फिल्म टिकट और लाल अंगूर मांगते थे साहब, खिदमत नहीं करने पर दी प्रताड़ना, WhatsApp चैैट के आधार हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
VINAY VERMA | Jan 17, 2026, 15:53 IST
durg-municipal-commissioner-emplyoee-suspension-high-court-stay
दुर्ग नगर निगम के कमिश्नर पर अधीनस्थ कर्मचारी से निजी काम कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। कर्मचारी ने फिल्म टिकट, चावल, फल और वाई-फाई रिचार्ज जैसी मांगों से जुड़े वॉट्सएप चैट को सबूत बनाकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
NEWS IN SHORT
- दुर्ग नगर निगम कमिश्नर पर अधीनस्थ कर्मचारी से निजी काम कराने का आरोप।
- फिल्म टिकट, चावल, फल और बंगले के वाई-फाई रिचार्ज की मांग के आरोप।
- पीड़ित कर्मचारी ने वॉट्सएप चैट को सबूत बनाकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
- हाईकोर्ट ने निगम की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
- मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को तय, राज्य शासन और कमिश्नर से जवाब तलब।
NEWS IN DETAIL
आरोप है कि “खिदमत” नहीं होने पर कर्मचारी को सेवा से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। पीड़ित कर्मचारी ने कार्रवाई के खिलाफ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में वॉट्सएप चैट के सबूतों के साथ याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने मामले में निगम की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए राज्य शासन और कमिश्नर से जवाब मांगा है।
ये खबर भी पढ़ें... लव-ट्रैप में फंसाकर करोड़ों की ठगी, DSP कल्पना वर्मा ने आरोपों को झूठा बताया, कारोबारी ने दिखाए चैट्स
Municipal Commissioner Sumit Agarwal
गवाहों से पूछताछ नहीं
ये खबर भी पढ़ें... DSP कल्पना वर्मा पर आरोप लगाने वाले कारोबारी के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी, 28 लाख की धोखाधड़ी उजागर, DGP ने भी दिया बयान
WhatsApp चैट बने सबूत
Durg commissioner case
Durg commissioner case
ये खबर भी पढ़ें... DSP कल्पना वर्मा केस: महादेव सट्टा पैनल का ऑफर ठुकराने पर बिगड़े रिश्ते, दीपक टंडन ने DGP को लिखा पत्र
याचिकाकर्ता ने याचिका के साथ कमिश्नर सुमित अग्रवाल और अपने बीच हुए वॉट्सएप चैट की फोटो कॉपी संलग्न की है। इन चैट्स में “लाल अंगूर”, “धुरंधर मूवी की टिकट चाहिए, वो भी थिएटर की कॉर्नर वाली सीट”, “10 किलो जवाफूल चावल”, और “बंगले के वाई-फाई का रिचार्ज करवा दो” का जिक्र है। एक चैट में कमिश्नर द्वारा एमआईसी (मेयर-इन-काउंसिल) की बैठक कैंसिल करने को लेकर भी सवाल पूछा गया है। एक अन्य संदेश में किसी कर्मचारी को “समझा देने” की बात लिखी गई है, यह कहते हुए कि “हटा दूंगा”।
नियुक्ति-पदोन्नति विवाद भी जुड़ा
याचिकाकर्ता के अनुसार, उसकी नियुक्ति 8 अगस्त 2014 को दुर्ग नगर निगम में चपरासी के पद पर हुई थी। 21 नवंबर 2019 को उसे सहायक ग्रेड-तृतीय के पद पर पदोन्नति मिली। सेवा अवधि के दौरान 31 जुलाई 2025 को निगम आयुक्त ने उसे कारण बताओ नोटिस जारी कर आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति और पदोन्नति अवैध तरीके से की गई।
याचिकाकर्ता ने जवाब में स्पष्ट किया कि वह केवल चपरासी (प्रभारी क्लर्क) के रूप में फाइलें सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करता था, नियुक्ति या पदोन्नति का निर्णय उसका नहीं था। इसके बावजूद उसे निलंबित कर दिया गया।
ये खबर भी पढ़ें... DSP कल्पना वर्मा पर प्यार धोखा और ब्लैकमेलिंग का आरोप, किसने लगाए आरोप ?
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari