रकम तिगुनी करने का झांसा देकर 6 करोड़ की ठगी, सी बुल्स कंपनी के डायरेक्टर समेत 3 झारखंड से गिरफ्तार

जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत बड़ी कार्रवाई की। फर्जी निवेश कंपनी 'C Bulls Global Solution' के डायरेक्टर और उसके दो साथियों को झारखंड के रांची और बोकारो से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने करीब 6 करोड़ की ठगी की थी।

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Harrison Masih
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Jashpur. छत्तीसगढ़ की जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। फर्जी निवेश कंपनी 'C Bulls Global Solution' के डायरेक्टर और उसके दो साथियों को झारखंड के रांची और बोकारो से गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों ने आकर्षक रिटर्न का झांसा देकर छत्तीसगढ़ के कई जिलों के लोगों से करीब 6 करोड़ की ठगी की थी। ठगी के बाद तीनों आरोपी अपनी कंपनी बंद कर फरार हो गए थे।

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रकम तीन गुना करने का झांसा

मामले की शुरुआत तब हुई जब पत्थलगांव निवासी जागेश्वर लाल यादव ने अक्टूबर 2025 में शिकायत दर्ज कराई। शुरुआत में कंपनी के कर्मचारी संतोष कुमार साव ने निवेशकों को 'सी बुल्स ग्लोबल सॉल्यूशन कंपनी' को एक प्रोडक्ट बेस कंपनी बताकर कृषि संबंधी उत्पादों और नए प्लांट में निवेश पर बड़े लाभ का वादा किया। कुछ महीनों तक ब्याज भी दिया गया, जिससे निवेशकों का भरोसा जीता गया।

जब ब्याज मिलना बंद हुआ, तो आरोपी कंपनी के कथित एमडी मो. सिराज आलम ने निवेशकों को गुमराह करते हुए बताया कि उनकी कंपनी कृषि आधारित नहीं, बल्कि एक सेबी-पंजीकृत ट्रेडिंग कंपनी है जो 12 वर्षों से शेयर मार्केट में काम कर रही है। सिराज आलम ने प्रतिदिन 1% लाभ देने और 10 महीनों में निवेशित राशि को तीन गुना करने का झूठा दावा किया।

इस झूठे दावे के आधार पर कोरबा, चांपा, अंबिकापुर, घरघोड़ा और बिलासपुर जैसे क्षेत्रों में मीटिंग आयोजित कर निवेशकों से लगभग 6 करोड़ रुपये जुटाए गए। शिकायतकर्ता जागेश्वर यादव और उनके साथियों ने ही करीब ₹3.5 करोड़ रुपये का निवेश किया था।

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फर्जी बैंक गारंटी और इंश्योरेंस का धोखा

ठगी को विश्वसनीय बनाने के लिए आरोपियों ने हरिशरण देवांगन और संतोष कुमार साहू (जिन्हें पुलिस पहले गिरफ्तार कर चुकी है) को बिजनेस पार्टनर बताकर, निवेशकों को निवेशित राशि पर बैंक गारंटी के रूप में चेक भी दिए थे। जब निवेशकों ने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने ओडिशा के सुंदरगढ़ में बैठक बुलाकर 'हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड' का बहाना बनाया।

निवेशकों के आधार कार्ड, पैन कार्ड और हस्ताक्षर लेकर उनके नाम पर 'C Bulls सहयोग निधि रियल स्टेट एवं फाइनेंस लिमिटेड' का रजिस्ट्रेशन करा दिया गया और निवेशकों को ही कंपनी का मेंबर व डायरेक्टर बना दिया गया। इसके तुरंत बाद, आरोपियों ने कंपनी की वेबसाइट बंद कर दी, मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर दिए, और नुकसान का बहाना बनाकर रकम लौटाने से टालमटोल करते रहे, और अंततः फरार हो गए।

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झारखंड से हुई मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पत्थलगांव थाना में धारा 420 (धोखाधड़ी), 120 (बी) (साजिश) और 34 आईपीसी के तहत अपराध दर्ज किया गया। पुलिस पहले ही दो स्थानीय आरोपी हरिशरण देवांगन और संतोष कुमार साहू को गिरफ्तार कर चुकी थी।

फरार एमडी मो. सिराज आलम, पार्टनर इमरान खान और सहयोगी संतोष साव को पुलिस की तकनीकी टीम और मुखबिरों की सूचना पर ट्रेस किया गया। पुलिस टीम को झारखंड भेजा गया, जहाँ बोकारो से मोहम्मद सिराज आलम और रांची से इमरान खान और संतोष कुमार साव को हिरासत में लिया गया। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक खाते के दस्तावेज और पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे नए निवेशकों के पैसों से पुराने निवेशकों को ब्याज देते थे (पॉन्जी स्कीम की तरह), और नए निवेशक आना बंद होने पर ठगी गई पूरी राशि हड़प ली।

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