सामान्य प्रशासन विभाग के वेतन नियमों में बदलाव, क्रमोन्नति योजना अब होगी बंद
Aishwarya Dwivedi | Jun 18, 2026, 17:02 IST
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छत्तीसगढ़ में 31 मार्च 2026 तक नियुक्त 4 लाख 07 हजार सरकारी कर्मचारियों को एक महीने में क्रमोन्नति या समयमान वेतनमान में से एक विकल्प चुनना होगा, वरना स्वतः क्रमोन्नति लागू होगी।
समझें क्या है पूरा मामला
कर्मचारी तय करेंगे वेतनमान
शासन ने वेतनमान के नियमों में बड़ा फेरबदल किया है। इस नए बदलाव के तहत कर्मचारियों को दो विकल्प दिए गए हैं। पहला विकल्प क्रमोन्नति वेतनमान का है। दूसरा विकल्प समयमान वेतनमान का है। कर्मचारियों को इनमें से किसी एक का चयन करना होगा।
4 लाख से ज्यादा कर्मियों पर असर
इन सभी कर्मचारियों को एक महीने के भीतर अपनी पसंद बतानी होगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने 9 जून को यह आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक कर्मचारियों को 9 जुलाई तक अपना विकल्प फॉर्म भरना होगा।
तय समय में विकल्प देना जरूरी
कर्मचारियों द्वारा चुना गया विकल्प अंतिम माना जाएगा। इसे भविष्य में किसी भी स्थिति में बदला नहीं जा सकेगा। आगे मिलने वाले सभी उच्चतर वेतनमान इसी विकल्प के आधार पर तय होंगे। इसलिए कर्मचारियों को बहुत सोच-समझकर फैसला लेना होगा।
सामान्य प्रशासन विभाग के वेतन नियमों में बदलाव
नए कर्मचारियों के लिए अलग नियम
इसका मतलब है कि पुराने कर्मचारियों के पास ही चुनने का मौका है। नए सरकारी सेवकों को अनिवार्य रूप से समयमान वेतनमान व्यवस्था से जुड़ना होगा। उनके लिए क्रमोन्नति योजना पूरी तरह बंद रहेगी।
कई संवर्गों की योजनाएं होंगी बंद
इस फैसले से शिक्षक संवर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। इसके अलावा सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी भी इसके दायरे में आएंगे। निर्माण विभागों के उप अभियंता और वन विभाग (FD - Forest Department) के वन क्षेत्रपालों की विशेष योजनाएं भी बंद होंगी। इन सभी का समावेश अब वित्त विभाग की समयमान व्यवस्था में होगा।
जानिए क्या है क्रमोन्नति योजना
इसके लिए 10, 12 या 14 वर्ष की सेवा अवधि निर्धारित होती है। यदि इस दौरान कर्मचारी को पदोन्नति नहीं मिलती, तो उसे क्रमोन्नति दी जाती है। इसमें कर्मचारी का पद नहीं बदलता है। लेकिन उसे उच्च पद का वेतनमान और वित्तीय लाभ मिलने लगते हैं। शिक्षक और तकनीकी संवर्गों में यह व्यवस्था काफी लोकप्रिय रही है।
क्या होता है समयमान वेतनमान?
इसे एक उदाहरण से आसानी से समझा जा सकता है। अगर कोई सहायक शिक्षक 20 साल से एक ही पद पर है, तो क्रमोन्नति में उसे प्रधान पाठक के बराबर वेतन मिल सकता है। लेकिन समयमान वेतनमान में उसे सेवा अवधि के आधार पर अगला वेतन स्तर मिलेगा। यह जरूरी नहीं कि वह उच्च पद के वेतनमान के बराबर ही हो। समयमान वेतनमान के नियम सभी विभागों के लिए एक समान होते हैं।
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