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NEWS IN SHORT
- रायपुर में कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत पदयात्रा निकाली।
- पदयात्रा चंदखुरी के माता कौशल्या धाम से शुरू होकर पुराने विधानसभा चौक तक पहुंची।
- कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया।
- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
- मजदूरी भुगतान में देरी और बजट कटौती को लेकर कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराया।
NEWS IN DETAIL
Raipur. राजधानी रायपुर में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस ने पदयात्रा निकाली है। यह पदयात्रा सुबह 11 बजे माता कौशल्या धाम, चंदखुरी से शुरू हुई, जो पैदल चलते हुए रायपुर पहुंचकर पुराने विधानसभा चौक पर समाप्त होगी। पदयात्रा के जरिए कांग्रेस केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज करा रही है और मनरेगा को कमजोर करने के प्रयासों का विरोध कर रही है।
यात्रा के दौरान मनरेगा के समर्थन में नारेबाजी की जा रही है और आम लोगों को सरकार की नीतियों से अवगत कराया जा रहा है। इस पदयात्रा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के साथ कई सीनियर नेता, जनप्रतिनिधि, संगठन पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हैं।
मनरेगा को खत्म करने का आरोप :
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मनरेगा देश के करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि रोजगार की संवैधानिक गारंटी है, जिसने गरीब और मजदूर वर्ग को सम्मानजनक जीवन दिया है। लेकिन केंद्र सरकार नई योजनाओं के जरिए इसकी मूल भावना को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने VB-G RAM G योजना का हवाला देते हुए कहा कि इससे मनरेगा के अधिकार कमजोर होंगे और गांवों में ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा मिलेगा। कांग्रेस ने मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने के फैसले का भी विरोध किया है। नेताओं का कहना है कि यह फैसला सिर्फ नाम बदलने का नहीं, बल्कि गांधीजी के विचारों और ग्रामीण रोजगार की सोच को कमजोर करने की कोशिश है।
मजदूरी भुगतान पर सवाल :
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में मनरेगा के बजट में लगातार कटौती की गई है। इसके अलावा मजदूरी भुगतान में देरी, काम के दिन घटने और राज्यों पर बढ़ते वित्तीय बोझ के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। पार्टी का कहना है कि इसका सीधा असर गरीब, मजदूर और किसान परिवारों पर पड़ रहा है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा को कमजोर करने के किसी भी प्रयास को वह स्वीकार नहीं करेगी। पार्टी ने घोषणा की है कि इस मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष जारी रहेगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर जिला, ब्लॉक और नगर स्तर पर कांग्रेस संगठन उपवास और आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन मनरेगा से जुड़े अधिकारों, काम के दिनों और मजदूरी की गारंटी पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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