CSVTU का बड़ा फैसला; छत्तीसगढ़ में वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए बीटेक-एमटेक कोर्स शुरू
Umeshwari Baghel | Apr 12, 2026, 15:02 IST
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छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय ने वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए बीटेक और एमटेक कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है। भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दुर्ग से इसकी शुरुआत होगी।
Durg Bhilai : छत्तीसगढ़ में कामकाजी पेशेवरों के लिए एक नया अवसर सामने आया है। स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) ने (वर्किंग प्रोफेशनल्स बीटेक कोर्स छत्तीसगढ़)वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए बीटेक और एमटेक कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है।
इस निर्णय से अब डिप्लोमा धारक कर्मचारी नौकरी करते हुए इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त कर सकेंगे। इसकी शुरुआत भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), दुर्ग से होगी।
chhattisgarh education policy :इस कोर्स के लिए टोटल 90 सीटें तय की गई हैं। इनमें से हर शाखा के लिए 30-30 सीटें हैं। इसके अलावा, एमटेक के लिए 45 सीटें अवेलेबल हैं, जिनमें डेटा साइंस, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग और पावर एंड एनर्जी इंजीनियरिंग में प्रवेश मिलेगा। इस प्रकार, प्रदेश के पेशेवरों को इस कोर्स से लाभ मिलेगा, जो वर्षों से इस प्रकार के कोर्स का इंतजार कर रहे थे।
Chhattisgarh education news :इस कोर्स की सबसे खास बात है इसकी समय-सारणी। कक्षाएं कामकाजी पेशेवरों के समय के अनुसार शाम को या शिफ्ट के समय आयोजित की जाएंगी, ताकि कार्य और शिक्षा के बीच संतुलन बना रहे। यह बदलाव उन कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा, जिन्हें काम के दौरान नियमित कोर्स करने में मुश्किलें आ रही थी।
इस कोर्स में प्रवेश के लिए कुछ आवश्यक शर्तें हैं:
मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित विषय में डिप्लोमा इंजीनियरिंग। होना चाहिए
कम से कम 1 साल की नौकरी का अनुभव होना चाहिए।
अभ्यर्थी का कार्यस्थल संस्थान (बीआईटी दुर्ग) से 70 किमी के दायरे में होना चाहिए।
संबंधित कंपनी या उद्योग से एनओसी अनिवार्य है।
भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) जैसे बड़े उद्योगों में काम करने वाले हजारों डिप्लोमा धारकों के लिए यह योजना एक प्रकार से वरदान साबित हो सकती है। इस योजना के तहत वे अपनी डिग्री पूरी कर सकते हैं और उन्हें पदोन्नति तथा करियर में नए अवसर मिल सकेंगे।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के मानकों के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया की जाएगी। इसके मुताबिक, हर बैच में कम से कम 10 विद्यार्थी होने चाहिए। इस योजना के तहत प्रवेश जुलाई या अगस्त 2026 से शुरू होने की संभावना है।
बीआईटी दुर्ग के प्राचार्य डॉ. अनुप मिश्रा ने बताया कि एआईसीटीई की अनुमति के बाद सीएसवीटीयू ने इस कोर्स को हरी झंडी दे दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस शैक्षणिक सत्र से ही यह कोर्स शुरू हो जाएगा और कामकाजी पेशेवरों के लिए यह एक सुनहरा अवसर साबित होगा।
सीएसवीटीयू ने वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए बीटेक और एमटेक कोर्स शुरू कर रहे हैं ।(Chhattisgarh education)
कोर्स की शुरुआत भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), दुर्ग से होगी।
बीटेक के लिए 90 सीटें (30-30 मैकेनिकल, सिविल, कंप्यूटर साइंस) और एमटेक के लिए 45 सीटें। हैं
लचीला शेड्यूल, शाम को या शिफ्ट टाइमिंग के अनुसार कक्षाएं। लगेंगी
पात्रता: डिप्लोमा इंजीनियरिंग, 1 साल का कार्य अनुभव, एनओसी जरूरी। हैं
उद्योग कर्मचारियों को पदोन्नति और बेहतर करियर अवसर मिलेगा।
प्रवेश प्रक्रिया एआईसीटीई के मानकों पर आधारित होगी।
जुलाई-अगस्त 2026 से प्रवेश शुरू होने की उम्मीद।
इस फैसले से छत्तीसगढ़ के कामकाजी पेशेवरों को एक नया शैक्षणिक मार्ग मिलेगा। अब वे अपनी नौकरी के साथ-साथ अपनी शैक्षिक योग्यता को भी बढ़ा सकते हैं, जिससे उन्हें भविष्य में करियर में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
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इस निर्णय से अब डिप्लोमा धारक कर्मचारी नौकरी करते हुए इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त कर सकेंगे। इसकी शुरुआत भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), दुर्ग से होगी।
सीटों का निर्धारण और प्रवेश प्रक्रिया
शेड्यूल पेशेवरों की जरूरत के हिसाब से
पात्रता और शर्तें
मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित विषय में डिप्लोमा इंजीनियरिंग। होना चाहिए
कम से कम 1 साल की नौकरी का अनुभव होना चाहिए।
अभ्यर्थी का कार्यस्थल संस्थान (बीआईटी दुर्ग) से 70 किमी के दायरे में होना चाहिए।
संबंधित कंपनी या उद्योग से एनओसी अनिवार्य है।
उद्योग कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ
एआईसीटीई की गाइडलाइन के अनुसार प्रवेश
आशा और उम्मीदें
हत्वपूर्ण तथ्य (IMP FATCS)
कोर्स की शुरुआत भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), दुर्ग से होगी।
बीटेक के लिए 90 सीटें (30-30 मैकेनिकल, सिविल, कंप्यूटर साइंस) और एमटेक के लिए 45 सीटें। हैं
लचीला शेड्यूल, शाम को या शिफ्ट टाइमिंग के अनुसार कक्षाएं। लगेंगी
पात्रता: डिप्लोमा इंजीनियरिंग, 1 साल का कार्य अनुभव, एनओसी जरूरी। हैं
उद्योग कर्मचारियों को पदोन्नति और बेहतर करियर अवसर मिलेगा।
प्रवेश प्रक्रिया एआईसीटीई के मानकों पर आधारित होगी।
जुलाई-अगस्त 2026 से प्रवेश शुरू होने की उम्मीद।
निष्कर्ष
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