छत्तीसगढ़ में LJP की एंट्री : चिराग पासवान ने रायपुर से फूंका चुनावी बिगुल, जल्द बनेगी राज्य इकाई
Umeshwari Baghel | Oct 04, 2026, 18:16 IST
रायपुर पहुंचे चिराग पासवान ने छत्तीसगढ़ में संगठन विस्तार का ऐलान किया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में अब लोक जनशक्ति पार्टी भी अपनी जगह बनाने की तैयारी में है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चिराग पासवान रविवार को रायपुर पहुंचे। यहां उन्होंने साफ कहा कि छत्तीसगढ़ में जल्द पार्टी की राज्य इकाई बनाई जाएगी। इसके बाद प्रदेश स्तर पर संगठन खड़ा किया जाएगा और पदाधिकारियों की नियुक्ति होगी।
चिराग पासवानरायपुर में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। रायपुर दौरे के दौरान उन्होंने संगठन विस्तार से लेकर चुनावी रणनीति तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
चिराग पासवान ने कहा कि फिलहाल पार्टी का पहला लक्ष्य छत्तीसगढ़ में मजबूत संगठन तैयार करना है। राज्य इकाई बनने के बाद जिला और दूसरे स्तर पर भी संगठन को विस्तार दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि लोक जनशक्ति पार्टी आने वाले चुनावों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी। हालांकि पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी इसका अभी फैसला नहीं हुआ है। चिराग के मुताबिक पहले संगठन मजबूत किया जाएगा। इसके बाद चुनावी हालात को देखकर आगे की रणनीति तय होगी।
रायपुर में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम को पार्टी के संगठन विस्तार की शुरुआत माना जा रहा है। चिराग पासवान ने कहा कि राजनीति में युवाओं की भूमिका बेहद अहम है। उनका कहना था कि पार्टी युवाओं से सीधे संवाद करना चाहती है।
उनकी समस्याएं और उम्मीदें समझना भी जरूरी है। इसी वजह से ऐसे कार्यक्रम अलग-अलग जगह किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी पार्टी युवाओं के जरिए अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश करेगी।
चिराग पासवान से SIR और चुनाव आयोग को लेकर भी सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि अगर किसी मतदाता को चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर संदेह है तो आयोग को उसका भरोसा जीतना चाहिए।
उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटने के विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। चिराग ने कहा कि अगर बड़ी संख्या में आम मतदाताओं के नाम हटाए जाते तो इसका असर जमीन पर साफ दिखाई देता। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में बड़े स्तर पर विरोध और आंदोलन भी सामने आते।
चिराग पासवान ने कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया पर इतना संदेह है तो उसे यह भी बताना चाहिए कि वह आगे चुनाव लड़ेगी या नहीं।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के दूसरे नेता चुनावी प्रक्रिया से खुद को अलग करेंगे या नहीं। चिराग ने कहा कि विपक्ष का काम सवाल उठाना है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कई बार विपक्ष के मुद्दे कुछ दिनों बाद कमजोर पड़ जाते हैं।
चिराग पासवान ने दावा किया कि SIR का मुद्दा सामने आने के बाद कांग्रेस ने EVM को लेकर पहले जैसी चर्चा बंद कर दी है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगातार विवाद होना लोकतंत्र के लिए ठीक संकेत नहीं है।
संस्थाओं और राजनीतिक दलों के बीच भरोसा बना रहना जरूरी है। चिराग के मुताबिक चुनाव से जुड़े सवालों का जवाब भी संस्थाओं को पारदर्शी तरीके से देना चाहिए।
छत्तीसगढ़ में लोक जनशक्ति पार्टी की राज्य इकाई बनने के बाद BJP से गठबंधन होगा या नहीं इस पर भी चिराग पासवान से सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि इसका फैसला भविष्य में राज्य की इकाई और पार्टी नेतृत्व मिलकर करेंगे। चुनावी हालात देखकर तय होगा कि पार्टी अकेले मैदान में उतरेगी या किसी दल के साथ जाएगी।
