रिजल्ट आया तो दोनों का चयन नहीं हुआ। परिवार ने राधेश्याम से संपर्क किया तो उसने टालमटोल शुरू कर दी। प्रकाश भी गायब हो गया। तब परिवार को ठगी का अहसास हुआ।
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शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने राधेश्याम और प्रकाश के खिलाफ धारा 420, 34 के तहत केस दर्ज किया। जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश की। राधेश्याम ने 6 लाख वापस कर समझौता कर लिया। इस पर उसके खिलाफ मामला खत्म हो गया। कोर्ट ने प्रकाश को दोषी पाया। 3 साल सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पूजा अग्रवाल ने पैरवी की।
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