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तेलंगाना के मुलुगु जिले में छत्तीसगढ़ के 7 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 4 महिला सदस्य भी शामिल हैं। यह आत्मसमर्पण 'लड़ाई से बेहतर है गांव लौटना' अभियान के तहत किया गया है, जो नक्सलियों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए चलाया जा रहा है। सभी आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली बीजापुर जिले से हैं और उनकी उम्र 18 से 55 वर्ष के बीच है।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली:
आत्मसमर्पण करने वालों में थाती उंगी (35), कोडमे सुक्कू (35), सोड़ी भीमे (20), कुंजम वरालक्ष्मी (18), पद्दम जोगा (55), कोरसा पयिकी (34), और सोड़ी आदमा (40) शामिल हैं। इन नक्सलियों को 25-25 हजार रुपए की राशि दी गई है। इसके अतिरिक्त, उनके पद के अनुसार 7 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी।
जनवरी से अब तक 80 माओवादी आत्मसमर्पित:
जनवरी 2025 से अब तक, मुलुगु जिले में कुल 80 माओवादी सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें से कई छत्तीसगढ़ के निवासी हैं। इस प्रक्रिया के तहत, नक्सलियों को न केवल आर्थिक सहायता दी जाती है, बल्कि उन्हें समाज में पुनः स्थापित करने के लिए भी कदम उठाए जाते हैं।
माओवादी संगठन की स्थिति कमजोर:
मुलुगु जिले में माओवादी संगठन की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। नक्सलियों का निचला कैडर अब माओवादी नेतृत्व के खिलाफ विरोध जताने लगा है, और आदिवासी ग्रामीणों का सहयोग भी कम हो गया है। इस कारण माओवादियों को भोजन की आपूर्ति में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
आदिवासी समुदाय विकास में शामिल:
करीब 90% से अधिक नक्सली गरीब आदिवासी समुदाय से आते हैं, जो अब विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। इस बदलाव से न केवल नक्सलियों की संख्या में कमी आ रही है, बल्कि आदिवासी समाज में जागरूकता और विकास की दिशा में भी सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है।
तेलंगाना-छत्तीसगढ़ नक्सल सरेंडर की मुख्य बातें:
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छत्तीसगढ़ में जारी है आत्मसमर्पण:
छत्तीसगढ़ के बीजापुर, सुकमा, और दंतेवाड़ा जिलों में भी 'लड़ाई से बेहतर है गांव लौटना' अभियान लगातार चल रहा है। इसके तहत, नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार की यह पहल नक्सल समस्या को सुलझाने के साथ-साथ आदिवासी क्षेत्रों में शांति और विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
इस समर्पण अभियान से छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में एक सकारात्मक बदलाव की संभावना दिखाई दे रही है, जिसमें नक्सलियों के समाज में पुनर्वास और विकास की ओर लौटने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
CG Naxalite surrender | CG Naxal News
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