कबाड़ से कमाल : छत्तीसगढ़ की बेटियों ने बनाए स्मार्ट गैजेट, जानें खासियत
Umeshwari Baghel | Aug 23, 2026, 21:39 IST
बिलासपुर की बेटियों की बड़ी खोज
छत्तीसगढ़ की दो छात्राओं ने कबाड़ और कम लागत से अनोखे गैजेट बनाए हैं। रेणुका का सेंसर सिस्टम दीवारों पर थूकने वालों को अलर्ट करेगा, जबकि तृषा का स्मार्ट बैग बारिश में खुद छाता खोल देगा। दोनों के मॉडल इंस्पायर अवॉर्ड में चयनित हुए हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- छत्तीसगढ़ की बेटियों का कमाल, कबाड़ से बनाए स्मार्ट गैजेट
- दीवार पर थूकते ही बजेगा अलार्म, बारिश में खुद खुलेगा छाता
- गांव की छात्राओं ने कम लागत में तैयार किए अनोखे मॉडल
- रेणुका और तृषा के इनोवेशन को मिला राष्ट्रीय स्तर का मौका
- कबाड़ से तकनीक तक का सफर, बेटियों ने दिखाया हुनर
बिलासपुर जिले के देवरी खुर्द और बिजौर गांव की रहने वाली छात्राओं ने ऐसे उपकरण बनाए हैं, जो रोजमर्रा की परेशानियों को तकनीक के जरिए दूर करने का प्रयास करते हैं। दोनों छात्राओं के इनोवेशन का चयन भारत सरकार की इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना के तहत किया गया है।
दीवार पर थूकने वालों को रोकेगा सेंसर
इस डिवाइस में सेंसर लगाया गया है। जैसे ही कोई व्यक्ति दीवार पर थूकने की कोशिश करेगा, सेंसर सक्रिय होकर अलार्म बजा देगा। इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना और लोगों को गंदगी फैलाने से रोकना है।
रेणुका का यह मॉडल कम लागत में तैयार किया गया है। इसमें ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसे आगे और बेहतर बनाया जा सकता है।
बिलासपुर की बेटियों की बड़ी खोज
बारिश में खुद खुलेगा स्मार्ट बैग का छाता
बारिश की बूंद पड़ते ही यह सेंसर काम करता है और बैग से जुड़ा छोटा छाता अपने आप खुल जाता है। इससे बच्चों का सामान भी सुरक्षित रहेगा और उन्हें बारिश से भी बचाव मिलेगा।
इंस्पायर अवॉर्ड में प्रदेश के 20 मॉडल में चयन
राष्ट्रीय स्तर की तैयारी में जुटीं छात्राएं
ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए बनीं प्रेरणा
बिल्हा ब्लॉक के बीईओ भूपेंद्र कौशिक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं ने सीमित साधनों के बावजूद शानदार वैज्ञानिक सोच दिखाई है। ऐसे प्रयास दूसरे विद्यार्थियों को भी नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित करेंगे।
FAQ
- छत्तीसगढ़ की छात्राओं ने कौन-कौन से गैजेट बनाए हैं?
छात्राओं ने वॉल माउंट स्पिट डिटेक्शन सिस्टम और वेदर गार्ड स्मार्ट बैग बनाया है। पहला सिस्टम थूकने पर अलार्म बजाता है, जबकि दूसरा बारिश में खुद छाता खोल देता है। - इन छात्राओं के मॉडल का चयन किस योजना में हुआ है?
दोनों छात्राओं के मॉडल का चयन भारत सरकार की इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना के तहत प्रदेश के 20 चयनित मॉडलों में हुआ है। - स्मार्ट बैग कैसे काम करता है?
स्मार्ट बैग में लगे सेंसर बारिश की बूंदों को पहचानते हैं। पानी गिरते ही सेंसर सक्रिय होकर बैग से जुड़ा छाता अपने आप खोल देता है।
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