कोचिंग संस्थानों के फीस ट्रैप में फंस रहे छात्र, बृजमोहन ने संसद में उठाया मामला

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कोचिंग संस्थानों की फीस ट्रैप पर लोकसभा में चिंता जताई है। उन्होंने पे पर टर्म सिस्टम लागू करने और छात्रों की मदद की अपील की।

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Arun Tiwari
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Brijmohan Agrawal Member of Parliament
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News in Short

  • बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में कोचिंग फीस ट्रैप का मसला उठाया।
  • पे पर टर्म व्यवस्था लागू करने की मांग की।
  • कोचिंग संस्थान एकमुश्त फीस ले रहे, छात्रों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
  • गाइडलाइन्स के पालन की कमी पर बृजमोहन ने चिंता जताई।
  • सभी राज्य सरकारों से कोचिंग विवाद समाधान के लिए निवारण सेल स्थापित करने की मांग की।

News in Detail

RAIPUR. कोचिंग संस्थान छात्रों के साथ ठगी कर रहे हैं और उनको फीस ट्रैप में फंसा रहे हैं। यह मसला लोकसभा में उठा।  देश के लाखों छात्रों को निजी कोचिंग संस्थानों (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) की मनमानी से बचाने के लिए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार से निर्णायक हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों में पे पर टर्म की व्यवस्था लागू होनी चाहिए ताकि छात्रों से उतनी ही फीस ली जा सके जितनी वे पढ़ाई करते हैं।

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एकमुश्त फीस की प्रथा बंद हो

बृजमोहन ने कहा कि असल में स्कूली छात्र कॉम्पिटिशन की तैयारी के लिए अलग-अलग कोचिंग संस्थानों में पढाई करते हैं जहां उन्हें आईआईटी, एनआईटी, एम्स जैसे संस्थानों में गारंटी शुदा  एडमिशन का प्रलोभन दिया जाता है और एक मुश्त पूरी फीस जमा करवा ली जाती है।

गरीब, ग्रामीण एवं मध्यम वर्गीय परिवार भी सोना, जमीन बेचकर एवं कर्ज लेकर होने बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए यह फीस जमा करते हैं, लेकिन अगर उन्हें अनुकूल पढ़ाई का वातावरण ना मिलने पर अगर वह संस्थान कोचिंग छोड़ना चाहे तो यह सेंटर मनमानी करते हैं, जिससे मां-बाप और बच्चे दोनों मानसिक रूप से प्रताड़ित होते हैं। 

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गाइडलाइन का पालन नहीं 

सांसद ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय (केंद्र सरकार) ने वर्ष 2024 में विभिन्न कोचिंग सेंटर के संदर्भ में गाइडलाइंस जारी की है। लेकिन इनका जमीनी स्तर पर पालन नहीं हो रहा है। उल्लेखनीय है कि यह मुद्दा सिर्फ स्कूली बच्चों तक नहीं बल्कि प्रोफेशनल कॉम्पिटिटिव एग्जाम जैसे यूपीएससी के लिए जाने वाले युवाओं के लिए भी प्रासंगिक है, दिल्ली जैसे महानगरों में युवा जाते हैं और भारी भरकम फीस जमा करते हैं लेकिन उन्हें भी इस प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है। सांसद अग्रवाल का य़ह भी कहना है कि मेरा कार्यालय इस संबंध में सभी छात्रों के हित के लिए चौबीस घंटे खुला है।

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केंद्र सरकार से मांग

1. सभी राज्य सरकारें विद्यार्थियों द्वारा बीच में संस्थान छोड़ने पर 10 दिनों के भीतर फीस रिफंड का अनुपालन करने की अनिवार्यता का नियम बनाएं। 

2.  छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में इन कोचिंग संस्थानों के विवाद के निपटारे हेतु फ़ास्ट ट्रैक निवारण सेल स्थापित किये जाने के के लिए छात्र/जन हित में सभी राज्य सरकारों को दिशा निर्देश दिए जाएं।

3. गाइडलाइन्स (2024) का कड़ाई से पालन होना सुनिश्चित करवाया जाए 

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छत्तीसगढ़ का कोटा बने रायपुर,भिलाई

रायपुर एवं दुर्ग-भिलाई मध्य भारत के कोटा के रूप में स्थापित हो रहे हैं एवं प्रदेश के बिलासपुर एवं रायगढ़ भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स छात्रों में लोकप्रिय हो रहे हैं। लेकिन, स्कूली विद्यार्थी कोचिंग संस्थानों के फीस जाल का शिकार हो रहे हैं।

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