वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने पेश किया छत्तीसगढ़ का ₹1.72 लाख करोड़ का बजट
Rajesh Lahoti | Feb 24, 2026, 15:46 IST
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वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने 24 फरवरी को बजट 2026-27 पेश किया। बजट का कुल आकार 1 लाख 72 हजार करोड़ रूपए है। इस बजट की थीम ‘SANKALP’ है, जिसमें समावेशी विकास, अधोसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, आजीविका और पॉलिसी से परिणाम तक शामिल हैं।
Raipur. छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। इस बजट का कुल आकार 1 लाख 72 हजार करोड़ रूपए है, जो राज्य के गठन के समय के बजट से 35 गुना बड़ा है।
इस बजट की मुख्य थीम 'SANKALP' रखी गई है, जिसका अर्थ है: S-समावेशी विकास, A-अधोसंरचना, N-निवेश, K-कुशल मानव संसाधन, A-अंत्योदय, L-लाइवलीहुड (आजीविका), और P-पॉलिसी से परिणाम तक।
* नक्सलवाद का अंत और बस्तर का विकास: गृहमंत्री अमित शाह के मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के संकल्प को दोहराते हुए, बजट में बस्तर के विकास पर विशेष जोर दिया गया है।
* एजुकेशन सिटी: अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ की लागत से 'एजुकेशन सिटी' बनाई जाएगी。
* बस्तर ओलंपिक: बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के लिए 5-5 करोड़ का प्रावधान है。
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ बजटसत्र 2026 शुरू, एक साल बाद सदन लौटे कवासी लखमा, विधायकों ने गले लगाकर किया स्वागत
* नारी शक्ति और बाल विकास:
* महतारी वंदन योजना: इस योजना के लिए 8,200 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। अब तक 70 लाख महिलाओं को 14 हजार करोड़ से अधिक की राशि दी जा चुकी है।
* रानी दुर्गावती योजना: बालिकाओं के जन्म पर उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने के लिए यह योजना शुरू की जा रही है, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु होने पर 1.5 लाख रूपए दिए जाएंगे।
* लखपति दीदी: राज्य में 5 लाख महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। उनके अनुभव विस्तार के लिए 'लखपति दीदी भ्रमण योजना' शुरू की जाएगी।
* शिक्षा और स्वास्थ्य:
* नए मेडिकल कॉलेज: दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम में नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए 50 करोड़ का प्रावधान है।
* CGIT की स्थापना: रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में नए 'छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' (CGIT) खोले जाएंगे।
* आयुष्मान योजना: शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के लिए 1,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
ये खबर भी पढ़ें... हंगामे के बीच शुरू हुआ विधानसभा का बजट सत्र, अभिभाषण में भागीरथपुरा का जिक्र ही नहीं
* किसान और ग्रामीण विकास:
* कृषक उन्नति योजना: इस योजना के लिए 10,000 करोड़ रूपए का प्रावधान है。
* ब्याज मुक्त ऋण: किसानों को बिना ब्याज के ऋण देने के लिए 300 करोड़ का बजट रखा गया है。
* सिंचाई: इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगाँव में 2,024 करोड़ की लागत से बैराज और 68 किमी लंबी नहर का निर्माण होगा, जिससे 32 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी।
* इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी:
* द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना: आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाली 36 सड़कों के उन्नयन के लिए 200 करोड़ का शुरुआती प्रावधान है।
* मेट्रो रेल: स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) में मेट्रो रेल परियोजना के लिए सर्वे एजेंसी का चयन कर लिया गया है और बजट में राशि आवंटित की गई है。
