छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा कदम: CBSE स्कूल के छात्र अब स्टेट लेवल खेलों से नहीं होंगे वंचित

Harrison Masih | Jul 31, 2025, 15:32 IST
Share
CG-hc-suo-motu-cbse-sports-ban-issue the sootr
CG-hc-suo-motu-cbse-sports-ban-issue the sootr

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिताओं से सीबीएसई स्कूलों के छात्रों को बाहर रखने के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की है।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिताओं से सीबीएसई स्कूलों के छात्रों को बाहर रखने के मामले में गंभीर जनहित मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इसे छात्रों के संवैधानिक अधिकार और भविष्य की संभावनाओं से जुड़ा हुआ मामला मानते हुए जनहित याचिका (PIL) के रूप में स्वीकार किया है।

ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला, विभागीय गलती से मिले अतिरिक्त वेतन की वसूली गैरकानूनी, कर्मचारियों को राहत

ब्लॉक लेवल खिलाड़ी की याचिका बनी कारण

राज्य के एक ब्लॉक स्तरीय चयनित खिलाड़ी ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उसे केवल इस कारण से राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में भाग नहीं लेने दिया गया, क्योंकि वह एक सीबीएसई स्कूल का छात्र है। जबकि उसका दावा था कि वह पहले ही ब्लॉक स्तर पर चुना जा चुका था। याचिका में कहा गया कि यदि वह राज्य स्तर पर नहीं खेलेगा, तो नेशनल स्तर तक पहुंचना असंभव हो जाएगा। इससे उसका खेल कैरियर पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा।

समानता के अधिकार का उल्लंघन

खिलाड़ी ने याचिका में यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बनाए गए नियमों की वजह से हजारों सीबीएसई स्कूलों के छात्र-खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं से वंचित हो रहे हैं। यह केवल अवसरों से वंचित होना नहीं, बल्कि संवैधानिक समानता के अधिकार का सीधा उल्लंघन है।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पति की संपत्ति पर पत्नी का कोई हक नहीं

पहले खारिज,बाद में कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस के पीठ के सामने हुई। प्रारंभिक तौर पर याचिका को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया गया था। लेकिन बाद में अदालत ने मामले की सामाजिक और संवैधानिक गंभीरता को देखते हुए इसे स्वतः संज्ञान में लेकर जनहित याचिका में परिवर्तित कर दिया।

न्यायमित्र नियुक्त और DPI से मांगा जवाब

कोर्ट ने इस मामले की निष्पक्षता और गहराई से अध्ययन हेतु एडवोकेट सूर्या कंवलकर डांगी और एडवोकेट अदिति सिंघवी को न्यायमित्र नियुक्त किया है। ये दोनों छात्र अधिकारों और नीति से जुड़े पहलुओं पर कोर्ट को सहायता देंगे। साथ ही कोर्ट ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) को आदेश दिया कि वे व्यक्तिगत शपथपत्र पर स्पष्ट करें कि सीबीएसई छात्रों को भाग लेने से क्यों रोका गया और इसका नीति और कानून के तहत औचित्य क्या है।

ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्रों पर बड़ा फैसला, 20 अगस्त तक अनिवार्य मेडिकल जांच के आदेश

CBSE student sports dispute HC decision

  • हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
    छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सीबीएसई छात्रों को राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता से वंचित करने के मामले को गंभीर जनहित मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया है।
  • खिलाड़ी की याचिका बनी आधार
    एक ब्लॉक स्तरीय चयनित खिलाड़ी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि उसे केवल सीबीएसई स्कूल में पढ़ने के कारण प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया, जिससे उसका करियर प्रभावित हो रहा है।
  • जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू
    शुरुआती तकनीकी आधार पर याचिका खारिज होने के बावजूद कोर्ट ने इस मामले की संवैधानिक गंभीरता को समझते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार कर लिया।
  • डीपीआई से मांगा व्यक्तिगत हलफनामा
    हाईकोर्ट ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) को निर्देश दिया है कि वे स्पष्ट रूप से बताएं कि CBSE छात्रों को प्रतियोगिता से क्यों वंचित किया गया और इसकी नीति क्या है।
  • अगली सुनवाई 7 अगस्त को
    कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त 2025 को तय की है और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायमित्र भी नियुक्त किए हैं।
CBSE स्कूल छात्र खेल विवाद CBSE छात्र खेल विवाद हाईकोर्ट

ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सूचना आयुक्तों की नियुक्ति पर लगाई रोक, रिज्वाइंडर के लिए दो दिन का समय

अगली सुनवाई 7 अगस्त को

हाईकोर्ट (CG High Court)ने अगली सुनवाई की तारीख 7 अगस्त 2025 तय की है और DPI को निर्देशित किया है कि वह तब तक सभी जरूरी दस्तावेज और उत्तर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करे।

FAQ

  1. क्या CBSE स्कूल के छात्र राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकते हैं?
    उत्तर: वर्तमान में सीबीएसई स्कूल के छात्रों को छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिताओं से वंचित किया गया है, जिस पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की है।
  2. हाईकोर्ट ने CBSE छात्रों के खेल में भागीदारी पर क्या आदेश दिया है?
    उत्तर: हाईकोर्ट ने इस विषय को गंभीर जनहित का मामला मानते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) से व्यक्तिगत हलफनामे पर जवाब मांगा है और इसे छात्रों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा बताया है।
  3. CBSE छात्रों को राज्य स्तरीय खेलों से क्यों वंचित किया जा रहा है?
    उत्तर: यह निर्णय शासन के नियमों के तहत लिया गया है, परंतु अब इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या यह संविधान में समान अवसर के अधिकार का उल्लंघन है।


thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧

Tags:
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
  • CG High Court
  • CBSE स्कूल छात्र खेल विवाद
  • CBSE छात्र खेल विवाद हाईकोर्ट
  • जस्टिस रमेश सिन्हा
  • CBSE student sports dispute HC decision
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा