मुठभेड़ में मारे गए एक दर्जन नक्सलियों के शव के साथ जवानों ने की वापसी
Jitendra Shrivastava | May 11, 2024, 19:33 IST
THESOOTR
छत्तीसगढ़ में गंगालूर के पीडिया के जंगलों को मुखबिर की सूचना पर दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर पुलिस के 1200 जवानों ने घेर लिया था। यह मुठभेड़ रुक रुककर बारह घंटे तक चली। गुरुवार- शुक्रवार को निकले जवानों की शनिवार दोपहर में वापसी हुई...
शिव शंकर सारथी, BIJAPUR/RAIPUR. एक दर्जन नक्सलियों के शव को लेकर जवान बीजापुर जिला मुख्यालय आ गए। इसमें महिला नक्सलिओं के दो शव हैं। शुक्रवार, 10 मई को तीन जिलों के जवान और अर्द्ध सैनिक बलों ने पीडिया के जंगलों को घेरा था। इस घेराबंदी में फिर जवानों को बड़ी कामयाबी मिली है। हर बार की तरह, बिजली के तार, नक्सल साहित्य, टिफिन बम, भरमार बंदूक आदि पुलिस ने जब्त किया है।
गंगालूर दुर्गम ईलाका है, जहां सालों तक माओवादियों ने समांतर सरकार चलाई। गंगालूर थाना इलाके के पीडिया के जंगलों को मुखबिर की सूचना पर दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर पुलिस के 1200 जवानों ने घेर लिया था। यह मुठभेड़ ( Chhattisgarh encounter ) रुक रुककर बारह घंटे तक चली। गुरुवार- शुक्रवार को निकले जवानों की शनिवार दोपहर तक वापसी हो गई है।
दर्जन भर माओवादियों को मार गिराने वाले दो जवान IED की चपेट में आए थे। इधर फिर एक ग्रामीण आदिवासी महिला IED का शिकार हुई है। बस्तर के आदिवासियों की आजीविका का प्रमुख साधन है तेंदुपत्ता। तेन्दुपत्ता तोड़ने गई महिला शांति पुनेम की स्पॉट पर ही मौत हो गई। गंगालूर थाना इलाके ग्राम मल्लूर की यह महिला थी। अप्रैल के महीने में एक जवान और एक युवा आदिवासी की मौत भी IES के जद में आकर हुई थी।
2003 के बाद माओवादियों के खिलाफ छेड़ी गई जंग में सैकड़ों जवानों ने शहादत दी है। स्थानीय लोगों की जानें बड़ी संख्या में गई। घर बार तबाह हो गए, गांव के गांव उजड़ गए, लेकिन अब अंजाम तक पहुंचता नजर आ रहा है। शुक्रवार, 10 मई को मीडिया से बात करते हुए उप मुख्यमंत्री ने नए-नए पुलिस कैंप्स की बात की। 2003 से 2015 तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे डॉक्टर रमन सिंह ने कहा था गोली का जवाब गोली से दिया जायेगा। अब रमन सिंह छत्तीसगढ़ विधानसभा में अध्यक्ष हैं। BJP का स्लोगन है- हमने बनाया है हम ही सवारेंगे। नक्सल सरेंडर और नक्सलियों की मौतें सफल साल का संकेत दे रही है।
पीडिया के जंगलों को बारह सौ जवानों ने घेरा था। कुछ साल पहले तक पुलिस मुख्यालय, नक्सल ऑपरेशन से जुड़े आईपीएस, सम्बंधित जिलों की पुलिस, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री नक्सल मामलों पर मीडिया से बात करते थे। लेकिन शुक्रवार को जवानों की सफलता (12 नक्सली मरे ) मुख्यमंत्री के ट्वीट से कन्फर्म करवाई गई। जाहिर है नक्सलवाद पर बड़ी किरकिरी क्षेल चुकी BJP अब इसके राजनीतिक फायदे भी लेना चाहेगी।
पीडिया के जंगलों को 1200 जवानों ने घेरा था
गंगालूर दुर्गम ईलाका है, जहां सालों तक माओवादियों ने समांतर सरकार चलाई। गंगालूर थाना इलाके के पीडिया के जंगलों को मुखबिर की सूचना पर दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर पुलिस के 1200 जवानों ने घेर लिया था। यह मुठभेड़ ( Chhattisgarh encounter ) रुक रुककर बारह घंटे तक चली। गुरुवार- शुक्रवार को निकले जवानों की शनिवार दोपहर तक वापसी हो गई है।
IED बिगाड़ रहा है हालात, जवानों की ले रहा जान
दर्जन भर माओवादियों को मार गिराने वाले दो जवान IED की चपेट में आए थे। इधर फिर एक ग्रामीण आदिवासी महिला IED का शिकार हुई है। बस्तर के आदिवासियों की आजीविका का प्रमुख साधन है तेंदुपत्ता। तेन्दुपत्ता तोड़ने गई महिला शांति पुनेम की स्पॉट पर ही मौत हो गई। गंगालूर थाना इलाके ग्राम मल्लूर की यह महिला थी। अप्रैल के महीने में एक जवान और एक युवा आदिवासी की मौत भी IES के जद में आकर हुई थी।
साल 2024 सफलता का साल
छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद से जवानों का हौंसला बुलंद हुआ है, हमारे सुरक्षाबलों ने संयुक्त प्रयास से 12 नक्सलियों को ढेर किया है। अब @vishnudsai जी की सरकार में नीति स्पष्ट है या तो नक्सली सरेंडर करके मुख्यधारा में लौटें अन्यथा ऐसी कार्रवाई होती रहेगी। pic.twitter.com/4dnOh1lpGh
— Dr Raman Singh (@drramansingh) May 11, 2024
2003 के बाद माओवादियों के खिलाफ छेड़ी गई जंग में सैकड़ों जवानों ने शहादत दी है। स्थानीय लोगों की जानें बड़ी संख्या में गई। घर बार तबाह हो गए, गांव के गांव उजड़ गए, लेकिन अब अंजाम तक पहुंचता नजर आ रहा है। शुक्रवार, 10 मई को मीडिया से बात करते हुए उप मुख्यमंत्री ने नए-नए पुलिस कैंप्स की बात की। 2003 से 2015 तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे डॉक्टर रमन सिंह ने कहा था गोली का जवाब गोली से दिया जायेगा। अब रमन सिंह छत्तीसगढ़ विधानसभा में अध्यक्ष हैं। BJP का स्लोगन है- हमने बनाया है हम ही सवारेंगे। नक्सल सरेंडर और नक्सलियों की मौतें सफल साल का संकेत दे रही है।
जवानों की सफलता या सीएम विष्णुदेव साय की ब्राडिंग!
बीजापुर में सुरक्षाबलों द्वारा मुठभेड़ में 12 नक्सलियों को मार गिराए जाने की खबर प्राप्त हुई है।
निश्चित ही सुरक्षाबलों को मिली यह सफलता सराहनीय है। उनकी बहादुरी को सलाम करता हूं।
नक्सलवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ रही है डबल इंजन की सरकार। प्रदेश से नक्सलवाद का खात्मा ही… pic.twitter.com/YMHbO1XwJK
— Vishnu Deo Sai (Modi Ka Parivar) (@vishnudsai) May 10, 2024
पीडिया के जंगलों को बारह सौ जवानों ने घेरा था। कुछ साल पहले तक पुलिस मुख्यालय, नक्सल ऑपरेशन से जुड़े आईपीएस, सम्बंधित जिलों की पुलिस, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री नक्सल मामलों पर मीडिया से बात करते थे। लेकिन शुक्रवार को जवानों की सफलता (12 नक्सली मरे ) मुख्यमंत्री के ट्वीट से कन्फर्म करवाई गई। जाहिर है नक्सलवाद पर बड़ी किरकिरी क्षेल चुकी BJP अब इसके राजनीतिक फायदे भी लेना चाहेगी।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman