भू-माफिया गैंग सक्रिय: नकली जाति पत्र और उम्र बदलकर की जमीन धोखाधड़ी

thesootr Desk | Mar 23, 2026, 16:26 IST
Cg Bilaspur Land Mafia Racket Fake Registry Executed
बिलासपुर में भू-माफियाओं ने मृत बुजुर्ग को जिंदा दिखाकर और उम्र-जाति बदलकर फर्जी दस्तावेजों से जमीन हड़प ली। मामले का खुलासा होने पर प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी है।

NEWS IN SHORT

  • मृत व्यक्ति को जिंदा दिखाकर जमीन हड़पने का सनसनीखेज मामला
  • 95 साल के बुजुर्ग को 46 साल का बनाकर की गई फर्जी रजिस्ट्री
  • भू-माफियाओं का बड़ा खेल: जाति बदलकर कब्जाई जमीन
  • राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर से खुला जमीन घोटाला
  • बिलासपुर में फर्जी दस्तावेजों से जमीन कब्जा, जांच शुर

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में भू-माफियाओं द्वारा जमीन हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिरगिट्टी क्षेत्र में कूटरचना कर 95 साल के मृत बुजुर्ग को न केवल जीवित दिखाया गया, बल्कि उसकी उम्र घटाकर 46 साल कर दी गई और जाति भी बदल दी गई। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई।



पैतृक जमीन पर फर्जी नामांतरण

मामला सिरगिट्टी क्षेत्र का है, जहां मिसल 1928 और भू-अभिलेख रिकॉर्ड में कौशल प्रसाद और उसके तीन भाइयों के नाम पर करीब 30 डिसमिल जमीन दर्ज है। इस जमीन पर एडवोकेट राजीव दुबे का कब्जा है, लेकिन वर्षों से न तो फौती कटी और न ही नामांतरण हुआ। साल 2022 में अचानक राजस्व रिकॉर्ड में यह जमीन कौशल प्रसाद सूर्यवंशी (46) के नाम पर दर्ज हो गई। यह देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए।



फर्जी दस्तावेजों से की गई रजिस्ट्री

जांच में सामने आया कि कौशल प्रसाद सूर्यवंशी नामक व्यक्ति ने खुद को असली मालिक बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए जमीन रमेश पांडेय को बेच दी।



एसडीएम ने शुरू की जांच

मामले की शिकायत मिलने पर एसडीएम मनीष साहू ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है। उन्होंने केस को पुनरीक्षण में लेते हुए तहसीलदार को जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि जांच पूरी होने के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी।



शहर में सक्रिय है भू-माफिया गैंग

एसडीएम के मुताबिक, इस तरह के दर्जनभर मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें मृत व्यक्तियों को जीवित या जीवित लोगों को मृत बताकर जमीन हड़पी गई है।



अन्य मामलों का भी खुलासा

  • शांति नगर में अनिल तिवारी की जमीन फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरे नाम कर दी गई और फिर बेच दी गई।
  • तोरवा क्षेत्र में एक दंपति को मृत बताकर उनकी जमीन का नामांतरण कर बेच दिया गया।

अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका

इन मामलों में पटवारी और राजस्व निरीक्षकों (आरआई) की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि भू-माफिया पहले ऐसी जमीनों की पहचान करते हैं जिनका लंबे समय से लेन-देन नहीं हुआ या जिनका कोई वारिस नहीं है, फिर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्जा कर लेते हैं।



सख्त कार्रवाई के संकेत

एसडीएम मनीष साहू ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



निष्कर्ष

बिलासपुर में सामने आए इस मामले ने राजस्व व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भू-माफियाओं का यह सुनियोजित नेटवर्क प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।



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