बासमती को टक्कर दे रहा हेल्दी जीराफूल चावल, विदेश में डिमांड, इसकी खेती से मिलेगा लाभ!
Sanjeet kumar dhurwey | Jul 06, 2025, 23:12 IST
Photograph: (the sootr)
छत्तीसगढ़ को धान के कटोरे (Rice Bowl) के नाम से जाना जाता है। यहां की अनोखी किस्में न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी काफी लोकप्रिय हैं। इन सब में सबसे ज्यादा पसंदीदा है वह है जीराफूल चावल।
CG News:छत्तीसगढ़ को धान के कटोरे (Rice Bowl) के नाम से जाना जाता है। यहां की अनोखी किस्में न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी काफी लोकप्रिय हैं। इन सब में सबसे ज्यादा पसंदीदा है वह है जीराफूल चावल। इस चावल को 14 मार्च, 2019 को जीआई टैग (Geographical Indication) भी मिला है।
छत्तीसगढ़ में जीराफूल चावल की खेती उत्तरी क्षेत्र, सरगुजा संभाग में की जाती है। बाजार में इसकी कीमत अच्छी है और इसकी खेती करने वाले किसानों को बाजार में धान और चावल दोनों के अच्छे दाम मिलते हैं। इतना ही नहीं यह चावल भारतीय बासमती चावल को टक्कर दे रहा है।
जीराफूल चावल का नाम ही इसकी विशेषता को दर्शाता है। इसका आकार पतला और छोटा होता है, लेकिन इसकी खुशबू और स्वाद अविश्वसनीय है। इसकी सुगंध इतनी ही इसकी पहचान है। इसको पकाते समय, इसकी महक आसपास के घरो तक पहुंच जाती है। जो कि लोगों को आकर्षित भी करती है।
इस चावल को पकाने के बाद उसकी मिठास और स्वाद बिल्कुल अद्भुत होता है, जो इसे छत्तीसगढ़ का सबसे महंगा चावल बनाता है। इन सब विशेषताओं के चलते इसकी डिमांड विदेश में भी सबसे ज्यादा है। जीराफूल चावल को अंतरराष्ट्रीय बाजार में खूब पसंद किया जा रहा है।
ये खबर भी पढ़ें:
139 करोड़ की लागत से नेशनल हाईवे का निर्माण... पहली ही बारिश में धंस गई
जीराफूल चावल न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। यह चावल अन्य किस्मों के मुकाबले जल्दी और आसानी से पचता है, जिससे इसका सेवन अधिक आरामदायक होता है। इस चावल की मांग केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी है, क्योंकि यह पारंपरिक और स्वच्छ तरीके से उगाया जाता है।
ये खबर भी पढ़ें:
काली पट्टी लगाकर LIVE दिखाया ATM से पैसे कैसे चुराते है... गिरफ्तार
जो भी किसान इस जीराफूल धान की फसल लगाता है। उसकी यह फसल करीब 120 से 130 दिनों में तैयार हो जाती है। इसकी खासियत यह है कि यह दूसरी धान की किस्मों से ज्यादा समय लेकर पकती है। इसी के साथ ही जीराफूल धान को पानी सबसे ज्यादा लगता है। खेत में पानी की आपूर्ति होना जरूरी है।
इस फसल को गहरे खेतों में उगाया जाता है, ताकि पानी अधिक मात्रा में स्टोर हो सके। इस चावल की खेती पूरी तरह से जैविक (organic) होती है, जिसमें केवल जैविक खाद का उपयोग किया जाता है। रासायनिक खाद का इस्तेमाल जीराफूल के स्वाद और सुगंध को प्रभावित कर सकता है, इसलिए यह चावल पूरी तरह से रासायनिक मुक्त है।
ये खबरें भी पढ़ें:
अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़, डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर पन्ना की महिला से 14 लाख ठगे
जशपुर में फेसबुक पर अनजान से दोस्ती पड़ी भारी, मिलने बुलाकर नाबालिग के साथ किया ऐसा कि पुलिस भी हैरान
छत्तीसगढ़ में उगाई जाने वाली धान में सबसे ज्यादा महंगी धान जीराफूल की किस्म ही है। जीराफूल चावल की बाजार में औसत कीमत 100 रुपये से लेकर 120 रुपये प्रति किलो तक रहती है। यह चावल स्थानीय बाजारों में तो अपनी विशिष्ट पहचान रखता ही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यह अपने नाम से जाना जाता है, जिसकी डिमांड अब और बढ़ती जा रही है।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
छत्तीसगढ़ में जीराफूल चावल की खेती उत्तरी क्षेत्र, सरगुजा संभाग में की जाती है। बाजार में इसकी कीमत अच्छी है और इसकी खेती करने वाले किसानों को बाजार में धान और चावल दोनों के अच्छे दाम मिलते हैं। इतना ही नहीं यह चावल भारतीय बासमती चावल को टक्कर दे रहा है।
छत्तीसगढ़ का सबसे महंगा चावल
इस चावल को पकाने के बाद उसकी मिठास और स्वाद बिल्कुल अद्भुत होता है, जो इसे छत्तीसगढ़ का सबसे महंगा चावल बनाता है। इन सब विशेषताओं के चलते इसकी डिमांड विदेश में भी सबसे ज्यादा है। जीराफूल चावल को अंतरराष्ट्रीय बाजार में खूब पसंद किया जा रहा है।
ये खबर भी पढ़ें:
139 करोड़ की लागत से नेशनल हाईवे का निर्माण... पहली ही बारिश में धंस गई
हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है जीराफूल
ये खबर भी पढ़ें:
काली पट्टी लगाकर LIVE दिखाया ATM से पैसे कैसे चुराते है... गिरफ्तार
जैविक खेती के कारण बाजार में डिमांड
इस फसल को गहरे खेतों में उगाया जाता है, ताकि पानी अधिक मात्रा में स्टोर हो सके। इस चावल की खेती पूरी तरह से जैविक (organic) होती है, जिसमें केवल जैविक खाद का उपयोग किया जाता है। रासायनिक खाद का इस्तेमाल जीराफूल के स्वाद और सुगंध को प्रभावित कर सकता है, इसलिए यह चावल पूरी तरह से रासायनिक मुक्त है।
ये खबरें भी पढ़ें:
अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़, डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर पन्ना की महिला से 14 लाख ठगे
जशपुर में फेसबुक पर अनजान से दोस्ती पड़ी भारी, मिलने बुलाकर नाबालिग के साथ किया ऐसा कि पुलिस भी हैरान
जीराफूल चावल की कीमत
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari