जयपुर के विद्याधर का बाग में शादी-पार्टियों पर रोक, हाईकोर्ट ने रेस्टोरेंट टेंडर पर भी उठाए सवाल
Mukesh Sharma | Nov 02, 2026, 20:00 IST
विद्याधर का बाग में रेस्टोरेंट चलाने का टेंडर जारी कैसे हुआ
राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर के प्रसिद्ध विद्याधर का बाग में शादी-समारोह, पार्टियों और रेस्टोरेंट के संचालन के साथ ही बाग में रेस्टोरेंट संचालन का टेंडर जारी करने पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने संबंधित अधिकारी को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पूछा है कि जब यह संपत्ति आरक्षित वन क्षेत्र में स्थित है और इसके पास वन्यजीवों का इलाका है। यहां व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति देने के लिए टेंडर किस आधार पर जारी किया गया
इसके साथ ही अदालत ने विद्याधर का बाग में शादी-समारोह,पार्टियों,रेस्टोरेंट और इस तरह की सभी व्यावसायिक गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक लगा दी है। कोर्ट ने माना कि यहां देर रात तक तेज म्यूजिक, लेजर लाइट और आतिशबाजी से संरक्षित वन्यजीवों को परेशानी होती है। ऐसे में इस तरह की गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती। चीफ जस्टिस संजय के.अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन की बैंच ने यह आदेश सिटिजन्स प्रोटेक्शन सोसायटी की जनहित याचिका पर दिया।
कोर्ट ने मामले में एडवोकेट अपेक्षा बापना को न्यायमित्र (कोर्ट कमिश्नर) नियुक्त किया है। उन्हें बाग का निरीक्षण कर तस्वीरों सहित विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई आठ दिसंबर को होगी।
याचिका में बताया गया कि विद्याधर का बाग एक घोषित स्मारक है और आरक्षित वन क्षेत्र में स्थित है। इसके बावजूद यहां शादियां और निजी समारोह आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों में देर रात तक तेज आवाज में म्यूजिक बजाया जाता है। लेजर लाइट और आतिशबाजी का इस्तेमाल भी होता है। याचिका में यह भी बताया गया कि 14 सितंबर 2022 को जारी टेंडर के आधार पर इस बाग में रेस्टोरेंट का संचालन किया जा रहा था। याचिकाकर्ता ने इन गतिविधियों को वन्यजीवों और पर्यावरण के लिए नुकसानदायक बताते हुए इन पर रोक लगाने की मांग की थी।
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करने के लिए कोई उपस्थित नहीं हुआ। इसके बावजूद अदालत ने जनहित याचिका में उठाए गए मुद्दों पर विचार किया। कोर्ट ने कहा कि विद्याधर का बाग वन्यजीव क्षेत्र के पास स्थित है। ऐसे में यहां देर रात तक आतिशबाजी, तेज म्यूजिक और लेजर लाइट का इस्तेमाल संरक्षित वन्यजीवों के लिए परेशानी का कारण बनता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसी गतिविधियों पर रोक लगनी चाहिए।
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता माही यादव ने कोर्ट को बताया कि बाग में फिलहाल न तो शादी-समारोह आयोजित किए जा रहे हैं और न ही किसी तरह की व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। सरकार के अनुसार 14 सितंबर 2022 को जारी टेंडर की अवधि समाप्त हो चुकी है। वन विभाग के अधिकारियों ने भी सरकार के इस पक्ष का समर्थन किया।
सरकार की ओर से दी गई इन दलीलों और टेंडर की अवधि समाप्त होने के तथ्य को देखते हुए हाईकोर्ट ने संबंधित इलाके में ऐसी सभी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने साफ किया कि अब इस क्षेत्र में पार्टियों, शादी-समारोह, रेस्टोरेंट या इसी तरह के किसी भी व्यावसायिक उपयोग की अनुमति नहीं होगी।
हाईकोर्ट ने एडवोकेट अपेक्षा बापना को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करते हुए विद्याधर का बाग परिसर का निरीक्षण करने, मौके की तस्वीरें लेने और वहां की वास्तविक स्थिति की पूरी जानकारी जुटाकर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस काम के लिए राज्य सरकार को उन्हें 25 हजार रुपए का भुगतान करना होगा। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान कोर्ट कमिश्नर को सभी जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी कहा है। कोर्ट कमिश्नर को भी अगली सुनवाई से पहले अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी।
कोर्ट ने मामले में एडवोकेट अपेक्षा बापना को न्यायमित्र (कोर्ट कमिश्नर) नियुक्त किया है। उन्हें बाग का निरीक्षण कर तस्वीरों सहित विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई आठ दिसंबर को होगी।
यह है पूरा मामला
फिर भी कोर्ट ने किया विचार
सरकार ने कहा- टेंडर खत्म,अभी कोई गतिविधि नहीं
सरकार की ओर से दी गई इन दलीलों और टेंडर की अवधि समाप्त होने के तथ्य को देखते हुए हाईकोर्ट ने संबंधित इलाके में ऐसी सभी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने साफ किया कि अब इस क्षेत्र में पार्टियों, शादी-समारोह, रेस्टोरेंट या इसी तरह के किसी भी व्यावसायिक उपयोग की अनुमति नहीं होगी।
कोर्ट कमिश्नर मौके पर जाकर तैयार करेंगी रिपोर्ट
डॉक्टर को दिखाने आया था युवक, अचानक हाथ में फट गया फोन, क्लिनिक में मचा हड़कंप
By Amresh Kushwaha
हाथ-पैर हिल रहे हों, फिर भी चाहिए 16-18 साल की सुंदर महिला, बीजेपी विधायक पन्नालाल शाक्य ने कसा तंज
By Sandeep Kumar
वेतन, बोनस और भुगतान के नियम बदले: अब हर कर्मचारी को मिलेगी वेतन पर्ची; शादी के बाद नॉमिनी भी बदलना होगा
By VINAY VERMA
गैर-RAS अफसरों के IAS चयन पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को 15 दिन में फैसला लेने के निर्देश
By Mukesh Sharma
महादेव सट्टा किंग सौरभ चंद्राकर को 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड, 4 नवंबर तक रायपुर की CBI कोर्ट में करना होगा पेश
By VINAY VERMA
ड्यूटी पर निकले, मौत मिली! MP में अफसरों का हत्यारा माफिया! कितने मामलों में हुई सजा?
By Atul Dwivedi
2027 तक के लिए प्रशासनिक आदेश: जनगणना के बीच अफसर-कर्मचारियों के ट्रांसफर पर GAD ने लगाई रोक, बदल पाएंगे तैनाती
By VINAY VERMA