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ का बजट सत्र: बच्चियों को मिलेंगे डेढ़-लाख रूपए, किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज, डॉक्टरों की होगी बंपर भर्ती
* धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन:
* शक्तिपीठ सर्किट: कुदरगढ़, डोंगरगढ़, रतनपुर, चंद्रपुर और दंतेवाड़ा को शक्तिपीठ सर्किट के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही 'छत्तीसगढ़ आस्था पथ' (शक्तिपीठ भ्रमण) योजना के लिए 5 करोड़ का प्रावधान है।
* राम वन गमन: माता राजिम की भव्य कांस्य प्रतिमा स्थापित करने के लिए 5 करोड़ दिए जाएंगे।
यह बजट (CG Budget Session) 2047 तक 'विकसित छत्तीसगढ़' के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
* प्रावधान राशि: ₹10,000 करोड़।
* उद्देश्य: धान खरीदी के साथ-साथ फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को बढ़ावा देना。
* फायदे: इस योजना में अब धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों को भी शामिल किया गया है, जिससे किसानों को अन्य फसलों पर भी लाभ मिलेगा।
* प्रावधान राशि: ₹300 करोड़।
* उद्देश्य: किसानों को खेती के लिए आवश्यक कार्यशील पूंजी (Working Capital) बिना किसी ब्याज के बोझ के उपलब्ध कराना。
* फायदे: इससे किसानों को साहूकारों के चंगुल से मुक्ति मिलेगी और वे समय पर खाद, बीज व अन्य कृषि इनपुट खरीद सकेंगे。
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से, 20 मार्च तक होंगी 15 बैठकें
* प्रावधान राशि: ₹6,000 करोड़ (मार्कफेड के लिए)।
* विवरण: खरीफ सीजन 2025-26 में 142 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है।
* फायदे: पिछले तीन वर्षों में रिकॉर्ड 437 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी से किसानों के खातों में ₹1.40 लाख करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया है। बजट में राशि के आवंटन से सुचारू भुगतान सुनिश्चित होगा।
* इंद्रावती बैराज व नहर परियोजना (मटनार और देऊरगाँव): ₹2,024 करोड़ की लागत से निर्माण होगा, जिससे बस्तर में 32 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी।
* सिकासार-कोडार लिंक नहर परियोजना: ₹3,047 करोड़ की मंजूरी दी गई है, जिसका लाभ मैदानी छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलेगा。
* अन्य परियोजनाएं: कांकेर में मेढकी बैराज (₹400 करोड़), बीजापुर में मट्टीमारका डायवर्सन (₹110 करोड़) और बस्तर में महादेवघाट बैराज (₹100 करोड़) का प्रावधान है।
* फायदे: सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसान साल में दो से तीन फसलें ले सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी。
* गन्ना उत्पादक किसान: ₹60 करोड़ का प्रोत्साहन राशि प्रावधान।
* राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (Natural Farming): ₹40 करोड़ का प्रावधान।
* खाद्य तेल और दलहन मिशन: राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल के लिए ₹90 करोड़ और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए भी विशेष आवंटन किया गया है।
* भंडारण सुविधा: सहकारी समितियों को स्वावलंबी बनाने और अनाज भंडारण के लिए 50 नए गोदामों हेतु ₹150 करोड़ का प्रावधान किया गया है。
यह बजट किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने, सिंचाई के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और खेती की लागत कम करने के 'संकल्प' पर आधारित है।
* घोषणा: राज्य में तकनीकी शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने के लिए रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में नए CGIT स्थापित किए जाएंगे। इससे पहले कबीरधाम, जशपुर, रायगढ़ और जगदलपुर में 4 CGIT प्रारंभ किए जा चुके हैं।
* उद्देश्य: राज्य में विश्वस्तरीय तकनीकी मानव संसाधन तैयार करना।
