मुश्किल में दुर्ग विश्वविद्यालय के कुलसचिव, सरकारी गाड़ी का किया निजी इस्तेमाल

Arun Tiwari | Jul 30, 2026, 12:10 IST
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दुर्ग यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने किया कार का गलत इस्तेमाल
दुर्ग यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने किया कार का गलत इस्तेमाल

दुर्ग विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप को सरकारी कार के अनुचित निजी इस्तेमाल, बीमा क्लेम न लेने, अनधिकृत मरम्मत कराने और वित्तीय नियमों के उल्लंघन के चलते उच्च शिक्षा संचालनालय ने कारण बताओ नोटिस भेजा है।

RAIPUR : हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उच्च शिक्षा संचालनालय ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए थे। इस नोटिस का जवाब देने की अंतिम तारीख 30 जुलाई है। कुलसचिव पर शासकीय वाहन के दुरुपयोग, वाहन मरम्मत में अनियमितता और वित्तीय प्रक्रियाओं के उल्लंघन सहित पांच गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

जांच रिपोर्ट के बाद नोटिस:

यह कार्रवाई एक उच्च स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जांच में विश्वविद्यालय की सरकारी कार (सीजी-02-6681) के उपयोग और उसके दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद की गई मरम्मत से जुड़े मामलों की पड़ताल की गई। जांच रिपोर्ट में कई ऐसे तथ्य सामने आने का दावा किया गया, जिन्हें प्रथम दृष्टया प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितता माना गया। इसके बाद क्षेत्रीय उच्च शिक्षा कार्यालय, दुर्ग की रिपोर्ट के आधार पर उच्च शिक्षा संचालनालय ने कुलसचिव से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।

कुलसचिव पर आरोप:

  1. नोटिस में सबसे पहला आरोप सरकारी वाहन के निजी उपयोग से जुड़ा है। जांच में यह सवाल उठाया गया है कि संबंधित वाहन का इस्तेमाल निर्धारित सरकारी कार्यों के बजाय व्यक्तिगत उपयोग के लिए किया गया। यदि यह आरोप सही पाया जाता है तो इसे सेवा नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
  2. दूसरा आरोप वाहन की मरम्मत प्रक्रिया को लेकर है। बताया गया है कि दुर्घटना के बाद वाहन की मरम्मत निर्धारित शासकीय प्रक्रिया का पालन किए बिना कराई गई और इसके लिए विश्वविद्यालय की राशि खर्च की गई। जांच में यह भी उल्लेख किया गया है कि वाहन का बीमा होने के बावजूद उसका बीमा क्लेम नहीं लिया गया। इससे विश्वविद्यालय को आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई गई है।
  3. नोटिस में यह भी कहा गया है कि वाहन के रखरखाव और मरम्मत पर आवश्यकता से अधिक खर्च किया गया। इसके अलावा दुर्घटनाग्रस्त वाहन की मरम्मत अधिकृत प्रक्रिया के बजाय निजी स्तर पर कराने और भुगतान में संभावित वित्तीय अनियमितता का भी उल्लेख किया गया है। इन्हीं बिंदुओं को आधार बनाकर कुलसचिव से जवाब मांगा गया है कि आखिर इन परिस्थितियों में नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया।

जवाब के बाद आगे कार्यवाही:

उच्च शिक्षा विभाग ने इन आरोपों को गंभीर प्रकृति का माना है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो विभागीय जांच को आगे बढ़ाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय कुलसचिव के जवाब और उसके परीक्षण के बाद ही लिया जाएगा।

FAQ

  1. छत्तीसगढ़ के किस विश्वविद्यालय के कुलसचिव विवादों में हैं?
    उत्तर: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (दुर्ग)। यहाँ के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप पर प्रशासनिक और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगे हैं।
  2. उच्च शिक्षा क्षेत्र में किसी राज्य विश्वविद्यालय में 'कुलसचिव' (Registrar) की क्या भूमिका होती है?
    उत्तर: कुलसचिव विश्वविद्यालय का मुख्य प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारी (Chief Administrative Officer) होता है। विश्वविद्यालय की संपत्तियों, वाहनों, बजट आवंटन और दैनिक प्रशासनिक कार्यों की देखरेख की जिम्मेदारी कुलसचिव की ही होती है।
  3. राज्य में विश्वविद्यालयों के कामकाज और प्रशासनिक नियंत्रण की देखरेख कौन सी संस्था करती है?
    उत्तर: उच्च शिक्षा संचालनालय (Directorate of Higher Education), जो राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रशासनिक एवं वित्तीय निगरानी का कार्य करता है।

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