/sootr/media/media_files/2026/02/06/chhattisgarh-government-officials-field-visit-rule-2026-02-06-15-36-22.jpg)
News In Short
- ऑफिस से गायब रहने पर छत्तीसगढ़ सरकार लगाम कसेगी।
- अब कर्मचारियों के फील्ड विजिट का दिन तय हो गया है।
- गुरुवार और शुक्रवार के दिन ही फील्ड विजिट करेंगे।
- कर्मचारियों को सोमवार-बुधवार तक ऑफिस में रहना जरूरी होगा।
- जनता की समस्या सुलझाना शासन की प्राथमिकता होगी।
News In Detail
CG News. छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए एक अहम कदम उठाया है। अब फील्ड विजिट के नाम पर मुख्यालय से लंबे समय तक गायब रहना आसान नहीं होगा।
शासन ने मुख्यालय में उपस्थिति को लेकर नया और सख्त आदेश जारी किया है। इसके तहत फील्ड पर जाने का दिन पहले से तय करना जरूरी कर दिया गया है।
नए नियम के अनुसार, अलग-अलग अधिकारी अलग-अलग दिनों में फील्ड पर जाएंगे। अगर कोई अधिकारी इस नियम का पालन नहीं करता है, तो उसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
क्यों बनाया गया नियम
शासन के संज्ञान में यह बात लंबे समय से सामने आ रही थी, कि विभागों के अधिकारी फील्ड विजिट का बहाना बना कर ऑफिस वर्क और पब्लिक से मिलने के समय अनुपस्थित रहते हैं। इससे न केवल ऑफिस वर्क प्रभावित होता है, बल्कि जनसुनवाई और विभागीय समन्वय भी कमजोर रहता है।
सोमवार से बुधवार ऑफिस जरुरी
नियम के अनुसार राज्य के सभी राजपत्रित और अराजपत्रित अधिकारियों को सोमवार, मंगलवार और बुधवार को अनिवार्य रूप से अपने मुख्यालय कार्यालय में उपस्थित रहना होगा। इन दिनों में फाइलों पर निर्णय, विभागीय समीक्षा बैठक, जनता से मिलना और समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। शासन ने साफ किया है कि इन दिनों में अनावश्यक रूप से मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
गुरुवार-शुक्रवार तय किए गए फील्ड विजिट
नए नियम के तहत अब गुरुवार और शुक्रवार ही अधिकारियों के लिए फील्ड विजिट, निरीक्षण और दूसरे बाहरी कामों के दिन तय किए गए हैं। इसका मतलब यह है कि अब अधिकारी अपनी सुविधा के हिसाब से किसी भी दिन फील्ड पर जाने का बहाना नहीं बना सकेंगे।
सभी विभागों को यह निर्देश दिया गया है कि वे इसी समय-सारणी के हिसाब से अपने क्षेत्रीय कार्यक्रम तय करें। हालांकि, कुछ खास परिस्थितियों में समय-सारणी में बदलाव किया जा सकता है।
अनुशासनहीनता पर कार्रवाई के निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे इन आदेशों का सख्ती से पालन कराएं। अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी बिना अनुमति के मुख्यालय से गायब पाया जाता है या नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे अनुशासनहीनता माना जाएगा। इस स्थिति में उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
कार्य संस्कृति में सुधार की उम्मीद
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत का कहना है कि इस फैसले से शासकीय कार्यालयों में कर्मचारियों (सरकारी कर्मचारी) की उपस्थिति बढ़ेगी, फाइलें समय पर आगे बढ़ेंगी और जनसुनवाई व्यवस्था मजबूत होगी। अगर अधिकारी नियमित रूप से कार्यालय में मौजूद रहेंगे, तो विभागीय समन्वय बेहतर होगा और निर्णय प्रक्रिया भी तेज होगी।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ शासन का यह फैसला शासकीय व्यवस्था में अनुशासन लाने और “फील्ड के बहाने दफ्तर से गायब रहने” की संस्कृति पर विराम लगाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
ये खबरें भी पढ़ें...
राहुल से मुलाकात, बीजेपी नेताओं के साथ भोजन, क्या सियासी खिचड़ी पका रहे बृजमोहन
रिटायर्ड डीआईजी कमलोचन कश्यप को संविदा नियुक्ति, पुलिस मुख्यालय में OSD बनाए गए
7 से 9 फरवरी तक छत्तीसगढ़ में रहेंगे अमित शाह, नक्सल ऑपरेशन की करेंगे समीक्षा
100 में 1 नंबर पाने वाले भी एकलव्य विद्यालय भर्ती में चयनित! गड़बड़ी के उठे सवाल
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us