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NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल की याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार की।
- भारत स्काउट एंड गाइड जंबूरी अध्यक्ष पद से हटाने पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा।
- राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 में कथित 10 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप।
- 13 दिसंबर 2025 के आदेश से शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को राज्य अध्यक्ष मनोनीत किया गया था।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 को लेकर उठे विवाद ने अब न्यायिक रूप ले लिया है। रायपुर से भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल की याचिका को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। जस्टिस एनके व्यास की बेंच ने राज्य सरकार से पूछा है कि बृजमोहन अग्रवाल को स्काउट-गाइड के राज्य अध्यक्ष पद से किस आधार पर हटाया गया।
कोर्ट ने इस मामले में राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया है कि बिना किसी पूर्व सूचना और सुनवाई के अध्यक्ष पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई, जो असंवैधानिक है।
दरअसल, 13 दिसंबर 2025 को स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को भारत स्काउट्स-गाइड्स छत्तीसगढ़ का राज्य अध्यक्ष मनोनीत किया था। इसी आदेश को लेकर विवाद गहराया। बृजमोहन अग्रवाल का दावा है कि वे लगातार अध्यक्ष पद पर कार्यरत हैं और 5 जनवरी को जंबूरी से जुड़ी बैठक भी उन्होंने ली थी।
बालोद जिले के ग्राम दुधली में 9 से 13 जनवरी 2026 तक देश का पहला नेशनल रोवर्स-रेंजर्स जंबूरी आयोजित किया गया, जिसमें 13 हजार से अधिक युवा शामिल हुए। बृजमोहन अग्रवाल ने आयोजन स्थल परिवर्तन और 10 करोड़ रुपए की कथित गड़बड़ी का आरोप भी लगाया है।
Sootr Knowledge
- जंबूरी शब्द अफ्रीकी भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ आनंदपूर्ण मिलन है।
- स्काउट आंदोलन की शुरुआत 1907 में लॉर्ड बेडन-पॉवेल ने की थी।
- पहला विश्व स्काउट जंबूरी 1920 में लंदन में हुआ था।
- रोवर और रेंजर 16 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवा होते हैं।
- जंबूरी का उद्देश्य नेतृत्व, अनुशासन और भाईचारे को बढ़ावा देना है।
Sootr Alert
- आयोजन से जुड़े टेंडर, खर्च और प्रशासनिक फैसलों की न्यायिक जांच होगी।
- भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई संभव।
IMP FACTS
- याचिकाकर्ता: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
- मामला: स्काउट-गाइड राज्य अध्यक्ष पद से हटाना
- आयोजन स्थल: ग्राम दुधली, बालोद
- प्रतिभागी: 13,000+ रोवर्स-रेंजर्स
- आरोपित गड़बड़ी: लगभग 10 करोड़ रुपए
आगे क्या
- 20 जनवरी को मामले की पहली विस्तृत सुनवाई
- 12 फरवरी को अगली सुनवाई तय
- सरकार को पद से हटाने का आधार स्पष्ट करना होगा
- जंबूरी आयोजन पर कोर्ट की निगरानी बढ़ सकती है
निष्कर्ष
नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी 2026 को लेकर उठा विवाद अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (CG High Court) की दहलीज पर पहुंच चुका है। बृजमोहन अग्रवाल की याचिका ने न सिर्फ अध्यक्ष पद की वैधता बल्कि आयोजन में कथित भ्रष्टाचार पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाली सुनवाई में यह तय होगा कि प्रशासनिक निर्णय संवैधानिक थे या नहीं।
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