समझें क्या है पूरा मामला
Bhilai। बीएसपी स्क्रैप चोरी मामले में आखिरकार पुलिस का शिकंजा सत्ता से जुड़े चेहरे तक पहुंच गया। रसूखदार कारोबारी और बीजेपी नेता भास्कर मुदलियार को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह वैशाली नगर मंडल का कोषाध्यक्ष भी था। गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों के भीतर भारतीय जनता पार्टी ने भी कार्रवाई करते हुए उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। लंबे समय से चर्चाओं में रहे इस मामले में अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है या फिर पूरे सिंडिकेट तक जांच पहुंचेगी।
डस्ट की आड़, स्क्रैप का खेल
पुलिस जांच के मुताबिक, भास्कर मुदलियार की गाड़ियां मुख्य आरोपी संजय सिंह के जरिए भिलाई स्टील प्लांट में फ्लू डस्ट के परिवहन के लिए लगी थीं। आरोप है कि इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर फ्लू डस्ट की आड़ में कीमती लौह स्क्रैप बाहर निकाला जा रहा था। शुरुआती पूछताछ में मुदलियार से सवाल किए गए थे, लेकिन तब गिरफ्तारी नहीं हुई थी। अब जांच में मिले नए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उन्हें भी आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया।
26 मई की रेड से खुला राज
पूरा मामला 26 मई 2026 को सामने आया था, जब पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह खदानपारा स्थित एके ट्रेडर्सऔर हथखोज के प्लॉट नंबर-18 पर छापा मारा था। कार्रवाई में फ्लू डस्ट के बीच छिपाकर रखी गई लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग सामग्री बरामद हुई थी। पुलिस ने करीब 250 टन लौह स्क्रैप जब्त किया था। साथ ही हाईवा, ट्रक, जेसीबी, हाईड्रा समेत कई मशीनें भी जब्त हुई थीं। जब्त सामग्री और वाहनों की कुल कीमत लगभग 3.22 करोड़ रुपए आंकी गई थी, जिसमें करीब 90 लाख रुपए का स्क्रैप शामिल था।
बीजेपी ने भी बनाया दूरी
भास्कर मुदलियार वैशालीनगर बीजेपी मंडल का कोषाध्यक्ष था। गिरफ्तारी के बाद पार्टी ने मुगदलियार को 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया। पार्टी का यह फैसला यह संदेश देने की कोशिश माना जा रहा है कि भ्रष्टाचार और आपराधिक मामलों में संगठन किसी तरह की नरमी नहीं बरतेगा। हालांकि विपक्ष इसे देर से उठाया गया कदम बताकर सरकार को घेर रहा है।
10 हजार करोड़ के आरोपों की गूंज
बीएसपी में स्क्रैप चोरी का मामला पहले भी कई बार राजनीतिक विवाद का विषय बन चुका है। वैशालीनगर से बीजेपी विधायक रिकेश सेन लगातार दावा करते रहे हैं कि भिलाई स्टील प्लांट में वर्षों से संगठित तरीके से स्क्रैप चोरी हो रही है। उन्होंने इस कथित घोटाले को करीब 10 हजार करोड़ रुपए का बताते हुए राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक शिकायत भेजी है। रिकेश सेन ने केंद्रीय इस्पात मंत्रालय, जांच एजेंसियों और अन्य सक्षम प्राधिकारियों से पूरे नेटवर्क की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी की है। उनका आरोप है कि बिना अंदरूनी संरक्षण के इतने बड़े स्तर पर स्क्रैप चोरी संभव नहीं है।
पहले भी उठते रहे सवाल
भिलाई स्टील प्लांट में स्क्रैप की हेराफेरी और अवैध निकासी को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। अतीत में भी कई बार प्लांट से निकलने वाले कबाड़, फ्लू डस्ट और औद्योगिक अपशिष्ट की आड़ में मूल्यवान लौह सामग्री बाहर ले जाने के आरोप लगे। कई मामलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई भी की, लेकिन बड़े नेटवर्क तक जांच नहीं पहुंचने के आरोप लगातार लगते रहे। यही वजह है कि हर नई कार्रवाई के साथ पुराने मामलों की भी चर्चा फिर तेज हो जाती है।
अब बड़े चेहरों पर नजर
भास्कर मुदलियार की गिरफ्तारी और पार्टी से निष्कासन के बाद जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था, स्क्रैप की खरीद-बिक्री का पैसा किसके पास पहुंचता था और प्लांट के भीतर किस स्तर तक मिलीभगत थी। राजनीतिक गलियारों में भी यही सवाल गूंज रहा है कि क्या जांच सिर्फ कुछ गिरफ्तारियों तक सीमित रहेगी या फिर बीएसपी के कथित स्क्रैप सिंडिकेट की पूरी परतें खुलेंगी।
यह खबरें भी पढ़े...
BSP से करोड़ों के स्क्रैप चोरी मामले में 16वां आरोपी गिरफ्तार, लोडर जब्तभिलाई स्टील प्लांट स्क्रैप चोरी : लाखों के जेवर और करोड़ों के दस्तावेज मिलेबीजेपी नेताओं पर भी दर्ज होगी एफआईआर, पुलिसिया भरोसे पर धरना समाप्तBSP स्क्रैप चोरी कांड : BJP नेता भास्कर मुदलियार गिरफ्तार