CGPSC घोटाले की जांच करेगी CBI, सिलेक्शन List में भाई-भतीजावाद का आरोप
Sandeep Kumar | Mar 06, 2024, 16:47 IST
बहुचर्चित सीजीपीएससी भर्ती घोटाले की जांच CBI करेगी
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य सिविल सेवा भर्ती परीक्षा में हुए घोटाले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंप दी है। इस संबंध में सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। सीजीपीएससी भर्ती में उपजे विवादों के बाद बीजेपी ने शिकायत दर्ज कराई थी ।
RAIPUR. छत्तीसगढ़ सरकार ने बहुचर्चित सीजीपीएससी (CGPSC ) भर्ती घोटाला की जांच को राज्य सरकार ने केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ( CBI ) को सौंप दिया है। इसको लेकर सरकार ने अधिसूचना जारी की है। इसमें सरकार ने ईओडब्ल्यू ( EOW ) और एसीबी ( ACB ) में दर्ज एफआईआर के साथ ही पीएससी ( PSC ) घोटाले में दर्ज एक और एफआईआर ( FIR ) को भी सीबीआई ( CBI ) को ट्रांसफर कर दिया है। इसके साथ सीबीआई ( CBI ) को इस मामले की जांच के लिए पूरे छत्तीगसढ़ में कार्रवाई करने की अनुमति भी दे दी गई है।
ये खबर भी पढ़िए...Chhattisgarh में महतारी वंदन योजना का पैसा अब 7 मार्च को नहीं मिलेगा, जानें क्या बोलीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में कथित तौर पर सीजीपीएससी ( CGPSC ) भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत निकलकर सामने आई थी। इसको लेकर तब के तत्कालीन सीजीपीएससी ( CGPSC ) के चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी सहित पीएससी के कई अफसरों के खिलाफ नामजद FIR कराई गई हैं। सोनवानी पर आरोप है कि भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी करके अन्य अफसरों और नेताओं के रिश्तेदारों को नौकरी दी है। वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान यह बड़ा मुद्दा बना था। तब बीजेपी ने सरकार बनने पर इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की घोषणा की थी।
ये खबर भी पढ़िए...Durg में धरने पर किसान, जबरन जमीन खोदने का जता रहे विरोध
बीजेपी ( BJP ) की सरकार बनने के बाद इसी वर्ष 3 जनवरी को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस मामले को सीबीआई ( CBI ) को सौंपने का फैसला हुआ था। वहीं सीजी पीएससी ( CGPSC ) भर्ती घोटाले को लेकर राज्य में 2 एफआईआर ( FIR ) दर्ज कराई गई हैं। एक एफआईआर शासन के निर्देश पर एसीबी-ईओडब्ल्यू ( ACB-EOW ) ने दर्ज की है। वहीं, दूसरी एफआईआर बालोद जिला के अर्जुंदा थाने में दर्ज हुई है। गृह विभाग से जारी अधिसूचना में दोनों ही मामलों की जांच सीबीआई को सौंपने की जानकारी दी गई है।
ये खबर भी पढ़िए...Chhattisgarh में ACB-EOW में बड़ा फेरबदल, सारे घर के ही बदल डाले
एसीबी-ईओडब्ल्यू ( ACB-EOW ) दर्ज एफआईआर ( FIR ) में आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ( Taman Singh Sonwani ) और तब के तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव ( Jeevan Kishore Dhruv ) के साथ कुछ अफसरों और कांग्रेस नेताओं को आरोपी बना गया है। गृह विभाग से जारी पत्र के आधार पर यह एफआईआर ( FIR ) दर्ज की गई थी। इसमें कहा गया है कि, छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग ( Chhattisgarh State Public Service Commission ) द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षा वर्ष 2021 जो 170 पदों के लिए ली गई थी और जिसके परिणाम 11 मई 2021 को जारी किए जाने के पश्चात् राज्य लोकसेवा आयोग पर अनियमितता एवं भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए ननकीराम कंवर व अन्य के माध्यमों से शिकायतें प्राप्त हुई थी।
ये खबर भी पढ़िए...महादेव सट्टा एप: ED ने कहा ब्लैक के 5000 करोड़ शेयर मार्केट में लगाए
ये खबर भी पढ़िए...Chhattisgarh में महतारी वंदन योजना का पैसा अब 7 मार्च को नहीं मिलेगा, जानें क्या बोलीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
भूपेश सरकार में हुआ था घोटाला
छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में कथित तौर पर सीजीपीएससी ( CGPSC ) भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत निकलकर सामने आई थी। इसको लेकर तब के तत्कालीन सीजीपीएससी ( CGPSC ) के चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी सहित पीएससी के कई अफसरों के खिलाफ नामजद FIR कराई गई हैं। सोनवानी पर आरोप है कि भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी करके अन्य अफसरों और नेताओं के रिश्तेदारों को नौकरी दी है। वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान यह बड़ा मुद्दा बना था। तब बीजेपी ने सरकार बनने पर इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की घोषणा की थी।
ये खबर भी पढ़िए...Durg में धरने पर किसान, जबरन जमीन खोदने का जता रहे विरोध
बीजेपी ने की थी जांच कराने की घोषणा
बीजेपी ( BJP ) की सरकार बनने के बाद इसी वर्ष 3 जनवरी को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस मामले को सीबीआई ( CBI ) को सौंपने का फैसला हुआ था। वहीं सीजी पीएससी ( CGPSC ) भर्ती घोटाले को लेकर राज्य में 2 एफआईआर ( FIR ) दर्ज कराई गई हैं। एक एफआईआर शासन के निर्देश पर एसीबी-ईओडब्ल्यू ( ACB-EOW ) ने दर्ज की है। वहीं, दूसरी एफआईआर बालोद जिला के अर्जुंदा थाने में दर्ज हुई है। गृह विभाग से जारी अधिसूचना में दोनों ही मामलों की जांच सीबीआई को सौंपने की जानकारी दी गई है।
ये खबर भी पढ़िए...Chhattisgarh में ACB-EOW में बड़ा फेरबदल, सारे घर के ही बदल डाले
किसके नाम है FIR ?
एसीबी-ईओडब्ल्यू ( ACB-EOW ) दर्ज एफआईआर ( FIR ) में आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ( Taman Singh Sonwani ) और तब के तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव ( Jeevan Kishore Dhruv ) के साथ कुछ अफसरों और कांग्रेस नेताओं को आरोपी बना गया है। गृह विभाग से जारी पत्र के आधार पर यह एफआईआर ( FIR ) दर्ज की गई थी। इसमें कहा गया है कि, छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग ( Chhattisgarh State Public Service Commission ) द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षा वर्ष 2021 जो 170 पदों के लिए ली गई थी और जिसके परिणाम 11 मई 2021 को जारी किए जाने के पश्चात् राज्य लोकसेवा आयोग पर अनियमितता एवं भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए ननकीराम कंवर व अन्य के माध्यमों से शिकायतें प्राप्त हुई थी।
ये खबर भी पढ़िए...महादेव सट्टा एप: ED ने कहा ब्लैक के 5000 करोड़ शेयर मार्केट में लगाए
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA