कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा गाली अपराध नहीं, बीजेपी ने गिनाईं आईपीसी की चार धाराएं

Arun Tiwari | Aug 01, 2026, 18:21 IST
Share
पीएम को गाली देने पर विवाद
पीएम को गाली देने पर विवाद

प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाने वाली 15 वर्षीय लड़की के वीडियो के बाद देशभर में बहस छिड़ गई है। एक ओर पीएम मोदी ने बच्चों को माफ करने की बात कही, वहीं कुछ नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या गाली देना कानूनन अपराध है।

इन दिनों देश में गाली पर सियासत तेज हो गई है। प्रदर्शनकारी लड़की ने गाली पर माफी मांगी तो पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे गाली देने वाले बच्चों को माफ करना चाहते हैं। लेकिन सवाल यह खड़ा हो गया है कि क्या गाली देना अपराध है।

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दिपके और प्रवक्ता सौरव दास ने अपने बयान जारी कर कहा कि गाली देना देश में कब से अपराध हो गया। तो क्या कभी भी,कोई भी,किसी को भी गाली दे सकता है। नहीं ऐसा नहीं है। बीजेपी ने सीजेपी वालों को इंडियन पीनल कोड की चार धाराएं बताई हैं जिनके अनुसार गाली देना कानूनन अपराध है।

क्या है पूरा मामला :

जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाने के मामले में वायरल हुई 15 वर्षीय लड़की ने अब सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है।

सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में लड़की हाथ जोड़कर अपने व्यवहार पर खेद जताते हुए कहती है कि वह भीड़ और माहौल के प्रभाव में आ गई थी तथा भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करेगी।वीडियो में लड़की कहती है, मैं सिर्फ 15 साल की हूं।

अपने दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस घूमने गई थी। वहां छात्रों का प्रदर्शन चल रहा था। आसपास मौजूद कुछ लोग प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगा रहे थे। मैं भी उसी माहौल और भीड़ के बहकावे में आ गई।

यह मेरी पहली और आखिरी गलती थी। कृपया मुझे माफ कर दीजिए। लड़की का यह माफीनामा सामने आने के बाद मामले पर नई बहस शुरू हो गई है।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि लड़की ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और माफी मांग ली है, तो क्या सरकार उसके खिलाफ दर्ज मामला वापस लेने पर विचार करेगी।

इस घटना को लेकर 30 जुलाई को नोएडा में लड़की के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद यह प्रकरण सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Is swearing aloud a crime
Is swearing aloud a crime


प्रधानमंत्री ने दी माफी:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार रात अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक रील साझा करते हुए कहा कि बचपन में गलतियां होना स्वाभाविक है और उन्हें सुधारने का मौका भी मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कई बच्चे बहकावे में आकर गलत रास्ता चुन लेते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा दिखाने की जरूरत है। रील में प्रधानमंत्री ने कहा बचपन में गलतियां होती हैं। बचपन की गलतियों को सुधारने का अवसर भी होता है। ये गुमराह बच्चे हैं, इन्हें राह दिखाने का समय है। मैं इन्हें माफ करना चाहता हूं।

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब एक नाबालिग लड़की का वीडियो चर्चा में रहा, जिसमें उसने प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी। अपने संदेश में पीएम मोदी ने सख्त कार्रवाई के बजाय बच्चों को समझाने और उन्हें सही मार्ग पर लाने पर जोर दिया।

गाली देना अपराध नहीं :

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया। दिपके ने कहा कि गाली देना अपराध नहीं है। यदि कोई गाली दे रहा है तो आप उसे समझाइए। गाली देना नॉट ए क्राइम।

उन्होंने कहा कि यदि गाली देना अपराध है तो बीजेपी आईटी सेल के लोगों पर भी केस होना चाहिए जो लड़कियों के बारे में आपत्तिजनक बातें लिखते हैं। वहीं सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि गाली देना देश में कब से अपराध हो गया।

बीजेपी ने गिनाईं गाली की धाराएं :

वहीं सीजेपी नेताओं के बयान पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने गाली देने पर जो अपराध बनता है उसकी धाराएं बताई है।

सार्वजनिक जगह पर अश्लील/गंदी गाली, जिससे दूसरों को परेशानी हो - बीएनएस की धारा 296, IPC 294

जानबूझकर अपमान, जिससे व्यक्ति शांति भंग करने या कोई अपराध करने के लिए उकसाया जाए - बीएनएस की धारा 352,IPC 504

धमकियाँ देकर गाली (जैसे मारने, नुकसान पहुँचाने की धमकी) - बीएनएस की धारा 351,IPC 503/506

महिला की लज्जा भंग करने वाली गाली/शब्द - बीएनएस की धारा 79,IPC 509

लोगों की अलग अलग राय :

अब लड़की के माफी मांगने वाले वीडियो के सामने आने के बाद लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग उसकी कम उम्र का हवाला देते हुए नरमी बरतने की बात कर रहे हैं, जबकि अन्य का कहना है कि कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई होनी चाहिए।

FAQ

  1. क्या भारत में गाली देना कानूनन अपराध है?
    हर स्थिति में नहीं। लेकिन यदि गाली-गलौज सार्वजनिक अश्लीलता फैलाए, किसी को उकसाए, धमकी दे या किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाए, तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) और संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
  2. गाली देने पर कौन-सी धाराएं लग सकती हैं?
    मामले की परिस्थितियों के अनुसार BNS की धारा 296 (सार्वजनिक अश्लीलता), धारा 352 (जानबूझकर अपमान), धारा 351 (आपराधिक धमकी) और धारा 79 (महिला की लज्जा भंग करने वाले शब्द) जैसी धाराएं लागू हो सकती हैं।


ये खबरें भी पढ़ें...

सिंहासन छत्तीसी : BJP MLA ने दी खुलेआम महिला नेता को गाली,एकात्म परिसर में अखाड़ा

पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद मालदीव सरकार का एक्शन, मंत्री मरियम शिउना सस्पेंड, भारत में #BoycottMaldives का ट्रेंड

CJP Protest | जंतर मंतर से निकले मीम उड़ा रहे अच्छे अच्छों की नींद ! BJP वाले क्यों परेशान ?

अंबिकापुर में छात्र से हिंदी-अंग्रेजी में 200 बार गाली लिखवाने का आरोप, जांच शुरू

Tags:
  • पीएम नरेंद्र मोदी
  • पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी
  • जंतर मंतर
  • गाली
  • कॉकरोच जनता पार्टी
  • अभिजीत दीपके
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच