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छत्तीसगढ़ के खोकली क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने खाद्य सुरक्षा (Food Safety) और स्वच्छता मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां स्थित अविनाश इंडस्ट्रीज (Avinash Industries) में अस्वच्छ परिस्थितियों में पोहा पैक किए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हुआ। वीडियो में देखा गया कि कर्मचारी पोहे के बड़े ढेर पर सीधे बैठकर पैकिंग कर रहे थे।
इस घटना के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) हरकत में आया। कलेक्टर दीपक सोनी के कड़े निर्देशों के बाद फैक्ट्री पर छापा मारा गया और तत्काल प्रभाव से कंपनी का लाइसेंस निलंबित (License Suspended) कर दिया गया।
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निरीक्षण में उजागर हुईं गंभीर खामियां
एफडीए की टीम ने अचानक फैक्ट्री में छापा मारा। वहां के हालात देखकर अधिकारी पूरी तरह दंग रह गए। खाद्य सुरक्षा के कड़े नियमों की धज्जियां उड़ाई गई थीं।
एफडीए के नामित अधिकारी अक्षय कुमार सोनी ने बताया मानक अधिनियम 2006 का बिल्कुल भी पालन नहीं हुआ है।
फैक्ट्री में साफ-सफाई के कोई इंतजाम नहीं मिले। अनिवार्य नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी है।
जांच के दौरान पाई गई खामियां
साफ-सफाई की कमी: कर्मचारी बिना मास्क, टोपी और दस्तानों के काम कर रहे थे।
गंदा माहौल: जहां पोहा बन और पैक हो रहा था, वहां बहुत गंदगी थी।
बीमारी का खतरा: कर्मचारियों की सेहत जांच का कोई भी रिकॉर्ड नहीं मिला।
कीड़े-मकोड़ों का डेरा: फैक्ट्री में कीड़ों को रोकने का कोई इंतजाम नहीं था।
क्या कहता है कानून?
खाद्य सुरक्षा कानून के तहत साफ-सफाई रखना बहुत जरूरी है। खाने की हर फैक्ट्री को स्वच्छता के नियम मानने होंगे। कर्मचारियों की सेहत की जांच कराना भी अनिवार्य है।
खाने को गंदगी और कीटाणुओं से बचाना बेहद जरूरी है। नियमों का पालन न करने पर भारी जुर्माना लगेगा। प्रशासन दोषी फैक्ट्री का लाइसेंस भी रद्द कर सकता है।
वायरल वीडियो ने मचाया हड़कंप
इस पूरी कार्रवाई की शुरुआत एक वायरल वीडियो से हुई। वीडियो में साफ दिख रहा था कि दो लोग पोहे के बड़े ढेर के बीच बैठे हैं। एक व्यक्ति पोहा पैकेट में भर रहा था, जबकि दूसरा उसका वजन कर रहा था। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि कुछ लोग सीधे पोहे के ऊपर ही बैठे हुए थे।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद जनता में भारी आक्रोश देखा गया, क्योंकि पोहा छत्तीसगढ़ और देश के अन्य हिस्सों में एक प्रमुख नाश्ता (Breakfast) है। लोगों के स्वास्थ्य से इस तरह का खिलवाड़ करना कानूनन अपराध है।
FDA की अग्रिम कार्रवाई
एफडीए के नामित अधिकारी अक्षय कुमार सोनी के अनुसार, फैक्ट्री से 'नायलॉन पोहा' के कानूनी नमूने (Legal Samples) लिए गए हैं। इन नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (Food Testing Laboratory) भेजा गया है।
जब तक लैब की रिपोर्ट नहीं आती, फैक्ट्री का संचालन बंद रहेगा।
कंपनी को सुधारात्मक नोटिस जारी किया गया है।
रिपोर्ट में मिलावट या अत्यधिक गंदगी पाए जाने पर कानूनी मुकदमा भी चलाया जा सकता है।
उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी
एक्सपायरी डेट: सबसे पहले पैकेट पर छपी अंतिम तिथि (Expiry Date) चेक करें।
पैकिंग की हालत: अगर पैकेट फटा हो या सील टूटी हो, तो उसे न खरीदें।
FSSAI मार्क: पैकेट पर खाद्य सुरक्षा विभाग का लाइसेंस नंबर और लोगो जरूर देखें।
सामग्री की लिस्ट: पैकेट के पीछे सामग्री (Ingredients) पढ़ें ताकि मिलावट का पता चले।
शाकाहारी/मांसाहारी निशान: हरे (शाकाहारी) या भूरे (मांसाहारी) निशान को जरूर देख लें।
साफ-सफाई: खुली चीजें लेते समय दुकानदार की साफ-सफाई पर खास ध्यान दें।
ताजगी की जांच: फल और सब्जियां खरीदते समय उनके रंग और महक को परखें।
छत्तीसगढ़ न्यूज
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