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NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ विधानसभा में नशे की तस्करी के मुद्दे पर ध्यानाकर्षण, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिया जवाब।
- चार माह में 399 केस दर्ज, 679 आरोपी गिरफ्तार।
- 2025 में 16 आरोपियों की 13.29 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति फ्रीज।
- 2025 में 1288 प्रकरणों में 2342 गिरफ्तारी, हजारों किलो गांजा जब्त।
- ‘मानस’ टोल फ्री नंबर 1933 शुरू, 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित।
NEWS IN DETAIL
विधानसभा में उठा नशे का मुद्दा
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में नशे की बढ़ती समस्या को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने प्रदेश में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर चिंता जताते हुए प्रशासन पर सवाल उठाए।
चंद्राकर ने AIIMS और सामाजिक न्याय मंत्रालय के राष्ट्रीय सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में ड्रग लेने वालों की संख्या डेढ़ से दो लाख के बीच पहुंच चुकी है, जबकि गांजा पीने वालों की संख्या लगभग चार लाख है।
उन्होंने चिंता जताई कि 10 से 17 वर्ष की उम्र के 40 हजार से अधिक बच्चे नशे की गिरफ्त में हैं।
तस्करों पर सख्ती, संपत्ति भी फ्रीज
इन आरोपों पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पहली बार एनडीपीएस एक्ट के मामलों में आरोपियों की वित्तीय जांच भी की जा रही है। 2025 में 16 आरोपियों की 13 करोड़ 29 लाख रुपए से ज्यादा की संपत्ति जब्त की गई। 2024 से 31 जनवरी 2026 तक 145 आदतन आरोपियों पर कार्रवाई की गई।
चार माह में बड़ी कार्रवाई
पिछले चार महीनों में 399 मामले दर्ज कर 679 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 6791 किलो गांजा, हेरोईन, अफीम, ब्राउन शुगर, कोकीन, एमडीएमए और 98 हजार से ज्यादा नशीली गोलियां जब्त की गईं।
नशे के सामान पर भी कार्रवाई
रायपुर और दुर्ग में गोगो, रोलिंग पेपर, स्मोकिंग कोन जैसे नशा सेवन के सामान की बिक्री के खिलाफ अभियान चलाया गया। 18 लोगों पर कार्रवाई हुई। रायपुर पुलिस आयुक्त ने इन सामग्रियों पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है।
पुलिसकर्मी पर भी केस दर्ज
11 फरवरी 2026 को टिकरापारा थाने में एक आरक्षक के पास से हेरोईन मिलने पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। सरकार ने साफ किया कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया गया तो कार्रवाई होगी।
‘मानस’ पोर्टल की जांच
नशे की शिकायत के लिए ‘मानस’ टोल फ्री नंबर 1933 शुरू किया गया है। विधानसभा में ही इसकी जांच कराई गई और नंबर चालू पाया गया।
Sootr Knowledge
- एनडीपीएस एक्ट नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए बना सख्त कानून है।
- संपत्ति फ्रीज करना तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने का तरीका है।
- एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) विशेष रूप से नशे के मामलों की जांच करती है।
- पेंटाजोसीन और नाइट्राजेपम जैसी दवाओं का दुरुपयोग नशे के रूप में किया जाता है।
- टोल फ्री हेल्पलाइन पर शिकायत करने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
IMP FACTS
- 2025 में 1288 केस, 2342 आरोपी गिरफ्तार।
- 16,999.7 किलो गांजा 2025 में जब्त।
- 2026 में 31 जनवरी तक 146 केस दर्ज।
- 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के लिए 100 नए पद स्वीकृत।
- 13.29 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति फ्रीज।
आगे क्या
- सभी जिलों में टास्क फोर्स और मजबूत की जाएगी।
- एनडीपीएस मामलों में वित्तीय जांच जारी रहेगी।
- नशे की सप्लाई और डिमांड नेटवर्क को तोड़ने पर फोकस रहेगा।
- जागरूकता अभियान और सख्ती दोनों साथ-साथ चलेंगे।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ सरकार ने नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। केवल तस्करों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनकी संपत्ति फ्रीज कर आर्थिक कमर तोड़ने की भी कार्रवाई की जा रही है। विधानसभा में दिए गए आंकड़े बताते हैं कि नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है।
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