ec24d961-8de
GYAN से 2047 का विकसित छत्तीसगढ़: विष्णु भैया की सोच में युवा बने विकास की नई ताकत
The Sootr | Aug 27, 2026, 15:59 IST
Impact Feature
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के GYAN मॉडल (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) से वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हो रहा है। जानिए शिक्षा, कौशल विकास और निवेश से युवाओं को कैसे मिल रहे हैं नए अवसर...
Raipur. छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित, समृद्ध और सर्वसुविधायुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रही है। इस विजन के केंद्र में GYAN मॉडल है। इसमें G यानी गरीब, Y यानी युवा, A यानी अन्नदाता और N यानी नारी को विकास की मुख्य धुरी बनाया गया है।
सरकार का मानना है कि प्रदेश का भविष्य उसकी सबसे बड़ी ताकत यानी मानव संसाधन से तय होगा। इसी सोच के साथ युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक कौशल, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दूसरी ओर गरीब परिवारों को बुनियादी सुविधाएं, किसानों को आर्थिक मजबूती और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने विकसित छत्तीसगढ़ के लिए 2030 तक निकटवर्ती, 2035 तक मध्यवर्ती और 2047 तक दीर्घकालिक लक्ष्य तय किए हैं। ‘अंजोर विजन’ में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, अधोसंरचना सहित 13 क्षेत्रों को चिह्नित कर इनके विकास के लिए 10 मिशन गठित करने का निर्णय लिया गया है।
विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव युवाओं को माना गया है। इसी वजह से उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को प्रदेश में प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग मिशन मोड में काम कर रहा है। उच्च शिक्षा मिशन योजना के प्रयासों का असर सकल नामांकन अनुपात यानी GER में भी दिखाई दे रहा है। वर्ष 2021-22 में प्रदेश का GER 19.6 प्रतिशत था, जो बढ़कर वर्तमान में 27.5 प्रतिशत हो गया है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2035 तक इसे 50 प्रतिशत तक पहुंचाना है।
हर जिले में सर्वसुविधायुक्त ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ महाविद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ‘राज्य रिसर्च एवं इनोवेशन योजना’ का खाका तैयार किया गया है।
उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए NAAC मूल्यांकन पर भी जोर है। प्रदेश के 343 शासकीय महाविद्यालयों में से NAAC मूल्यांकन के लिए पात्र 254 महाविद्यालयों में 200 का मूल्यांकन पूरा हो चुका है। वहीं प्रदेश के 9 विश्वविद्यालयों में से 5 विश्वविद्यालयों का NAAC मूल्यांकन पूरा हो गया है।
वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 8 नए शासकीय महाविद्यालय, 5 नए निजी महाविद्यालय और 3 नए निजी विश्वविद्यालय शुरू किए गए हैं। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 595 प्राध्यापक पद और सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल एवं क्रीड़ाधिकारी के 700 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है।
विकास का पहला कदम समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाना है। साय सरकार गरीब और वंचित परिवारों के लिए आवास, सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और आजीविका जैसी बुनियादी जरूरतों को मजबूत करने पर जोर दे रही है। शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 825 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में सड़क, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
2047 का विकसित छत्तीसगढ़ आज के युवाओं के दम पर तैयार होगा। इसी कारण स्कूली शिक्षा के लिए लगभग 22,360 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। अबूझमाड़ और जगदलपुर जैसे क्षेत्रों में ‘एजुकेशन सिटी’ की परिकल्पना की गई है, ताकि दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा के अवसर मिल सकें। ITI और पॉलिटेक्निक संस्थानों के आधुनिकीकरण, कौशल विकास मिशन और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है।
युवाओं के भविष्य को मजबूत करने के लिए शिक्षा के साथ उद्योग और निवेश का विस्तार भी किया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ को 264 औद्योगिक परियोजनाओं से लगभग 8.22 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन परियोजनाओं से 1.72 लाख से अधिक रोजगार मिलने की संभावना है। इनमें से 154 परियोजनाएं निर्माण, भूमि आवंटन या उत्पादन के चरण तक पहुंच चुकी हैं। कई इकाइयों ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है। इसी अवधि में प्रदेश में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे 50,807 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में किसान की भूमिका सबसे अहम है। इसलिए विकसित राज्य के विजन में अन्नदाता को विशेष स्थान दिया गया है। कृषि विभाग के लिए 13,507 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और प्रोत्साहन देने वाली कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपए रखे गए हैं। वहीं भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना में 600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में मजबूत भागीदारी देने के लिए महतारी वंदन योजना अहम भूमिका निभा रही है। योजना के तहत प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए, यानी सालाना 12,000 रुपए, DBT के माध्यम से उनके आधार-संबद्ध बैंक खातों में भेजे जा रहे हैं। इसके लिए बजट में 8,200 करोड़ रुपए का प्रावधान है। महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए कुल 11,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। महिलाओं को संपत्ति पंजीकरण में 50 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ ने भी विकसित राज्य का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए अलग-अलग समय सीमा के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। सरकार गरीबों को सुविधा और अवसर, युवाओं को शिक्षा और रोजगार, किसानों को मजबूत आय और महिलाओं को आर्थिक ताकत दे रही है। इसी GYAN मॉडल के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, अधोसंरचना और रोजगार जैसे क्षेत्रों को एक साथ आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है।
RO-13847/3
सरकार का मानना है कि प्रदेश का भविष्य उसकी सबसे बड़ी ताकत यानी मानव संसाधन से तय होगा। इसी सोच के साथ युवाओं को बेहतर शिक्षा, आधुनिक कौशल, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दूसरी ओर गरीब परिवारों को बुनियादी सुविधाएं, किसानों को आर्थिक मजबूती और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने विकसित छत्तीसगढ़ के लिए 2030 तक निकटवर्ती, 2035 तक मध्यवर्ती और 2047 तक दीर्घकालिक लक्ष्य तय किए हैं। ‘अंजोर विजन’ में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, अधोसंरचना सहित 13 क्षेत्रों को चिह्नित कर इनके विकास के लिए 10 मिशन गठित करने का निर्णय लिया गया है।
शिक्षा से रोजगार तक युवाओं के लिए फोकस
हर जिले में सर्वसुविधायुक्त ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ महाविद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ‘राज्य रिसर्च एवं इनोवेशन योजना’ का खाका तैयार किया गया है।
उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए NAAC मूल्यांकन पर भी जोर है। प्रदेश के 343 शासकीय महाविद्यालयों में से NAAC मूल्यांकन के लिए पात्र 254 महाविद्यालयों में 200 का मूल्यांकन पूरा हो चुका है। वहीं प्रदेश के 9 विश्वविद्यालयों में से 5 विश्वविद्यालयों का NAAC मूल्यांकन पूरा हो गया है।
वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 8 नए शासकीय महाविद्यालय, 5 नए निजी महाविद्यालय और 3 नए निजी विश्वविद्यालय शुरू किए गए हैं। शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 595 प्राध्यापक पद और सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल एवं क्रीड़ाधिकारी के 700 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है।
G- गरीब: बुनियादी सुविधाओं से आत्मनिर्भरता तक
8bc8f743-8bf
Y- युवा: पढ़ाई, कौशल और रोजगार का नया रास्ता
3a2076ff-d26
उद्योग बढ़े तो युवाओं के लिए अवसर भी बढ़ेंगे
7f9a3847-43c
A- अन्नदाता: किसान मजबूत तो गांव मजबूत
5d13b192-68d
N- नारी: आर्थिक मजबूती से बढ़ रहा आत्मविश्वास
66dc1799-626
2047 की तैयारी में आज के फैसलों पर जोर
RO-13847/3
जयपुर के विद्याधर का बाग में शादी-पार्टियों पर रोक, हाईकोर्ट ने रेस्टोरेंट टेंडर पर भी उठाए सवाल
By Mukesh Sharma
डॉक्टर को दिखाने आया था युवक, अचानक हाथ में फट गया फोन, क्लिनिक में मचा हड़कंप
By Amresh Kushwaha
हाथ-पैर हिल रहे हों, फिर भी चाहिए 16-18 साल की सुंदर महिला, विधायक पन्नालाल शाक्य ने कसा अधिकारियों पर तंज
By Sandeep Kumar
वेतन, बोनस और भुगतान के नियम बदले: अब हर कर्मचारी को मिलेगी वेतन पर्ची; शादी के बाद नॉमिनी भी बदलना होगा
By VINAY VERMA
गैर-RAS अफसरों के IAS चयन पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को 15 दिन में फैसला लेने के निर्देश
By Mukesh Sharma
महादेव सट्टा किंग सौरभ चंद्राकर को 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड, 4 नवंबर तक रायपुर की CBI कोर्ट में करना होगा पेश
By VINAY VERMA
ड्यूटी पर निकले, मौत मिली! MP में अफसरों का हत्यारा माफिया! कितने मामलों में हुई सजा?
By Atul Dwivedi