बेरोजगार पति को ताना मारना है मानसिक क्रूरता... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला
Harrison Masih | Aug 19, 2025, 15:54 IST
CG-highcourt-divorce-case-mental-cruelty the sootr
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच (जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस ए.के. प्रसाद) ने तलाक विवाद से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला दिया है। पढ़ें कोर्ट का फैसला...
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस ए.के. प्रसाद शामिल थे, ने एक महत्वपूर्ण तलाक केस पर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि बेरोजगार पति को ताना मारना और अपमानित करना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश निरस्त करते हुए पति की तलाक की अर्जी मंजूर कर ली।
ये खबर भी पढ़ें...
बिना सबूत पत्नी के चरित्र पर शक मानसिक क्रूरता... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की पति की अपील
भिलाई निवासी अनिल कुमार सोनमणि उर्फ अनिल स्वामी, पेशे से वकील हैं। उनकी शादी 26 दिसंबर 1996 को हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के बाद दंपति का जीवन सामान्य रहा और उनके दो बच्चे हुए – बेटी (अब 19 साल) और बेटा (16 साल)।
पति ने अपनी पत्नी की पढ़ाई में मदद की और उसे पीएचडी तक की पढ़ाई कराई। बाद में पत्नी ने प्रिंसिपल की नौकरी जॉइन की। पति का आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया और वो अक्सर छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने लगी।
ये खबर भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का NHAI को कड़ा निर्देश, आवारा मवेशियों से हादसे रोकें, पेंड्रीडीह में अतिक्रमण पर लगाम
कोरोना महामारी के दौरान कोर्ट बंद हो जाने के कारण पति की आमदनी रुक गई और वह बेरोजगार हो गया। इस समय पत्नी ने बेरोजगार पति को ताने मारना शुरू कर दिया और झगड़े बढ़ने लगे। पति का कहना है कि पत्नी ने कई बार उसे अपमानित किया और मानसिक तनाव दिया।
अगस्त 2020 में एक विवाद के बाद पत्नी बेटी को लेकर मायके चली गई। कुछ समय बाद लौटी, लेकिन 16 सितंबर 2020 को दोबारा घर छोड़कर चली गई। इस बार उसने एक पत्र भी छोड़ा, जिसमें स्पष्ट लिखा था कि वह अपनी मर्जी से पति और बेटे से सारे रिश्ते तोड़ रही है।
ये खबर भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जेलों में अवैध वसूली पर जताई सख्त नाराजगी, डीजी जेल से मांगी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट
अक्टूबर 2023 में दुर्ग फैमिली कोर्ट ने पति की तलाक की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ पति ने हाईकोर्ट में अपील की। सुनवाई के दौरान नोटिस और अखबार में प्रकाशन के बावजूद पत्नी हाईकोर्ट में पेश नहीं हुई। कोर्ट ने पति और गवाहों के बयान, पत्नी का छोड़ा हुआ पत्र और अन्य दस्तावेजों के आधार पर यह माना कि पत्नी ने बिना किसी वैध कारण के पति को छोड़ा है और उसका व्यवहार मानसिक क्रूरता साबित करता है।
ये खबर भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का चाकू बिक्री पर सख्त रुख, बिलासपुर में जनहित याचिका, रायपुर में वकील पर हमले से हड़कंप
बेरोजगार पति को ताने मारना मानसिक क्रूरता है। पत्नी ने बिना कारण वैवाहिक घर छोड़ा और पुनर्मिलन की कोई संभावना नहीं बची। ऐसे में पति की तलाक की अर्जी मंजूर की जाती है।
यह फैसला तलाक मामलों में एक महत्वपूर्ण नज़ीर (precedent) माना जा रहा है, जिसमें मानसिक क्रूरता की परिभाषा को और स्पष्ट किया गया है।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
ये खबर भी पढ़ें...
बिना सबूत पत्नी के चरित्र पर शक मानसिक क्रूरता... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की पति की अपील
क्या है पूरा मामला?
पति ने अपनी पत्नी की पढ़ाई में मदद की और उसे पीएचडी तक की पढ़ाई कराई। बाद में पत्नी ने प्रिंसिपल की नौकरी जॉइन की। पति का आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया और वो अक्सर छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने लगी।
ये खबर भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का NHAI को कड़ा निर्देश, आवारा मवेशियों से हादसे रोकें, पेंड्रीडीह में अतिक्रमण पर लगाम
कोरोना काल से बिगड़े रिश्ते
पत्नी ने छोड़ा घर, लिखा पत्र
ये खबर भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जेलों में अवैध वसूली पर जताई सख्त नाराजगी, डीजी जेल से मांगी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट
पति के प्रयास नाकाम
पति ने कोर्ट में बताया कि उसने पत्नी को घर वापस लाने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन पत्नी वापस नहीं लौटी। उसने रिश्ते को बचाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहा। पति का आरोप है कि पत्नी ने जानबूझकर वैवाहिक घर छोड़ा और बेटे को उसके पास छोड़ दिया, जबकि बेटी को अपने साथ ले गई। इसके अलावा पत्नी ने घर में रहते हुए गाली-गलौज, ताने और अपमानजनक शब्द कहे, जो मानसिक क्रूरता के दायरे में आता है।
फैमिली कोर्ट का फैसला और अपील
ये खबर भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का चाकू बिक्री पर सख्त रुख, बिलासपुर में जनहित याचिका, रायपुर में वकील पर हमले से हड़कंप
क्या है भिलाई मानसिक क्रूरता मामला?
|
हाईकोर्ट का फैसला
हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश निरस्त करते हुए कहा –
यह फैसला तलाक मामलों में एक महत्वपूर्ण नज़ीर (precedent) माना जा रहा है, जिसमें मानसिक क्रूरता की परिभाषा को और स्पष्ट किया गया है।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्सऔरएजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापनऔरक्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari