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NEWS IN SHORT
- CGMSC घोटाले में ACB/EOW की बड़ी कार्रवाई, डायसिस इंडिया के मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा गिरफ्तार।
- आरोपी को 27 जनवरी 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया।
- अब तक इस घोटाले में कुल 8 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार।
- फर्जी दस्तावेजों और कार्टेल बनाकर टेंडर पाने का आरोप।
- हमर लैब योजना के तहत सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान।
NEWS IN DETAIL
CGMSC घोटाले में एक और गिरफ्तारी
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) घोटाला मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो/आर्थिक अपराध शाखा ने डायसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नवी मुंबई के मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा को 21 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी को 22 जनवरी 2026 को विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), रायपुर में पेश किया गया, जहां से उसे 27 जनवरी 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
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अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार
18 जनवरी 2026 को ACB/EOW ने तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इससे पहले मोक्षित कॉरपोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा समेत पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
फर्जी दस्तावेजों से भरा टेंडर
गिरफ्तार आरोपियों में:
- अभिषेक कौशल (रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स, पंचकुला – डायरेक्टर)
- राकेश जैन (श्री शारदा इंडस्ट्रीज, रायपुर – प्रोप्राइटर)
- प्रिंस जैन (लायजनर, रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स)
इन पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर भरने का आरोप है।
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कंपनी पॉलिसी को दरकिनार कर कीमतें बढ़ाईं
जांच में सामने आया कि डायसिस कंपनी की तय एमआरपी के बावजूद कुंजल शर्मा ने मोक्षित कॉर्पोरेशन को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए कंपनी पॉलिसी को नजरअंदाज किया। मोक्षित कॉर्पोरेशन ने वास्तविक एमआरपी से तीन गुना तक ज्यादा कीमतों पर रिएजेंट्स और कंज्यूमेबल्स की सप्लाई की, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।
हमर लैब योजना पर भी सवाल
ब्यूरो के मुताबिक, हमर लैब योजना में शासकीय धन के दुरुपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है। CGMSC घोटाले में IAS-IFS अधिकारियों और कारोबारियों की मिलीभगत से 27 दिनों में 750 करोड़ की खरीदी की गई। सरकार पर 411 करोड़ का वित्तीय बोझ डाला गया।
घोटाले का खुलासा कैसे हुआ
दिसंबर 2024 में पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने PMO, गृह मंत्रालय, CBI और ED से शिकायत की थी। इसके बाद EOW को जांच के निर्देश मिले।
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Sootr Knowledge
- CGMSC स्वास्थ्य विभाग की केंद्रीय खरीद एजेंसी है।
- हमर लैब योजना का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में जांच सुविधाएं बढ़ाना है।
- कार्टेल बनाकर टेंडर हासिल करना गंभीर आर्थिक अपराध है।
- NDPS नहीं, बल्कि PC Act के तहत मामला दर्ज है।
- EOW और ED दोनों स्तर पर जांच चल रही है।
IMP FACTS
- केस: CGMSC घोटाला
- गिरफ्तार आरोपी: कुंजल शर्मा
- कंपनी: डायसिस इंडिया प्रा.लि.
- पुलिस रिमांड: 27 जनवरी 2026 तक
- अनुमानित घोटाला: 411 करोड़ रुपये
- जांच एजेंसी: ACB/EOW
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आगे क्या
- रिमांड के दौरान पूछताछ तेज होगी
- टेंडर प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों से पूछताछ संभव
- ED की कार्रवाई और तेज हो सकती है
- चार्जशीट में और नाम जुड़ सकते हैं
निष्कर्ष
CGMSC घोटाला छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े स्वास्थ्य खरीद घोटालों में से एक बनता जा रहा है। लगातार हो रही गिरफ्तारियों से साफ है कि जांच एजेंसियां पूरे सिंडिकेट की परतें खोलने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में यह मामला राज्य की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
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