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रायपुर.छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल ने जेल से जुड़े कई अहम दावे किए हैं। उन्होंने वरिष्ठ एडवोकेट और राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट दिल से में खुलकर बात की।
चैतन्य बघेल ने कहा कि जेल में कांग्रेस नेताओं के साथ बुरा बर्ताव होता है। जज को वही दिखाया जाता है जो वो देखना चाहते हैं। चैतन्य ने शराब घोटाले के मामले में 170 दिन सेंट्रल जेल में काटे। तीन जनवरी 2026 को वे जेल से जमानत पर बाहर आए। इसके बाद उन्होंने जेल से जुड़े कई खुलासे किए।
क्या बोले चैतन्य
चैतन्य बघेल ने बताया कि मुझे रायपुर सेंट्रल जेल भेजा गया था और 10×7 के आइसोलेटेड सेल में 170 दिनों तक रखा गया था। कोर्ट की सजा एक होती है, लेकिन जेल के अंदर जो होता है, वह दूसरी सजा होती है।
जेल जाने के बाद दूसरी सजा है वहां की प्रताड़ना झेलना। प्रताड़ना ऐसी थी कि वहां पीने का साफ पानी तक नहीं मिलता था। इलाज के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। सेल में ही टॉयलेट था। एक ही कमरे में टॉयलेट और खाना खाना पड़ता था, क्योंकि सेल में पार्टिशन नहीं था।
इसके अलावा जमीन पर सोता था। आश्चर्य की बात थी कि नॉर्मल इलाज जैसे इंजेक्शन, कैनुला और ड्रेसिंग कोई प्रोफेशनल लोग नहीं करते थे, बल्कि कैदी ही करते थे। इसके अलावा कोई साफ-सफाई भी नहीं बरती जाती थी। इस दौरान मेरी तबीयत भी खराब हुई।
कांग्रेस नेताओं के साथ बुरा बर्ताव
मेरी तबीयत खराब हुई, घरवालों ने कोर्ट में निवेदन किया, लेकिन जेल प्रबंधन ने कहा कि ये ठीक है, अस्पताल भेजने की कोई जरूरत नहीं है। कवासी लखमा भी लगातार शिकायत करते रहे कि उन्हें सीने में दर्द है, लेकिन उन्हें इलाज के लिए भेजा नहीं गया। जब पिता ने DGP को पत्र लिखा, तब जाकर उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
चैतन्य ने कहा कि जेल में कांग्रेस नेताओं के साथ ज्यादा बुरा बर्ताव होता है। एक कांग्रेस नेता के साथ ऐसा ही हुआ जेल के अंदर स्थित अस्पताल में सही से इलाज नहीं मिलता था। अगर कोई एक्सपायर हो गया है तो उसे ऑक्सीजन मास्क लगाकर अस्पताल भेज दिया जाता था। ऐसा सुनने को मिलता था। हमारे कांग्रेस के नेता जीवन लाल ठाकुर के साथ ही ऐसा हुआ। जो कि चारामा के रहने वाले थे। उनकी मौत हो गई थी।
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मानव अधिकार का सीधा उल्लंघन
कपिल सब्बल के जज की ओर से जेल इंस्पेक्शन वाले सवाल पर चैतन्य बघेल ने कहा कि जज को तो वही दिखाया जाता है, जो वो देखना चाहते हैं। जब आप पानी साफ नहीं दे पा रहे तो यह मानव अधिकारी का खुला उल्लंघन है। साफ पानी पीना और इलाज कराना मेरा अधिकार है।
चैतन्य बघेल ने कहा कि कुछ वार्ड ऐसे थे, जहां कैदियों की इतनी खराब स्थिति थी कि जब उन्हें पानी की कमी होती थी, तो वे नाली का पानी रोककर टॉयलेट के लिए इस्तेमाल करते थे। जेल में बहुत ही खराब स्थिति है। हालांकि, इन आरोपों पर अब तक जेल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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