चिराग ने कहा कि कई राज्यों में लोक जनशक्ति पार्टी अपने स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां चला रही है। छत्तीसगढ़ में भी संगठन की स्थिति और राजनीतिक माहौल देखकर निर्णय लिया जाएगा।
चिराग पासवान के रायपुर दौरे को छत्तीसगढ़ में LJP की सक्रिय राजनीति की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। अब सबसे ज्यादा नजर इस बात पर रहेगी कि पार्टी राज्य इकाई का गठन कब करती है। संगठन में किन चेहरों को जिम्मेदारी दी जाती है और आने वाले चुनावों में पार्टी किस रणनीति के साथ उतरती है।
फिलहाल चिराग पासवान ने इतना जरूर साफ कर दिया है कि लोक जनशक्ति पार्टी अब छत्तीसगढ़ में अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है।
FAQ
पहले संगठन फिर चुनाव की तैयारी
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि लोक जनशक्ति पार्टी आने वाले चुनावों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी। हालांकि पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी इसका अभी फैसला नहीं हुआ है। चिराग के मुताबिक पहले संगठन मजबूत किया जाएगा। इसके बाद चुनावी हालात को देखकर आगे की रणनीति तय होगी।
युवाओं से सीधे जुड़ने की कोशिश
उनकी समस्याएं और उम्मीदें समझना भी जरूरी है। इसी वजह से ऐसे कार्यक्रम अलग-अलग जगह किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी पार्टी युवाओं के जरिए अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश करेगी।
SIR पर बोले- चुनाव आयोग को भरोसा जीतना चाहिए
उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटने के विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। चिराग ने कहा कि अगर बड़ी संख्या में आम मतदाताओं के नाम हटाए जाते तो इसका असर जमीन पर साफ दिखाई देता। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में बड़े स्तर पर विरोध और आंदोलन भी सामने आते।
कांग्रेस के चुनाव रद्द कराने वाले सवाल पर हमला
उन्होंने हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के दूसरे नेता चुनावी प्रक्रिया से खुद को अलग करेंगे या नहीं। चिराग ने कहा कि विपक्ष का काम सवाल उठाना है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कई बार विपक्ष के मुद्दे कुछ दिनों बाद कमजोर पड़ जाते हैं।
EVM पर भी कांग्रेस को घेरा
संस्थाओं और राजनीतिक दलों के बीच भरोसा बना रहना जरूरी है। चिराग के मुताबिक चुनाव से जुड़े सवालों का जवाब भी संस्थाओं को पारदर्शी तरीके से देना चाहिए।
BJP से गठबंधन पर फैसला बाद में
चिराग ने कहा कि कई राज्यों में लोक जनशक्ति पार्टी अपने स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां चला रही है। छत्तीसगढ़ में भी संगठन की स्थिति और राजनीतिक माहौल देखकर निर्णय लिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में बढ़ सकता है एक और विकल्प
फिलहाल चिराग पासवान ने इतना जरूर साफ कर दिया है कि लोक जनशक्ति पार्टी अब छत्तीसगढ़ में अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है।
FAQ
- चिराग पासवान ने रायपुर दौरे के दौरान अपने संगठन के विस्तार की योजना क्या बताई?
चिराग पासवान ने कहा कि पार्टी का पहला लक्ष्य छत्तीसगढ़ में एक मजबूत संगठन तैयार करना है, जिसके बाद जिला और अन्य स्तरों पर संगठन को विस्तार दिया जाएगा। - चिराग पासवान ने युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं की भूमिका पर क्या कहा?
चिराग पासवान ने कहा कि राजनीति में युवाओं की भूमिका बेहद अहम है और पार्टी युवाओं से सीधे संवाद करना चाहती है ताकि उनकी समस्याएं और उम्मीदें समझी जा सकें। - चिराग पासवान का चुनावी रणनीति और बीजेपी से गठबंधन के बारे में क्या दृष्टिकोण है?
चिराग पासवान ने कहा कि चुनावी हालात देखकर तय किया जाएगा कि लोक जनशक्ति पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी या बीजेपी के साथ गठबंधन करेगी। उनका कहना है कि पार्टी को पहले संगठन मजबूत करना होगा।
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