डिप्टी कलेक्टर करुण डहरिया सस्पेंड : गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई, 48 घंटे जेल में रहे तो जा सकती है नौकरी!

छत्तीसगढ़ के डिप्टी कलेक्टर करुण डहरिया को गिरफ्तारी के बाद तत्काल निलंबित किया गया है। 48 घंटे जेल में रहने से उनकी नौकरी पर संकट हो सकता है।

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VINAY VERMA
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Deputy Collector Karun Dahria suspended action after arrest

Photograph: (the sootr)

News in Short

  • छत्तीसगढ़ के डिप्टी कलेक्टर करुण डहरिया को गिरफ्तार करने के बाद निलंबित किया गया।
  • अवैध बॉक्साइट परिवहन की जांच के दौरान मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
  • करुण डहरिया को हत्या के आरोप में न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया।
  • निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय अंबिकापुर, सरगुजा संभाग में निर्धारित किया गया।
  • 48 घंटे जेल में रहने पर करुण डहरिया की नौकरी जा सकती है। 

News in Detail

RAIPUR. छत्तीसगढ़ के सामान्य प्रशासन विभाग ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर को सस्पेंड कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी करुण डहरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले और गिरफ्तारी के बाद की गई है। हालांकि, सवाल यह भी उठ रहा कि डिप्टी कलेक्टर कैसे निजी गाड़ी में निजी लोगों के साथ जांच पर गए थे। 

अवैध परिवहन की जांच से जुड़ा विवाद

आदेश में कहा गया है कि कुसमी क्षेत्र में बॉक्साइट के अवैध परिवहन की सूचना पर जांच के लिए टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान ग्राम हंसपुर, थाना कोतबा में तीन व्यक्तियों के साथ मारपीट की घटना सामने आई। इस घटना में राम उर्फ रामनरेश (62 वर्ष) की मृत्यु हो गई। इस संबंध में कलेक्टर, बलरामपुर-रामानुजगंज द्वारा प्रतिवेदन शासन को भेजा गया था, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।

न्यायालय के आदेश पर भेजे गए जेल

थाना कोतबा, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में भारतीय दंड संहिता की धारा 103(1), 115(2), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले में कृष्ण डहरिया को 16 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। न्यायालय के आदेश के पालन में उन्हें जिला जेल रामानुजगंज में बंदी बनाया गया है। 

सिविल सेवा नियमों के तहत निलंबन

राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम के तहम कार्रवाई करते हुए अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान अधिकारी का मुख्यालय आयुक्त, सरगुजा संभाग, अंबिकापुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था जांच प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक नियंत्रण बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।

जीवन निर्वाह भत्ते का प्रावधान

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि निलंबन अवधि में संबंधित अधिकारी को मूलभूत नियम 53 के अंतर्गत नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। यह प्रावधान सभी निलंबित शासकीय सेवकों पर समान रूप से लागू होता है।

48 घंटे रहे तो जाएगी नौकरी

इधर विशेषज्ञ बता रहे हैं कि अगर निलंबित डिप्टी कलेक्टर करुण डहरिया लगातार 48 घंटे तक जेल में रहेंगे तो नियमानुसार उनकी नौकरी भी जा सकती है। बहरहाल सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें निलंबित किया है। 

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