* फायदा: स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा मिलेगी और वे वैश्विक उद्योगों के लिए तैयार हो सकेंगे।
* उद्देश्य: नई पीढ़ी के युवाओं को आधुनिक तकनीक और कौशल से लैस कर उच्च आय वाले रोजगार (High Income Jobs) के लिए तैयार करना।
* कार्यप्रणाली: उद्योगों के साथ मिलकर अप्रेंटिसशिप और प्रशिक्षण की व्यवस्था करना ताकि वर्कफोर्स को सीधे उद्योगों से जोड़ा जा सके।
* फायदा: युवाओं का कौशल केवल क्लासरूम तक सीमित न रहकर बाजार की मांग के अनुरूप विकसित होगा।
* उद्देश्य: उन युवा उद्यमियों को तकनीकी, आर्थिक और संस्थागत सहयोग प्रदान करना जिनके पास नए विचार हैं लेकिन संसाधनों की कमी है।
* फायदा: युवाओं के नए विचारों को 'कॉन्सेप्चुअलाइजेशन' से लेकर 'मार्केटेबल प्रोडक्ट' बनाने तक हैंडहोल्डिंग सपोर्ट दिया जाएगा।
* एजुकेशन सिटी (अबूझमाड़ और जगरगुंडा): इनके लिए ₹100 करोड़ का प्रावधान है। यहाँ स्कूल, आईटीआई और हॉस्टल जैसी सुविधाएं होंगी।
* मेगा परीक्षा केंद्र (रायपुर): ₹25 करोड़ की लागत से रायपुर में एक बड़ा परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन में सुगमता होगी और छात्रों को लाभ मिलेगा।
* बस्तर और सरगुजा ओलंपिक: इन आयोजनों के लिए ₹5-5 करोड़ का प्रावधान किया गया है ताकि वनांचल के युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारा जा सके।
* कौशल विकास : ₹75 करोड़ का प्रावधान।
* ITI और पॉलिटेक्निक का उन्नयन: ₹50 करोड़ का प्रावधान।
* कॉलेज भवन निर्माण: चित्रकोट, भानुप्रतापपुर सहित 25 कॉलेजों के भवन निर्माण हेतु ₹25 करोड़
* विश्वविद्यालयों को अनुदान: कुल ₹731 करोड़, जिसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को ₹250 करोड़ और स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय को ₹50 करोड़ शामिल हैं।
* मेडिकल कॉलेज छात्रावास: रायपुर, राजनांदगांव और आयुर्वेद कॉलेज रायपुर में हॉस्टल निर्माण के लिए ₹35 करोड
इन घोषणाओं का मूल उद्देश्य छत्तीसगढ़ के युवाओं को "कुशल मानव संसाधन" (संकल्प थीम का 'K') के रूप में विकसित करना है।
* प्रावधान राशि: ₹8,200 करोड़।
* उद्देश्य: छत्तीसगढ़ की नारी शक्ति को सामाजिक और आर्थिक पहचान दिलाना।
* विवरण व फायदे: इस योजना के तहत अब तक राज्य की 70 लाख माताओं-बहनों को 24 किस्तों में ₹14,000 करोड़ से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में जारी की जा चुकी है। बजट में इसके निरंतर संचालन के लिए भारी भरकम राशि का आवंटन किया गया है।
* प्रावधान राशि: ₹15 करोड़।
* उद्देश्य: बालिकाओं के जन्म पर उन्हें गरिमामयी आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना।
* फायदे: इस योजना के माध्यम से बालिका (नोनी) के 18 वर्ष पूर्ण होने पर उसे ₹1.5 लाख दिए जाएंगे।
* उद्देश्य: सफल महिला उद्यमियों (लखपति दीदियों) के व्यावसायिक और आर्थिक अनुभव का विस्तार करना।
* विवरण व फायदे: छत्तीसगढ़ में लगभग 5 लाख महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। इस नई योजना के तहत उन्हें देश-प्रदेश के विभिन्न व्यावसायिक केंद्रों और शक्तिपीठों का भ्रमण कराया जाएगा, ताकि वे नई चीजें सीख सकें।
* प्रावधान राशि: ₹75 करोड़।
* उद्देश्य: महिलाओं के बैठने, चर्चा करने और सामुदायिक गतिविधियों के लिए एक समर्पित स्थान उपलब्ध कराना।
* विवरण: प्रदेश में 250 महतारी सदन बनाने का प्रावधान किया गया है।
* पूरक पोषण आहार योजना: ₹650 करोड़ का प्रावधान।
* प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: ₹120 करोड़ का प्रावधान।
* आंगनबाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण: ₹800 करोड़ आंगनबाड़ियों के संचालन के लिए और ₹42 करोड़ नए केंद्रों (शहरी क्षेत्रों में 250 और ग्रामीण क्षेत्रों में 500) के निर्माण के लिए आवंटित किए गए हैं।
* शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान योजना: ₹1,500 करोड़ का प्रावधान। इसके तहत महिलाओं सहित सभी नागरिकों को ₹5 लाख तक का निःशुल्क इलाज सरकारी और निजी अस्पतालों में मिलेगा।
* मितानीन कल्याण निधि: ₹350 करोड़ का प्रावधान।
* हॉस्टल निर्माण: रायपुर, राजनांदगांव के मेडिकल कॉलेज और आयुर्वेद कॉलेज रायपुर में महिला छात्रों और इंटर्न्स के लिए छात्रावास निर्माण हेतु ₹35 करोड़ का प्रावधान है।
* छत्तीसगढ़ आस्था पथ: शक्तिपीठ सर्किट (कुदरगढ़, डोंगरगढ़, रतनपुर, चंद्रपुर और दंतेवाड़ा) के भ्रमण के लिए ₹5 करोड़ का प्रावधान, जिसका लाभ धार्मिक भावनाओं से जुड़ी महिलाओं को विशेष रूप से होगा।
यह बजट महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें "लखपति दीदी" के रूप में उद्यमी बनाने और बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के "संकल्प" पर आधारित है।
इस बजट की मुख्य थीम 'SANKALP' रखी गई है, जिसका अर्थ है: S-समावेशी विकास, A-अधोसंरचना, N-निवेश, K-कुशल मानव संसाधन, A-अंत्योदय, L-लाइवलीहुड (आजीविका), और P-पॉलिसी से परिणाम तक।
बजट 2026-27 की बड़ी घोषणाएं और मुख्य बिंदु:
* एजुकेशन सिटी: अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ की लागत से 'एजुकेशन सिटी' बनाई जाएगी。
* बस्तर ओलंपिक: बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के लिए 5-5 करोड़ का प्रावधान है。
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ बजटसत्र 2026 शुरू, एक साल बाद सदन लौटे कवासी लखमा, विधायकों ने गले लगाकर किया स्वागत
* नारी शक्ति और बाल विकास:
* महतारी वंदन योजना: इस योजना के लिए 8,200 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। अब तक 70 लाख महिलाओं को 14 हजार करोड़ से अधिक की राशि दी जा चुकी है।
* रानी दुर्गावती योजना: बालिकाओं के जन्म पर उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने के लिए यह योजना शुरू की जा रही है, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु होने पर 1.5 लाख रूपए दिए जाएंगे।
* लखपति दीदी: राज्य में 5 लाख महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। उनके अनुभव विस्तार के लिए 'लखपति दीदी भ्रमण योजना' शुरू की जाएगी।
* शिक्षा और स्वास्थ्य:
* नए मेडिकल कॉलेज: दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम में नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए 50 करोड़ का प्रावधान है।
* CGIT की स्थापना: रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में नए 'छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' (CGIT) खोले जाएंगे।
* आयुष्मान योजना: शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के लिए 1,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
ये खबर भी पढ़ें... हंगामे के बीच शुरू हुआ विधानसभा का बजट सत्र, अभिभाषण में भागीरथपुरा का जिक्र ही नहीं
* किसान और ग्रामीण विकास:
* कृषक उन्नति योजना: इस योजना के लिए 10,000 करोड़ रूपए का प्रावधान है。
* ब्याज मुक्त ऋण: किसानों को बिना ब्याज के ऋण देने के लिए 300 करोड़ का बजट रखा गया है。
* सिंचाई: इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगाँव में 2,024 करोड़ की लागत से बैराज और 68 किमी लंबी नहर का निर्माण होगा, जिससे 32 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी।
* इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी:
* द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना: आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाली 36 सड़कों के उन्नयन के लिए 200 करोड़ का शुरुआती प्रावधान है।
* मेट्रो रेल: स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) में मेट्रो रेल परियोजना के लिए सर्वे एजेंसी का चयन कर लिया गया है और बजट में राशि आवंटित की गई है。
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ का बजट सत्र: बच्चियों को मिलेंगे डेढ़-लाख रूपए, किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज, डॉक्टरों की होगी बंपर भर्ती
* धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन:
* शक्तिपीठ सर्किट: कुदरगढ़, डोंगरगढ़, रतनपुर, चंद्रपुर और दंतेवाड़ा को शक्तिपीठ सर्किट के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही 'छत्तीसगढ़ आस्था पथ' (शक्तिपीठ भ्रमण) योजना के लिए 5 करोड़ का प्रावधान है।
* राम वन गमन: माता राजिम की भव्य कांस्य प्रतिमा स्थापित करने के लिए 5 करोड़ दिए जाएंगे।
यह बजट (CG Budget Session) 2047 तक 'विकसित छत्तीसगढ़' के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
किसानों को क्या मिला …
1. कृषक उन्नति योजना
* उद्देश्य: धान खरीदी के साथ-साथ फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को बढ़ावा देना。
* फायदे: इस योजना में अब धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों को भी शामिल किया गया है, जिससे किसानों को अन्य फसलों पर भी लाभ मिलेगा।
2. ब्याज मुक्त कृषि ऋण (Interest-Free Loans)
* उद्देश्य: किसानों को खेती के लिए आवश्यक कार्यशील पूंजी (Working Capital) बिना किसी ब्याज के बोझ के उपलब्ध कराना。
* फायदे: इससे किसानों को साहूकारों के चंगुल से मुक्ति मिलेगी और वे समय पर खाद, बीज व अन्य कृषि इनपुट खरीद सकेंगे。
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से, 20 मार्च तक होंगी 15 बैठकें
3. धान खरीदी और मार्कफेड (MARKFED) को सहायता
* विवरण: खरीफ सीजन 2025-26 में 142 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है।
* फायदे: पिछले तीन वर्षों में रिकॉर्ड 437 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी से किसानों के खातों में ₹1.40 लाख करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया है। बजट में राशि के आवंटन से सुचारू भुगतान सुनिश्चित होगा।
4. सिंचाई सुविधाओं का विस्तार (बस्तर और मैदानी क्षेत्र)
* सिकासार-कोडार लिंक नहर परियोजना: ₹3,047 करोड़ की मंजूरी दी गई है, जिसका लाभ मैदानी छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलेगा。
* अन्य परियोजनाएं: कांकेर में मेढकी बैराज (₹400 करोड़), बीजापुर में मट्टीमारका डायवर्सन (₹110 करोड़) और बस्तर में महादेवघाट बैराज (₹100 करोड़) का प्रावधान है।
* फायदे: सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसान साल में दो से तीन फसलें ले सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी。
5. अन्य विशिष्ट मिशन और सहायता
* राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (Natural Farming): ₹40 करोड़ का प्रावधान।
* खाद्य तेल और दलहन मिशन: राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल के लिए ₹90 करोड़ और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए भी विशेष आवंटन किया गया है।
* भंडारण सुविधा: सहकारी समितियों को स्वावलंबी बनाने और अनाज भंडारण के लिए 50 नए गोदामों हेतु ₹150 करोड़ का प्रावधान किया गया है。
यह बजट किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने, सिंचाई के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और खेती की लागत कम करने के 'संकल्प' पर आधारित है।
युवाओं को क्या मिला बजट में …
1. छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (CGIT) की स्थापना
* उद्देश्य: राज्य में विश्वस्तरीय तकनीकी मानव संसाधन तैयार करना।
* फायदा: स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा मिलेगी और वे वैश्विक उद्योगों के लिए तैयार हो सकेंगे।
2. मिशन निपुण (NIPUN)
* कार्यप्रणाली: उद्योगों के साथ मिलकर अप्रेंटिसशिप और प्रशिक्षण की व्यवस्था करना ताकि वर्कफोर्स को सीधे उद्योगों से जोड़ा जा सके।
* फायदा: युवाओं का कौशल केवल क्लासरूम तक सीमित न रहकर बाजार की मांग के अनुरूप विकसित होगा।
3. मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना
* फायदा: युवाओं के नए विचारों को 'कॉन्सेप्चुअलाइजेशन' से लेकर 'मार्केटेबल प्रोडक्ट' बनाने तक हैंडहोल्डिंग सपोर्ट दिया जाएगा।
4. शिक्षा और खेल अधोसंरचना
* मेगा परीक्षा केंद्र (रायपुर): ₹25 करोड़ की लागत से रायपुर में एक बड़ा परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन में सुगमता होगी और छात्रों को लाभ मिलेगा।
* बस्तर और सरगुजा ओलंपिक: इन आयोजनों के लिए ₹5-5 करोड़ का प्रावधान किया गया है ताकि वनांचल के युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारा जा सके।
5. उच्च और तकनीकी शिक्षा हेतु बजट आवंटन
* ITI और पॉलिटेक्निक का उन्नयन: ₹50 करोड़ का प्रावधान।
* कॉलेज भवन निर्माण: चित्रकोट, भानुप्रतापपुर सहित 25 कॉलेजों के भवन निर्माण हेतु ₹25 करोड़
* विश्वविद्यालयों को अनुदान: कुल ₹731 करोड़, जिसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को ₹250 करोड़ और स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय को ₹50 करोड़ शामिल हैं।
* मेडिकल कॉलेज छात्रावास: रायपुर, राजनांदगांव और आयुर्वेद कॉलेज रायपुर में हॉस्टल निर्माण के लिए ₹35 करोड
इन घोषणाओं का मूल उद्देश्य छत्तीसगढ़ के युवाओं को "कुशल मानव संसाधन" (संकल्प थीम का 'K') के रूप में विकसित करना है।
महिलाओं के लिए प्रमुख घोषणाओं का विवरण नीचे दिया गया है:
1. महतारी वंदन योजना
* उद्देश्य: छत्तीसगढ़ की नारी शक्ति को सामाजिक और आर्थिक पहचान दिलाना।
* विवरण व फायदे: इस योजना के तहत अब तक राज्य की 70 लाख माताओं-बहनों को 24 किस्तों में ₹14,000 करोड़ से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में जारी की जा चुकी है। बजट में इसके निरंतर संचालन के लिए भारी भरकम राशि का आवंटन किया गया है।
2. रानी दुर्गावती योजना (नई घोषणा)
* उद्देश्य: बालिकाओं के जन्म पर उन्हें गरिमामयी आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना।
* फायदे: इस योजना के माध्यम से बालिका (नोनी) के 18 वर्ष पूर्ण होने पर उसे ₹1.5 लाख दिए जाएंगे।
3. लखपति दीदी भ्रमण योजना
* विवरण व फायदे: छत्तीसगढ़ में लगभग 5 लाख महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। इस नई योजना के तहत उन्हें देश-प्रदेश के विभिन्न व्यावसायिक केंद्रों और शक्तिपीठों का भ्रमण कराया जाएगा, ताकि वे नई चीजें सीख सकें।
4. महतारी सदन का निर्माण
* उद्देश्य: महिलाओं के बैठने, चर्चा करने और सामुदायिक गतिविधियों के लिए एक समर्पित स्थान उपलब्ध कराना।
* विवरण: प्रदेश में 250 महतारी सदन बनाने का प्रावधान किया गया है।
5. पोषण और स्वास्थ्य सुरक्षा
* प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: ₹120 करोड़ का प्रावधान।
* आंगनबाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण: ₹800 करोड़ आंगनबाड़ियों के संचालन के लिए और ₹42 करोड़ नए केंद्रों (शहरी क्षेत्रों में 250 और ग्रामीण क्षेत्रों में 500) के निर्माण के लिए आवंटित किए गए हैं।
* शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान योजना: ₹1,500 करोड़ का प्रावधान। इसके तहत महिलाओं सहित सभी नागरिकों को ₹5 लाख तक का निःशुल्क इलाज सरकारी और निजी अस्पतालों में मिलेगा।
* मितानीन कल्याण निधि: ₹350 करोड़ का प्रावधान।
6. उच्च शिक्षा और अन्य सुविधाएं
* छत्तीसगढ़ आस्था पथ: शक्तिपीठ सर्किट (कुदरगढ़, डोंगरगढ़, रतनपुर, चंद्रपुर और दंतेवाड़ा) के भ्रमण के लिए ₹5 करोड़ का प्रावधान, जिसका लाभ धार्मिक भावनाओं से जुड़ी महिलाओं को विशेष रूप से होगा।
यह बजट महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें "लखपति दीदी" के रूप में उद्यमी बनाने और बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के "संकल्प" पर आधारित है।
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