बिना कारण पति से अलग होने पर नहीं मिलेगा गुजारा भत्ता, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की पत्नी की याचिका
Harrison Masih | Oct 07, 2025, 12:51 IST
cg-high-court-wife-maintenance-decision-raigarh-case the sootr
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायगढ़ की महिला की अपील खारिज कर यह स्पष्ट किया कि अगर पत्नी बिना पर्याप्त और ठोस कारण पति का साथ छोड़ती है, तो वह भरण-पोषण भत्ता पाने की पात्र नहीं होगी।
Bilaspur. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें स्पष्ट किया गया कि यदि पत्नी बिना ठोस और वैध कारण पति का साथ छोड़ देती है, तो उसे गुजारा भत्ता का अधिकार नहीं मिलेगा। यह निर्णय रायगढ़ की एक महिला की अपील पर आया, जिसने पारिवारिक न्यायालय (फैमिली कोर्ट) के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उसे भरण-पोषण भत्ता देने से मना किया गया था।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बर्खास्त बीएड शिक्षकों के समायोजन को ठहराया सही,याचिका खारिज
रायगढ़ की महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति और ससुरालवालों ने उसे दहेज की मांग और प्रताड़ना के चलते मायके भेज दिया। वहीं पति ने तर्क दिया कि पत्नी अपनी मर्जी से अलग रह रही है और इसके पीछे कोई वैध या पर्याप्त कारण नहीं है। फैमिली कोर्ट ने महिला को भरण-पोषण भत्ता देने से इंकार किया था।
महिला ने फैमिली कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह स्पष्ट किया कि यदि पत्नी बिना ठोस कारण पति से अलग रह रही है, तो वह भरण-पोषण भत्ता पाने की पात्र नहीं है (Raigarh Divorce Case)।
ये खबर भी पढ़ें... कर्मचारी के प्रमोशन के लिए शर्तें तय करना सरकार का अधिकार... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
हाईकोर्ट ने माना कि महिला ने अपने आरोपों का समर्थन करने के लिए कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किया। केवल यह दावा करना कि पति-पत्नी के बीच मनमुटाव या असहजता थी, अलग रहने का कारण नहीं माना जाएगा। अदालत ने फैमिली कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए महिला की अपील को खारिज कर दिया।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भरण-पोषण का अधिकार केवल तब लागू होता है, जब पत्नी यह साबित कर सके कि उसे अत्याचार, असुरक्षा या गंभीर उत्पीड़न जैसी परिस्थितियों के कारण पति के साथ नहीं रहना पड़ा।
ये खबर भी पढ़ें... वेतन विवाद में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का सख्त फैसला: बिलासपुर नगर निगम को लगाई फटकार
इस फैसले से पारिवारिक मामलों में यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भरण-पोषण के लिए ठोस सबूत और वैध कारण अनिवार्य हैं। केवल व्यक्तिगत मनमुटाव या असहजता के आधार पर भरण-पोषण भत्ता का दावा स्वीकार्य नहीं होगा।
ये खबर भी पढ़ें... 83 हजार जवानों के लिए केवल 18 हजार स्टाफ क्वार्टर,छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दिए सख्त निर्देश
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बर्खास्त बीएड शिक्षकों के समायोजन को ठहराया सही,याचिका खारिज
मामले का विवरण
महिला ने फैमिली कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह स्पष्ट किया कि यदि पत्नी बिना ठोस कारण पति से अलग रह रही है, तो वह भरण-पोषण भत्ता पाने की पात्र नहीं है (Raigarh Divorce Case)।
ये खबर भी पढ़ें... कर्मचारी के प्रमोशन के लिए शर्तें तय करना सरकार का अधिकार... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
हाईकोर्ट का तर्क और निर्णय
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भरण-पोषण का अधिकार केवल तब लागू होता है, जब पत्नी यह साबित कर सके कि उसे अत्याचार, असुरक्षा या गंभीर उत्पीड़न जैसी परिस्थितियों के कारण पति के साथ नहीं रहना पड़ा।
ये खबर भी पढ़ें... वेतन विवाद में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का सख्त फैसला: बिलासपुर नगर निगम को लगाई फटकार
रायगढ़ तलाक केस: 5 पॉइंट्स में समझें मामला
|
महत्व और प्रभाव
ये खबर भी पढ़ें... 83 हजार जवानों के लिए केवल 18 हजार स्टाफ क्वार्टर,छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दिए सख्त निर्देश
FAQ
रायगढ़ तलाक केस मेंछत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला क्या है?
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि अगर पत्नी बिना ठोस कारण पति का साथ छोड़ती है, तो वह भरण-पोषण भत्ता पाने की पात्र नहीं होगी।- भरण-पोषण भत्ता कब लागू होता है?
भरण-पोषण भत्ता केवल तब मिलेगा जब पत्नी यह साबित कर सके कि उसे उत्पीड़न, असुरक्षा या गंभीर अत्याचार के कारण पति के साथ नहीं रहना पड़ा; केवल मनमुटाव या असहजता के आधार पर यह दावा स्वीकार्य नहीं है।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari