इधर इंतजार, उधर अंतिम संस्कार, कुलगाम आतंकी हमले में दीपक रात्रे की मौत
Umeshwari Baghel | Aug 02, 2026, 17:59 IST
कुलगाम आतंकी हमले में दीपक की मौत
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के दीपक रात्रे की मौत हो गई। परिजन शव आने का इंतजार करते रहे लेकिन प्रशासन ने वहीं अंतिम संस्कार कर दिया। परिवार आखिरी बार दीपक का चेहरा भी नहीं देख पाया।
समझें क्या है पूरा मामला
- इधर घर में इंतजार, उधर कश्मीर में अंतिम संस्कार
- दीपक का शव नहीं पहुंचा, कश्मीर में ही हुई अंतिम विदाई
- आखिरी बार चेहरा भी नहीं देख पाए दीपक के परिजन
- कुलगाम हमले में मारे गए दीपक को नहीं मिली घर की मिट्टी
- बेटे के आने का इंतजार करते रहे, अंतिम संस्कार की खबर आ गई
परिवार को इस बात का सबसे ज्यादा दुख है कि वे अपने लाडले का आखिरी बार चेहरा तक नहीं देख पाए। दीपक के मामा दिलहरण सांडे ने बताया कि उन्होंने दीपक को बचपन से अपनी गोद में खिलाया था। उसकी मौत की खबर के बाद पूरा परिवार सदमे में है। अंतिम दर्शन की इच्छा अधूरी रह जाने से परिजनों की पीड़ा और बढ़ गई है।
मामा के घर हुआ था पालन-पोषण
दीपक की मौत के बाद हरदीडीह गांव में मातम पसरा हुआ है। परिवार के लोग लगातार रो रहे हैं। ग्रामीण भी इस घटना से दुखी हैं और आतंकियों की इस हरकत को लेकर नाराजगी जता रहे हैं।
चार महीने के बेटे और परिवार को छोड़ गया दीपक
परिवार के लिए दीपक की मौत सिर्फ भावनात्मक नुकसान नहीं है बल्कि आर्थिक संकट भी लेकर आई है। जिस बेटे पर घर की जिम्मेदारी थी वह अचानक चला गया।
आतंकियों ने पहचान पूछकर मारी गोली
इस हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत हुई है। घटना के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश है। लोग निर्दोष मजदूरों को निशाना बनाए जाने की निंदा कर रहे हैं।
प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत हुआ अंतिम संस्कार
परिवार को इस फैसले की जानकारी मिलने के बाद वे काफी भावुक हो गए। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाना उनके लिए जीवनभर का दर्द बन गया है।
मुख्यमंत्री ने की आर्थिक सहायता की घोषणा
उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिवारों के लिए राज्य सरकार की ओर से 20-20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ समन्वय कर जरूरी मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
परिवार और गांव में गहरा दुख
अब परिवार के सामने बेटे को खोने का दुख और भविष्य की चिंता दोनों खड़ी हैं। परिजनों का कहना है कि दीपक की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती। उनका सबसे बड़ा दर्द यही है कि वे अपने बेटे को आखिरी बार देख भी नहीं सके।
FAQ
- जम्मू-कश्मीर आतंकी हमले में किसकी मौत हुई?
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के बुंदेली गांव निवासी 21 वर्षीय दीपक रात्रे की मौत हुई। - दीपक रात्रे का अंतिम संस्कार कहां किया गया?
दीपक रात्रे का अंतिम संस्कार जम्मू-कश्मीर में ही प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किया गया। परिजन उसका शव गांव आने का इंतजार कर रहे थे। - दीपक के परिवार को सरकार ने क्या मदद दी है?
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतक दीपक रात्रे और दूसरे श्रमिक के परिवार को 20-20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
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