सरकारी दफ्तरों में अब प्रीपेड बिजली सिस्टम, 1 अगस्त से लागू होगी व्यवस्था
Harrison Masih | Jul 16, 2026, 18:21 IST
प्रीपेड बिजली सिस्टम 2026
छत्तीसगढ़ सरकार ने 1 अगस्त 2026 से सरकारी दफ्तरों में प्रीपेड बिजली बिलिंग व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। अब विभागों को मोबाइल रिचार्ज की तरह पहले भुगतान कर बिजली उपयोग करनी होगी।
छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों और शासकीय कार्यालयों में बिजली उपयोग की व्यवस्था अब पूरी तरह बदलने जा रही है। राज्य सरकार ने फैसला किया है कि सरकारी दफ्तरों में भी मोबाइल फोन की तरह 'पहले भुगतान, फिर उपयोग' यानी प्रीपेड बिलिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके तहत सरकारी कार्यालयों को बिजली इस्तेमाल करने से पहले रिचार्ज कराना होगा।
ऊर्जा विभाग ने भारत सरकार की पुनरुत्थान वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के तहत सभी शासकीय बिजली कनेक्शनों में प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग और प्रीपेड बिलिंग प्रणाली लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
1 अगस्त 2026 से पहले चरण में ब्लॉक स्तर और उससे ऊपर के सभी सरकारी कार्यालयों को प्रीपेड बिलिंग व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में निचले स्तर के कार्यालयों को इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद विभागों को बिजली उपयोग के लिए पहले से राशि जमा करनी होगी। बैलेंस खत्म होने पर बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने योजना की कुछ शर्तें पूरी नहीं होने के कारण छत्तीसगढ़ को मिलने वाले केंद्रीय अनुदान की लगभग एक-तिहाई राशि रोक दी है। इसके बाद राज्य सरकार ने समीक्षा कर प्रीपेड बिलिंग को तेजी से लागू करने का फैसला लिया।
सरकार का मानना है कि इससे बिजली बिलों की वसूली बेहतर होगी और वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।
राज्य के सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बकाया लगातार बढ़ रहा है।
ऊर्जा विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे 31 मार्च 2027 तक अपना पूरा बिजली बकाया समाप्त करें।
यदि तय समय तक बकाया राशि जमा नहीं की गई तो संबंधित विभागों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
![प्रीपेड बिजली]()
प्रत्येक विभाग अपने सभी बिजली कनेक्शनों का एक समूह बनाएगा। बिजली कंपनी उस समूह को एक यूनिक ग्रुप आईडी प्रदान करेगी।
विभाग द्वारा नियुक्त प्रीपेड नोडल अधिकारी के मोबाइल नंबर पर बैलेंस संबंधी अलर्ट भेजे जाएंगे।
अलर्ट इन समयों पर मिलेगा: बैलेंस खत्म होने से 7 दिन पहले, 3 दिन पहले 1 दिन पहले
यह सूचना एसएमएस और व्हाट्सएप दोनों माध्यमों से दी जाएगी।
यदि किसी विभाग का बैलेंस महीने के बीच में समाप्त हो जाता है और वह महीने की अंतिम तारीख से पहले रिचार्ज कर देता है, तो कोई सरचार्ज नहीं लगेगा।
लेकिन यदि महीने के अंत तक बैलेंस माइनस रहता है तो विभाग को सरचार्ज देना होगा।
बैलेंस शून्य होने पर भी विभागों को तिमाही समाप्त होने के बाद 15 दिनों तक की अतिरिक्त मोहलत मिलेगी। इस दौरान वे रिचार्ज कराकर बिजली सेवा जारी रख सकेंगे।
यदि बिजली लाइन कट जाती है तो विभाग 'मोर बिजली' ऐप या चैटबॉट के माध्यम से आवेदन कर एक बार के लिए 7 दिन का ग्रेस पीरियड प्राप्त कर सकता है।
हालांकि यह सुविधा केवल एक बार मिलेगी। इसके बाद दोबारा बिजली कटने पर पूरा रिचार्ज किए बिना आपूर्ति बहाल नहीं होगी।
ऊर्जा विभाग के अनुसार, सफल रिचार्ज होने के बाद अधिकतम 60 मिनट के भीतर बिजली आपूर्ति स्वतः बहाल हो जाएगी।
यदि किसी तकनीकी कारण से सप्लाई बाधित होती है तो उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायत मिलने के छह घंटे के भीतर बिजली बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है।
नई व्यवस्था की निगरानी के लिए बिजली विभाग ने प्रीपेड मॉनिटरिंग सेल बनाने का फैसला किया है। यह सेल रिचार्ज, बिलिंग, शिकायतों और बिजली आपूर्ति की नियमित समीक्षा करेगा।
बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक भीम सिंह ने कहा कि सभी विभागों को नई व्यवस्था की जानकारी दे दी गई है। योजना के क्रियान्वयन की तैयारियां चल रही हैं और अगस्त से इसे शुरू किए जाने की पूरी संभावना है।
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ऊर्जा विभाग ने भारत सरकार की पुनरुत्थान वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के तहत सभी शासकीय बिजली कनेक्शनों में प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग और प्रीपेड बिलिंग प्रणाली लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
1 अगस्त 2026 से शुरू होगा पहला चरण
नई व्यवस्था लागू होने के बाद विभागों को बिजली उपयोग के लिए पहले से राशि जमा करनी होगी। बैलेंस खत्म होने पर बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
केंद्र की शर्तें पूरी नहीं होने पर रुका अनुदान
सरकार का मानना है कि इससे बिजली बिलों की वसूली बेहतर होगी और वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।
3432 करोड़ से ज्यादा बिजली बकाया
- मार्च 2026 तक बकाया राशि: 2883.42 करोड़ रुपए
- जून 2026 तक अनुमानित बकाया: 3432.64 करोड़ रुपए
31 मार्च 2027 तक बकाया खत्म करना होगा
यदि तय समय तक बकाया राशि जमा नहीं की गई तो संबंधित विभागों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
प्रीपेड बिजली
कैसे काम करेगी नई प्रीपेड व्यवस्था?
हर विभाग को मिलेगी यूनिक ग्रुप आईडी
मोबाइल पर मिलेगा बैलेंस अलर्ट
अलर्ट इन समयों पर मिलेगा: बैलेंस खत्म होने से 7 दिन पहले, 3 दिन पहले 1 दिन पहले
यह सूचना एसएमएस और व्हाट्सएप दोनों माध्यमों से दी जाएगी।
बैलेंस खत्म होने पर क्या होगा?
लेकिन यदि महीने के अंत तक बैलेंस माइनस रहता है तो विभाग को सरचार्ज देना होगा।
15 दिन की अतिरिक्त मोहलत
एक बार मिलेगा 7 दिन का ग्रेस पीरियड
हालांकि यह सुविधा केवल एक बार मिलेगी। इसके बाद दोबारा बिजली कटने पर पूरा रिचार्ज किए बिना आपूर्ति बहाल नहीं होगी।
रिचार्ज के 60 मिनट में चालू होगी बिजली
यदि किसी तकनीकी कारण से सप्लाई बाधित होती है तो उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायत मिलने के छह घंटे के भीतर बिजली बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है।
मॉनिटरिंग के लिए बनेगा विशेष सेल
क्या बोले बिजली विभाग के एमडी?
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