बस्तर से मिट रहा लाल आतंक लेकिन जस का तस है कुपोषण का कलंक, 150 करोड़ खर्च लेकिन नहीं आई कमी
Arun Tiwari | Nov 28, 2025, 20:10 IST
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छत्तीसगढ़ सरकार का इस समय बस्तर पर सबसे ज्यादा फोकस है। बस्तर में जिस तरह से लाल आतंक सिमट रहा है उससे सरकार को वहां पर बेहतर हवा पानी और स्वास्थ्य की उम्मीद जागी है। बस्तर में विकास का पहिया भी तेजी से दौड़ रहा है।
Raipur. छत्तीसगढ़ सरकार का इस समय बस्तर पर सबसे ज्यादा फोकस है। बस्तर में जिस तरह से लाल आतंक सिमट रहा है उससे सरकार को वहां पर बेहतर हवा पानी और स्वास्थ्य की उम्मीद जागी है। बस्तर में विकास का पहिया भी तेजी से दौड़ रहा है। बस्तर के नक्सल प्रभावित जिलों में खासतौर पर नियद नेल्लानार यानी मेरा बेहतर गांव योजना चलाई जा रही है।
इस योजना के तहत बस्तर की बेहतरी के लिए बड़ा फंड खर्च किया जा रहा है। सरकार के सामने इस समय लाल आतंक के बाद बस्तर में सबसे बड़ी चुनौती कुपोषण की है। सरकार यहां पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाकर कुपोषण का कलंक मिटाना चाहती है। कुपोषण के लिए सरकार ने बस्तर में 150 करोड़ रुपए खर्च किए हैं लेकिन इसका कोई खास असर नजर नहीं आया है। सरकार अब इसको सबसे बड़ी चुनौती के रुप में ले रही है।
छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर से लाल आतंक के साथ ही कुपोषण का कलंक मिटाना चाहती है। इसके लिए सरकार की तरफ से मेगा प्लान बनाया जा रहा है। सरकार ने बस्तर में एक साल के मूल्यांकन की रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में कुपोषण पर एक साल में हुए काम का आंकलन कराया गया है। बस्तर,छत्तीसगढ़ का वो इलाका है जहां पर सबसे ज्यादा कुपोषण है। सरकार ने इस समय बस्तर पर खास फोकस किया है। कुपोषण पर नियंत्रण के लिए सरकार ने यहां पर 150 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। लेकिन बस्तर के जिलों में इसका कोई खास असर नजर नहीं आया है। बस्तर के जिलों में 15 से लेकर 32 फीसदी तक कुपोषण है। वहीं छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में स्थिति बेहतर है। वहां पर 6 से 10 फीसदी तक कुपोषण है। अब सरकार बस्तर में कुपोषण की चुनौती से निपटने के लिए बड़ा प्लान तैयार कर रही है।
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बस्तर :
साल 2024 - 15.67
साल 2025 - 15.89
बीजापुर :
साल 2024 - 23.39
साल 2025 - 23.58
दंतेवाड़ा :
साल 2024 - 25.28
साल 2025 - 23.54
कांकेर :
साल 2024 - 15.69
साल 2025 - 15.49
कोंडागांव :
साल 2024 - 17.51
साल 2025 - 16.54
नारायणपुर :
साल 2024 - 25.41
साल 2025 - 25.27
सुकमा :
साल 2024 - 32.01
साल 2025 - 31.95
मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना :
साल 2022-23 - 80 लाख रुपए
साल 2023-24 - 76 लाख रुपए
साल 2024-25 - 23 लाख रुपए
पोषण अभियान :
साल 2022-23 - 54 लाख रुपए
साल 2023-24 - 8 करोड़ रुपए
साल 2024-25 - 7 करोड़ रुपए
पूरक पोषण आहार :
साल 2022-23 - 30 करोड़ रुपए
साल 2023-24 - 29 करोड़ रुपए
साल 2024-25 - 20 करोड़ रुपए
मुख्यमंत्री सुपोषण योजना :
साल 2022-23 - 27 करोड़ रुपए
साल 2023-24 - 27 करोड़ रुपए
साल 2024-25 - 10 करोड़ रुपए
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दुर्ग - 6.67
धमतरी - 8.07
मुंगेली - 8.14
सारंगढ़ - 8.75
जांजगीर - 8.75
सक्ती - 9.27
बिलासपुर -9.39
कोरबा - 10.31
सूरजपुर - 10.78
रायपुर - 13.82
इस योजना के तहत बस्तर की बेहतरी के लिए बड़ा फंड खर्च किया जा रहा है। सरकार के सामने इस समय लाल आतंक के बाद बस्तर में सबसे बड़ी चुनौती कुपोषण की है। सरकार यहां पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाकर कुपोषण का कलंक मिटाना चाहती है। कुपोषण के लिए सरकार ने बस्तर में 150 करोड़ रुपए खर्च किए हैं लेकिन इसका कोई खास असर नजर नहीं आया है। सरकार अब इसको सबसे बड़ी चुनौती के रुप में ले रही है।
कुपोषण के कलंक की चुनौती :
CG News | मुख्यमंत्री जी बताएं, क्या ऐसे खत्म करेंगे कुपोषण ? बच्चों और माताओं की जिंदगी से मत खेलिए
सिस्टम की सुस्ती से एमपी में नौनिहालों पर कुपोषण और बीमारियों की छाया
बस्तर जिले में कुपोषण की स्थिति :
साल 2024 - 15.67
साल 2025 - 15.89
बीजापुर :
साल 2024 - 23.39
साल 2025 - 23.58
दंतेवाड़ा :
साल 2024 - 25.28
साल 2025 - 23.54
कांकेर :
साल 2024 - 15.69
साल 2025 - 15.49
कोंडागांव :
साल 2024 - 17.51
साल 2025 - 16.54
नारायणपुर :
साल 2024 - 25.41
साल 2025 - 25.27
सुकमा :
साल 2024 - 32.01
साल 2025 - 31.95
बस्तर में कुपोषण पर इतना खर्च :
साल 2022-23 - 80 लाख रुपए
साल 2023-24 - 76 लाख रुपए
साल 2024-25 - 23 लाख रुपए
पोषण अभियान :
साल 2022-23 - 54 लाख रुपए
साल 2023-24 - 8 करोड़ रुपए
साल 2024-25 - 7 करोड़ रुपए
पूरक पोषण आहार :
साल 2022-23 - 30 करोड़ रुपए
साल 2023-24 - 29 करोड़ रुपए
साल 2024-25 - 20 करोड़ रुपए
मुख्यमंत्री सुपोषण योजना :
साल 2022-23 - 27 करोड़ रुपए
साल 2023-24 - 27 करोड़ रुपए
साल 2024-25 - 10 करोड़ रुपए
IAS नेहा मीना की अनोखी पहल... कुपोषण काबू करने 'मोटी आई' है और कचरे से बन रहीं कलाकृतियां
दस्तक अभियान में लापरवाहीः कुपोषण ने फिर छीनी मासूम की जान, सीएमएचओ ने जारी किया नोटिस
छत्तीसगढ़ के इन जिलों में कुपोषण की बेहतर स्थिति :
धमतरी - 8.07
मुंगेली - 8.14
सारंगढ़ - 8.75
जांजगीर - 8.75
सक्ती - 9.27
बिलासपुर -9.39
कोरबा - 10.31
सूरजपुर - 10.78
रायपुर - 13.82
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