छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला, कातिल CRPF कांस्टेबल को राहत नहीं

Krishna Kumar Sikander | Jun 25, 2025, 16:46 IST
Share
Chhattisgarh High Court decision the sootr
Chhattisgarh High Court decision the sootr

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चार सहकर्मियों की हत्या के दोषी CRPF कांस्टेबल संत कुमार की अपील को खारिज करते हुए उसकी सजा को बरकरार रखा है। हाईकोर्ट ने साफ कहा कि ड्यूटी का तनाव किसी को इतना क्रूर कदम उठाने की छूट नहीं देता।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चार सहकर्मियों की हत्या के दोषी CRPF कांस्टेबल संत कुमार की अपील को खारिज करते हुए उसकी सजा को बरकरार रखा है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बी.डी. गुरु शामिल थे, ने साफ कहा कि ड्यूटी का तनाव किसी को इतना क्रूर कदम उठाने की छूट नहीं देता। कोर्ट ने घायल चश्मदीद गवाह की गवाही को महत्वपूर्ण मानते हुए कहा कि इसमें कोई विरोधाभास नहीं है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पलटा निचली अदालत का फैसला, युवक को अपहरण और रेप के मामले में किया बरी

ड्यूटी को लेकर विवाद में वारदात

ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, रेलवे को लोको पायलट प्रमोशन परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच के आदेश

घटना 9 दिसंबर 2017 की है, जब बस्तर के बासागुड़ा CRPF कैंप में तैनात संत कुमार का अपने उपनिरीक्षक विक्की शर्मा से ड्यूटी को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि संत कुमार ने अपनी AK-47 राइफल से विक्की शर्मा, एएसआई राजीव सिंह और कांस्टेबल मेघ सिंह पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे तीनों की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद उसने मनोरंजन कक्ष में छिपे कांस्टेबल शंकर राव को भी गोली मार दी, जिससे उनकी भी मृत्यु हो गई। इस हमले में एसआई गजानंद सिंह गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन भागकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे।

ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पलटा तलाक का फैसला, पति के झूठे आरोपों का खुलासा

ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी सात साल की सजा

ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की शिक्षक की याचिका, एनआईए को इलेक्ट्रॉनिक जांच की पूरी छूट

उत्तर प्रदेश के रहने वाले संत कुमार को घटना के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। ट्रायल कोर्ट ने उसे IPC की धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या का प्रयास) के तहत दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ उसकी अपील को हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट के फैसले में कोई कानूनी खामी नहीं है। यह फैसला उन मामलों में एक मिसाल बन सकता है, जहां तनाव को अपराध का बहाना बनाया जाता है।

FAQ

  1. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने CRPF कांस्टेबल संत कुमार की अपील को क्यों खारिज कर दिया?
    हाईकोर्ट ने संत कुमार की अपील यह कहते हुए खारिज कर दी कि ड्यूटी का तनाव किसी को हत्या जैसा क्रूर कदम उठाने का अधिकार नहीं देता। कोर्ट ने घायल चश्मदीद गवाह की गवाही को विश्वसनीय और विरोधाभास रहित मानते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया।
  2. घटना कब और कहां हुई थी, और इसमें कितने लोगों की जान गई?
    यह घटना 9 दिसंबर 2017 को बस्तर के बासागुड़ा स्थित CRPF कैंप में हुई थी। इस वारदात में संत कुमार ने अपनी AK-47 राइफल से चार सहकर्मियों की हत्या कर दी थी और एक एसआई गजानंद सिंह को घायल कर दिया था।
  3. ट्रायल कोर्ट ने संत कुमार को किन धाराओं के तहत दोषी ठहराया था और कितनी सजा दी थी?
    ट्रायल कोर्ट ने संत कुमार को IPC की धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या का प्रयास) के तहत दोषी ठहराया था और उसे सात-सात साल की सजा सुनाई थी।
thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला | कातिल CRPF कांस्टेबल को राहत नहीं | Chhattisgarh High Court | Chhattisgarh High Court decision | no relief to the killer CRPF constable

Tags:
  • Chhattisgarh High Court
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
  • Chhattisgarh High Court decision
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला
  • कातिल CRPF कांस्टेबल को राहत नहीं
  • no relief to the killer CRPF constable
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा