/sootr/media/media_files/2026/01/23/cg-govt-amends-pg-medical-admission-rules-2025-26-2026-01-23-13-47-47.jpg)
NEWS IN SHORT
- नए PG नियम लागू – आधी सीटें अब सिर्फ छत्तीसगढ़ के छात्रों के लिए।
- राज्य कोटा मजबूत – केवल राज्य में MBBS करने वाले या आदिवासी सेवा वाले योग्य होंगे।
- अखिल भारतीय कोटा – शासकीय कॉलेजों की बाकी 50% सीटें बाहर के छात्रों के लिए खुली रहेंगी।
- प्राइवेट कॉलेज में बदलाव – 50% सीटें राज्य के पात्र छात्रों के लिए आरक्षित, बाकी ओपन मेरिट।
- खाली सीटों का प्रावधान – योग्य अभ्यर्थी न होने पर गैर-राज्य छात्रों को सीटें मिल सकती हैं।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के मेडिकल पीजी पाठ्यक्रमों में एडमिशन को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं। 22 जनवरी 2026 को जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ मेडिकल PG एडमिशन नियम 2025 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। इन संशोधनों का उद्देश्य राज्य के छात्रों को पीजी प्रवेश में अधिक अवसर देना और सीटों के आवंटन को पारदर्शी बनाना है। शासन का दावा है कि नए नियम से पीजी में एडमिशन को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद शांत हो जाएगा।
ये खबर भी पढ़ें... मेडिकल पीजी प्रवेश में मिलेगा 50% आरक्षण, हाईकोर्ट ने बदला अपना पुराना आदेश
क्या कहता है नया नियम
नए नियमों के तहत शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की कुल सीटों में से 50 प्रतिशत सीटें अखिल भारतीय कोटा के लिए आरक्षित रहेंगी। शेष 50 प्रतिशत राज्य कोटा की सीटों पर उन्हीं अभ्यर्थियों को प्रवेश मिलेगा, जिन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग से मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया हो या जो छत्तीसगढ़ राज्य में आदिवासी क्षेत्रों में सेवा दिया हो। इससे राज्य के स्थानीय छात्रों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
ये खबर भी पढ़ें... NEET PG 2025 कट-ऑफ में बड़ा बदलाव, अब -40 अंक वाले भी बनेंगे डॉक्टर
बदलाव पर बवाल के संकेत
पहले छग में शासकीय मेडिकल कॉलेज में पीजी की 50 प्रतिशत सीटें दूसरे राज्यों से पढ़े एमबीबीएस पासआउट के लिए मिलती थी। जबकि प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में उनका हिस्सा नहीं होता था। उनकी 100 प्रतिशत सीट पर राज्य के छात्रों के लिए होती थी। राज्य में संचालित एम्स के एमबीबीएस पासआउट को भी बाहरी के श्रेणी में रखा जाता था। जबकि नए आदेश के मुताबिक वे भी राज्य के कोटे में शामिल किए गए हैं।
50 प्रतिशत सीट पाने की योग्यता
इसी तरह निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की सीटों में भी 50 प्रतिशत सीटें राज्य के पात्र अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित की गई हैं। बची हुई 50 प्रतिशत सीटों को ओपन सीट के रूप में मेरिट के आधार पर भरा जाएगा। इन ओपन सीटों पर वे अभ्यर्थी भी पात्र होंगे, जिन्होंने छत्तीसगढ़ के बाहर से एमबीबीएस किया है। हालांकि, निजी कॉलेजों की ओपन सीटों पर भी राज्य में लागू आरक्षण नियम प्रभावी रहेंगे।
सीटें खाली रहने पर यह नियम
इसके अलावा, यदि शासकीय मेडिकल कॉलेजों में राज्य कोटे की सीटों पर योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होते हैं और सीटें खाली रह जाती हैं, तो काउंसलिंग के अंतिम चरण में इन सीटों को रूपांतरित कर गैर-राज्य अभ्यर्थियों को आवंटित किया जा सकेगा।
व्यवहारिक होगी व्यवस्था
चिकित्सा शिक्षा विभाग का कहना है कि इन संशोधनों से पीजी प्रवेश प्रक्रिया अधिक संतुलित और व्यावहारिक होगी। वहीं, छात्रों का मानना है कि नए नियमों से छत्तीसगढ़ के मेडिकल ग्रेजुएट्स को राज्य में ही आगे की पढ़ाई का बेहतर अवसर मिलेगा।
हमारी लड़ाई जारी रहेगी
इधर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. राकेश गुप्ता का कहना है कि इस आदेश के मुताबिक एम्स के छात्रों को छग का स्टूडेंट माना गया है। इसके अलावा राज्य के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में भी 50 प्रतिशत का आरक्षण नियम लागू किया गया है। इसके लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us