केंद्र सरकार ने बढ़ाया MSP, नहीं दे रही छग सरकार, 3100 रुपए में ही खरीदेगी धान

छत्तीसगढ़ सरकार इस बार 15 नवंबर से किसानों का धान खरीदेगी। हाल ही में कैबिनेट बैठक के बाद इस बात की घोषणा भी हो गई है। दावा है कि इस बार सरकार छग के किसानों का एक-एक दाना खरीदेगी।

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VINAY VERMA
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Raipur. छत्तीसगढ़ सरकार इस बार 15 नवंबर से किसानों का धान खरीदेगी। हाल ही में कैबिनेट बैठक के बाद इस बात की घोषणा भी हो गई है। दावा है कि इस बार सरकार छग के किसानों का एक-एक दाना खरीदेगी। लेकिन, एक बात प्रदेश के किसानों को परेशान कर रही है। उनका कहना है कि सरकार पिछले बार की तरह इस बार भी 31 सौ रुपए प्रति क्विंटल के भाव से ही धान खरीद रही है। जबकि केंद्र सरकार ने पहले की तुलना में प्रति क्विंटल की दर से 186 रुपए का अधिक दे रही है। ऐसा कर राज्य सरकार किसानों को उनके हक का लगभग 30 करोड़ रुपए नहीं दे रही। 

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छग में कैसे तय होती है धान की कीमत

छग में 2023 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने 3100 रुपए में धान खरीदी का वादा किया था। भाजपा की तरफ से जारी 'मोदी की गारंटी' में भी इस बात का जिक्र था। उस दौरान केंद्र सरकार की तरफ से राज्य को 2300 रुपए प्रति क्विंटल पैसा मिलता था। इसमें राज्य सरकार अपने हिस्से का 800 रुपए मिलाकर किसानों को देती है। जिसके आधार पर पिछले पिछले साल धान की खरीदी हुई।

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क्या है विवाद

2023 तक केंद्र सरकार धान पर MSP के रुप में 2300 रुपए दिया करती थी। लेकिन चुनाव के दौरान जब प्रधानमंत्री मोदी ने छग आकर 3100 रुपए में धान खरीदी की घोषणा की तो लोगों लगा कि केंद्र सरकार 3100 रुपए धान का समर्थन मूल्य तय करने वाली है। लेकिन चुनाव बाद धान पर MSP 2300 रुपए ही रहा। हालांकि राज्य सरकार 800 रुपए मिलाकर 3100 रुपए में धान खरीदती रही।

 लेकिन पिछले 2 चरण में केंद्र सरकार ने धान पर MSP 186 रुपए बढ़ा दिया। लोगों की मांग है कि राज्य सरकार बढ़े 186 रुपए को दे और 3286 रुपए में धान खरीदी करे। लेकिन राज्य सरकार ने केंद्र का पैसा जोडने के साथ अपने हिस्से का पैसा कम कर दिया। जिससे लोगों में नाराजगी है।

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कांग्रेस के समय में मिलता था अधिक पैसा

छग में कांग्रेस सरकार के दौरान राज्य के किसानों से 2300 रुपए में धान खरीदी की जाती थी। इसके अलावा पिछली सरकार में राजीव गांधी किसान सम्मान निधी के रुप में प्रतिवर्ष 9000 रुपए प्रति एकड़ दिया जाता था। जिसे सरकार 4 किस्तों में देती थी। ऐसे में यह पैसा मिलाकर किसानों को धान की कीमत 3200 रुपए प्रति क्विंटल हो जाती थी। भाजपा की सरकार बनने के बाद राजीव गांधी किसान सम्मान निधी को बंद कर दिया गया। 

25 लाख किसान हो रहे प्रभावित

छग सरकार ने वर्ष 2025-26 में 1 लाख 60 हजार मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है। पिछले साल के आंकड़ों के मुताबिक छग में लगभग 25 लाख किसान धान की खेती करते और उसे सरकार को बेचते हैं। इस हिसाब से राज्य सरकार के फैसले से न केवल 25 लाख किसान प्रभावित हो रहे बल्कि राज्य सरकार इनका 30 करोड़ रुपए नहीं दे रही।

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हम 3100 में धान खरीद रहे

इस संबंध में हमने राज्य के उप मुख्यमंत्री अरुण साव से चर्चा की तो उन्होंने केंद्र द्वारा MSP बढ़ाए जाने पर तो सहमति जताई लेकिन मुस्कुराते हुए बोले- हमारा वादा 3100 रुपए में धान खरीदी का है। हम किसानों का दाना-दाना खरीद रहे हैं।

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