नए साल के स्वागत में 100 करोड़ की मदिरा गटक गए छत्तीसगढ़िया, देशी से ज्यादा विदेशी शराब के छलके जाम

रायपुर : छत्तीसगढ़ में नए साल 2026 के स्वागत में मदिरा प्रेमियों ने खूब जाम छलकाए। पुराने साल की विदाई और नए साल के स्वागत के दो दिनों में छत्तीसगढ़िया लोगों ने 100 करोड़ की शराब गटक ली। यह पिछले साल से 6 करोड़ रुपए ज्यादा हैं।

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Arun Tiwari
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News in Short :

. नए साल पर 102 करोड़ की शराब पी गए छत्तीसगढ़िया
. पिछले साल के मुकाबले यह आंकड़ा 6 करोड़ ज्यादा
. पिछले साल से 50 लाख रुपए ज्यादा की विदेशी मदिरा की खपत
. देशी मदिरा पीने में 12 लाख रुपए की कमी
. 30 दिसंबर को 36 करोड़ की शराब गटकी

News in Detail :

मदिरा प्रेमी छत्तीसगढ़ :  

सुविख्यात कवि हरिवंशराय बच्चन के मशहूर काव्य की एक लाइन है कि मंदिर मस्जिद बैर कराते, मेल कराती मधुशाला। छत्तीसगढ़ पर यह लाइन फिट बैठती है। नए साल 2026 के स्वागत और 2025 की विदाई में लोगों ने खूब जाम छलकाए। शराब गटकने का यह आंकड़ा 100 करोड़ के पार पहुंच गया। खास बात यह भी रही कि छत्तीसगढ़िया भी अब विदेशी शराब के शौकीन हो गए हैं। शराब की खपत का आंकड़ा कुछ यही दिखाता है। देशी शराब से ज्यादा विदेशी शराब की बिक्री हुई है।

छत्तीसगढ़ में शराब अहम मुद्दा रहा है। यही कारण है कि ठेकेदारों की जगह सरकार के एक कार्पोरेशन को शराब बेचने का जिम्मा दिया हुआ है। सरकार ने शराब पर लगने वाले कुछ टैक्स भी हटा दिए हैं। लोगों तक अवैध और नकली शराब न पहुंचे इसकी चिंता भी की जा रही है। छत्तीसगढ़ का 3 हजार करोड़ से ज्यादा का शराब घोटाला भी देशभर में कुख्यात हुआ है। इसी शराब के कारण बड़े बड़े नौकरशाह और राजनेता सलाखों के पीछे तक पहुंचे हैं। 

102 करोड़ की शराब गटकी :   

छत्तीसगढ़ में मदिरा के शौकीन बहुत लोग हैं। यहां के बेवड़े नए साल के स्वागत में 100 करोड़ की दारु पी गए। छत्तीसगढ़ में साल 2025 की तुलना में 2026 का स्वागत जोरदार रहा। पिछले साल की तुलना में लोगों ने खूब मौज-मस्ती की। होटल, रिसोर्ट एक दिन पहले से फुल हो गए थे। अब मौज-मस्ती बिना शराब के तो हो नहीं सकती। इसलिए, शराब भी इस बार खूब बिक गई। दो दिन का रेवेन्यू अबकी 100 करोड़ क्रॉस कर गया।

छत्तीसगढ़ के लोगों ने पिछले साल 31 दिसंबर को 46 करोड़ और 1 जनवरी को 50 करोड़ की शराब गटकी थी। यानी 96 करोड़ की शराब। वहीं इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 102 करोड़ हो गया। यानी 6 करोड़ का इजाफा। इस बार 31 दिसंबर को 53 करोड़ की शराब पी गई और एक जनवरी को 49 करोड़ की बिक्री हुई। इससे एक दिन पहले 30 दिसंबर को भी लोग 36 करोड़ की देसी और अंग्रेजी शराब गटक गए।

रायपुर से समझिए देशी-विदेशी शराब का अंतर : 

रायपुर :   
साल 2024 - 10 करोड़ 10 लाख 68 हजार 570 रुपए की शराब की खपत  
साल 2025 - 10 करोड़ 49 लाख 38 हजार 210 रुपए शराब की खपत 
इतने का इजाफा - 38 लाख 69 हजार 640 लाख रुपए ज्यादा

विदेशी शराब : 
साल 2024- 6 करोड़ 59 लाख 48 हजार 580 रुपए रुपए की गटकी
साल 2025 - 7 करोड़ 10 लाख 23 हजार 210 रुपए गटकी
इतने का इजाफा - 50 लाख 74 हजार 630 रुपए 

देशी : 
साल 2024- 3 करोड़ 51 लाख 19 हजार 990 रुपए की बिक्री
साल 2025 - 3 करोड़ 39 लाख 15 हजार रुपए की बिक्री
इतने की कमी - 12 लाख 4 हजार 990 रुपए

अब आगे क्या : 

सरकार अब नई लिकर पॉलिसी ला रही है। यह नई आबकारी नीति 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। इस नीति में भी शराब बेचने का जिम्मा सरकार के बेवरेज कार्पोरेशन के जिम्मे ही रहेगा। इस साल सरकार का टारगेट 11 हजार करोड़ था लेकिन कमाई 8 हजार करोड़ रुपए की ही हुई। इस नई पॉलिसी में कुछ बदलाव किया जा रहा है जिससे सरकार की कमाई में इजाफा हो और टारगेट पूरा किया जा सके। इसके अलावा दूसरे प्रदेशों से आ रही अवैध और नकली शराब को रोकने के लिए भी सरकार कार्ययोजना बना रही है। 

डाक्यूमेंट : 

शराब दुकानों की बिक्री

Liquor store sales

Liquor store sales

Sootr Alert:

शराब पीने से पहले यह जान लें

छत्तीसगढ़ में 2025 के शुरुवाती छह महीनों में लगभग 6,500 सड़क हादसे हुए। इनमें लगभग 2,960 लोगों की मौत हुई। 5,650 से अधिक लोग घायल हुए।छत्तीसगढ़ में हर साल सैकड़ों सड़क हादसे और बड़ी संख्या में मौतें शराब पीकर गाड़ी चलाने से जुड़ी होती हैं। छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों के प्रमुख कारणों में शराब पीकर ड्राइविंग शामिल है।

हर साल कुल सड़क हादसों का लगभग 5–7 फीसदी हिस्सा ड्रिंक-ड्राइविंग से जुड़ा माना जाता है। वहीं रायपुर में हाल ही में 1,523 ड्रिंक एंड ड्राइव केस पकड़े गए। इनमें 680 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। यह आंकड़ा हम आपको डराने के लिए नहीं बल्कि अलर्ट करने के लिए बता रहे हैं। आखिर शराब पीकर हम क्यों अपनी और दूसरों की जान खतरे में डालें। इसलिए अबकी बार जब आप जाम उठाएं तो इन बातों पर जरुर गौर करें। 

निष्कर्ष : 

सरकार यह अपील करती है कि लोग शराब न पीएं। और छत्तीसगढ़ को शराबबंदी की तरफ ले जाया जा सके। लेकिन आंकड़े कहते हैं कि लोग शराब को ना कहना नहीं चाहते। यानी छत्तीसगढ़ में शराब बंदी तो फिलहाल मुमकिन दिखाई नहीं देती। द सूत्र भी लोगों से अपील करता है कि वे शराब से दूर रहें और अपने स्वास्थ्य और परिवार को बचाएं। यह खबर दिखाने का मकसद शराब को प्रोत्साहित करना नहीं बल्कि समाज को जागरुक करना है कि शराब का नशा उन पर कितना भारी पड़ सकता है। और शराब छोड़ने पर वे अपने पूरे जीवन को बदल सकते हैं।  

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