स्मार्ट मीटर से आसान हुआ बिजली का हिसाब, अब उपभोक्ता खुद कर रहे खपत की निगरानी और बचत
The Sootr | Jul 27, 2026, 09:00 IST
Impact Feature
छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर परियोजना और मोर बिजली ऐप से उपभोक्ता रियल-टाइम बिजली की खपत पर नजर रख रहे हैं, जिससे मासिक बिल में बचत और पारदर्शिता बढ़ी है।
Raipur. छत्तीसगढ़ में बिजली व्यवस्था तेजी से आधुनिक और पारदर्शी हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई स्मार्ट मीटर परियोजना से उपभोक्ताओं को बिजली खपत की सही जानकारी मिल रही है। पहले जहां लोगों को महीने के आखिर में बिल आने के बाद ही पता चलता था कि कितनी बिजली खर्च हुई है, वहीं अब स्मार्ट मीटर और मोर बिजली ऐप के माध्यम से हर समय बिजली उपयोग पर नजर रखी जा सकती है।
स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत को समझ पा रहे हैं और जरूरत के अनुसार बिजली का इस्तेमाल कर बचत भी कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि इससे बिजली बिल को लेकर होने वाली परेशानियां कम हुई हैं। रियल-टाइम जानकारी मिलने से बिजली उपयोग में सावधानी बढ़ी है और बिल भुगतान की प्रक्रिया भी आसान हुई है।
रायगढ़ के रिकेश कुमार सोनी बताते हैं कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल की व्यवस्था पहले से ज्यादा साफ और आसान हो गई है। अब मीटर रीडिंग के लिए किसी कर्मचारी के आने का इंतजार नहीं करना पड़ता। मोर बिजली ऐप के माध्यम से वे हर दिन देख सकते हैं कि कितनी बिजली खर्च हुई, अनुमानित बिल कितना बनेगा और भुगतान कब करना है। इससे बिजली खपत को समझना आसान हो गया है और बिल से जुड़ी परेशानियां भी कम हुई हैं।
राजनांदगांव के लालबाग निवासी संजय तेजवानी का कहना है कि स्मार्ट मीटर से घर में बिजली की रोजाना खपत की जानकारी मिल जाती है। यदि किसी महीने बिजली का बिल ज्यादा आता है तो यह पता लगाया जा सकता है कि कौन-सा उपकरण ज्यादा बिजली खर्च कर रहा है। उन्होंने बताया कि पहले मीटर की रीडिंग का सही अंदाजा नहीं रहता था, लेकिन अब स्मार्ट मीटर के माध्यम से 15 दिन की बिजली खपत और अनुमानित बिल की जानकारी पहले ही मिल जाती है। इससे बिजली बचाने में मदद मिल रही है।
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उपभोक्ता मोहन अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने स्वयं बिजली विभाग से संपर्क कर अपने घर में स्मार्ट मीटर लगवाया है। स्मार्ट मीटर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब वे अपनी बिजली खपत पर लगातार नजर रख सकते हैं। मोर बिजली ऐप में वर्तमान महीने की खपत की तुलना पिछले महीने और पिछले साल की खपत से भी की जा सकती है। इससे अनावश्यक बिजली खर्च को पहचानना आसान हो गया है। ऑनलाइन बिल भुगतान की सुविधा से समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है।
स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की शंकाओं को दूर करने के लिए बिजली विभाग पुराने मीटर और स्मार्ट मीटर को एक साथ लगाकर चेक मीटर के माध्यम से परीक्षण भी कर रहा है। जांच में दोनों मीटरों की रीडिंग समान पाई जा रही है।
विभाग के अनुसार स्मार्ट मीटर अतिरिक्त बिजली खपत नहीं करता, बल्कि जितनी बिजली उपयोग होती है, उसके आधार पर सटीक बिल तैयार करता है। रियल-टाइम रीडिंग की सुविधा से अनुमानित बिल और मीटर रीडिंग में गलती की संभावना लगभग खत्म हो गई है।
मोर बिजली ऐप पर उपभोक्ता हर 30 मिनट की बिजली खपत की जानकारी देख सकते हैं। इससे लोग समय रहते बिजली उपयोग में बदलाव कर सकते हैं और अनावश्यक खर्च कम कर सकते हैं।
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स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को राज्य सरकार की हाफ बिजली योजना का लाभ बनाए रखने में भी मदद कर रहा है। पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ लेने के लिए मासिक बिजली खपत 400 यूनिट तक रखना जरूरी है।
स्मार्ट मीटर और मोर बिजली ऐप के माध्यम से उपभोक्ता अपनी खपत पर नजर रख सकते हैं और समय रहते बिजली उपयोग को नियंत्रित कर सकते हैं। स्मार्ट मीटर से संबंधित किसी भी समस्या के लिए उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।
बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर और मोर बिजली ऐप का अधिकतम उपयोग करने की अपील की है। साथ हीप्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ लेकर बिजली खर्च में और बचत करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
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बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर लगने से बिजली बिल नहीं बढ़ता है। बिल में वृद्धि का मुख्य कारण बिजली की ज्यादा खपत और अधिक टैरिफ स्लैब में पहुंचना होता है।
प्रदेश में बिजली दरें निर्धारित स्लैब के अनुसार लागू होती हैं। 0 से 100 यूनिट तक 4.40 रुपए प्रति यूनिट, 101 से 200 यूनिट तक 4.50 रुपए प्रति यूनिट, 201 से 400 यूनिट तक 6 रुपए प्रति यूनिट, 401 से 600 यूनिट तक 7 रुपए प्रति यूनिट और 601 यूनिट से अधिक खपत पर 8.80 रुपए प्रति यूनिट दर निर्धारित है। जैसे-जैसे बिजली की खपत बढ़ती है और उपभोक्ता अगले स्लैब में पहुंचते हैं, बिल की राशि भी बढ़ जाती है। इसका स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली से कोई संबंध नहीं है।
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स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत को समझ पा रहे हैं और जरूरत के अनुसार बिजली का इस्तेमाल कर बचत भी कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि इससे बिजली बिल को लेकर होने वाली परेशानियां कम हुई हैं। रियल-टाइम जानकारी मिलने से बिजली उपयोग में सावधानी बढ़ी है और बिल भुगतान की प्रक्रिया भी आसान हुई है।
मोबाइल पर बिजली खपत की जानकारी
राजनांदगांव के लालबाग निवासी संजय तेजवानी का कहना है कि स्मार्ट मीटर से घर में बिजली की रोजाना खपत की जानकारी मिल जाती है। यदि किसी महीने बिजली का बिल ज्यादा आता है तो यह पता लगाया जा सकता है कि कौन-सा उपकरण ज्यादा बिजली खर्च कर रहा है। उन्होंने बताया कि पहले मीटर की रीडिंग का सही अंदाजा नहीं रहता था, लेकिन अब स्मार्ट मीटर के माध्यम से 15 दिन की बिजली खपत और अनुमानित बिल की जानकारी पहले ही मिल जाती है। इससे बिजली बचाने में मदद मिल रही है।
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खपत पर नियंत्रण, बिजली बचत की बढ़ी आदत
अब मिल रही रियल-टाइम रीडिंग
विभाग के अनुसार स्मार्ट मीटर अतिरिक्त बिजली खपत नहीं करता, बल्कि जितनी बिजली उपयोग होती है, उसके आधार पर सटीक बिल तैयार करता है। रियल-टाइम रीडिंग की सुविधा से अनुमानित बिल और मीटर रीडिंग में गलती की संभावना लगभग खत्म हो गई है।
मोर बिजली ऐप पर उपभोक्ता हर 30 मिनट की बिजली खपत की जानकारी देख सकते हैं। इससे लोग समय रहते बिजली उपयोग में बदलाव कर सकते हैं और अनावश्यक खर्च कम कर सकते हैं।
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हाफ बिजली योजना का लाभ बनाए रखने में मददगार
स्मार्ट मीटर और मोर बिजली ऐप के माध्यम से उपभोक्ता अपनी खपत पर नजर रख सकते हैं और समय रहते बिजली उपयोग को नियंत्रित कर सकते हैं। स्मार्ट मीटर से संबंधित किसी भी समस्या के लिए उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।
बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर और मोर बिजली ऐप का अधिकतम उपयोग करने की अपील की है। साथ ही
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बिल बढ़ने का कारण ज्यादा खपत, स्मार्ट मीटर नहीं
प्रदेश में बिजली दरें निर्धारित स्लैब के अनुसार लागू होती हैं। 0 से 100 यूनिट तक 4.40 रुपए प्रति यूनिट, 101 से 200 यूनिट तक 4.50 रुपए प्रति यूनिट, 201 से 400 यूनिट तक 6 रुपए प्रति यूनिट, 401 से 600 यूनिट तक 7 रुपए प्रति यूनिट और 601 यूनिट से अधिक खपत पर 8.80 रुपए प्रति यूनिट दर निर्धारित है। जैसे-जैसे बिजली की खपत बढ़ती है और उपभोक्ता अगले स्लैब में पहुंचते हैं, बिल की राशि भी बढ़ जाती है। इसका स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली से कोई संबंध नहीं है।
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