धमतरी में स्वामित्व योजना फेल, सर्वे की गलतियों से ग्रामीणों में आक्रोश

Aishwarya Dwivedi | May 29, 2026, 17:04 IST
Share
hamtari-svamitva-yojana-Fail
hamtari-svamitva-yojana-Fail

धमतरी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वामित्व योजना के गलत सर्वे और रकबे में हेरफेर से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। गलत नाम दर्ज होने से नाराज लोगों ने ग्रामसभा में विरोध कर प्रशासनिक सुधार की मांग की है।

NEWS IN SHORT

  • धमतरी में स्वामित्व योजना के सर्वे में गंभीर गड़बड़ियां आईं सामने।
  • पटवारी बिना दस्तावेज जांचे मौखिक आधार पर कर रहे सर्वे।
  • ग्राम जोरातराई नवीन में शादीशुदा बहनों के नाम चढ़ी जमीन।
  • जीवित पिता के रहते नाबालिग बेटे को बनाया मुख्य मुखिया।
  • रकबा बदलने से ग्रामीणों के बैंक लोन वेरिफिकेशन में दिक्कत।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से आ रही यह खबर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'स्वामित्व योजना' के जमीनी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जिस योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक दिलाकर विवादों को खत्म करना था, वही योजना आज प्रशासनिक और तकनीकी खामियों के चलते गांवों में आपसी कलह, अविश्वास और आक्रोश की वजह बन चुकी है।

धमतरी के ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन मैपिंग के बाद किए जा रहे सर्वे और रिकॉर्ड सुधार में बड़े पैमाने पर लापरवाही के मामले सामने आए हैं। जल्दबाजी में की जा रही इस प्रक्रिया के कारण वास्तविक भू-स्वामियों के अधिकार खतरे में पड़ गए हैं, जिससे नाराज ग्रामीणों ने अब प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।

तकनीकी और प्रशासनिक चूक

ग्रामीणों का सबसे बड़ा आरोप यह है कि इस संवेदनशील और तकनीकी सर्वे को किसी विशेषज्ञ टीम के बजाय पूरी तरह स्थानीय पटवारियों के भरोसे छोड़ दिया गया है। जमीनी हकीकत जाने बिना और वैध दस्तावेजों की जांच किए बिना, अधिकारी केवल मकान की छतों पर जाकर मौखिक पूछताछ के आधार पर मालिकाना हक तय कर रहे हैं।

इस प्रक्रिया का दुष्परिणाम यह हो रहा है कि दशकों से वहां रह रहे वास्तविक हिस्सेदार सरकारी रिकॉर्ड से गायब हो रहे हैं और मौके पर मौजूद किसी भी व्यक्ति का नाम दर्ज किया जा रहा है।

जीवित पिता की जगह नाबालिग बेटा बना मुखिया

योजना के तहत धमतरी के कई गांवों से बेहद चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं:

ग्राम जोरातराई नवीन : यहां स्वर्गीय कमलेश्वर श्रीवास की $1045$ वर्गमीटर आबादी भूमि नियमानुसार उनकी पत्नी और चार बेटों के नाम दर्ज होनी थी। लेकिन सर्वे की बड़ी चूक के कारण यह जमीन उनकी उन दो बहनों के नाम पर चढ़ गई, जिनकी शादी बरसों पहले हो चुकी है और वे अपने ससुराल में रह रही हैं।

दूसरा मामला : एक अन्य परिवार में रामकृष्ण निषाद के जीवित होने के बावजूद, रिकॉर्ड में उनके नाबालिग पुत्र को संपत्ति का मुख्य मुखिया घोषित कर दिया गया। इन विसंगतियों के कारण परिवारों के भीतर कानूनी और सामाजिक विवाद खड़े हो गए हैं।

पुराने पट्टों का दोहराव और रकबे में हेरफेर

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती अजीत जोगी और डॉ. रमन सिंह सरकारों के कार्यकाल में जिन लोगों को पहले ही 'मुख्यमंत्री आबादी पट्टा' मिल चुका था, उन्हें इस योजना में दोबारा शामिल कर अनुचित लाभ दिया जा रहा है। इसके विपरीत, हजारों जरूरतमंद परिवार जो पीढ़ियों से वहां निवास कर रहे हैं, नए रिकॉर्ड से पूरी तरह बाहर कर दिए गए हैं।

इसके अलावा, बिना किसी ठोस आधार के जमीनों का रकबा (क्षेत्रफल) छोटा-बड़ा कर दिया गया है। इस हेरफेर ने उन ग्रामीणों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है जिन्होंने पुराने पट्टों के आधार पर बैंकों से लोन ले रखा है। रकबा बदलने से अब लोन वेरिफिकेशन और भविष्य की कानूनी प्रक्रियाएं बेहद जटिल होने की आशंका है।

ड्रोन मैपिंग की सीमाएं और ग्रामसभा में गूंजा विरोध

तकनीकी स्तर पर ग्रामीणों का कहना है कि ड्रोन फोटोग्राफी के कारण गांवों की पुरानी, संकरी गलियां और पारंपरिक रास्ते रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पा रहे हैं। इससे आने वाले समय में सीमा विवाद और रास्तों को लेकर नए झगड़े पैदा होने तय हैं।

इन तमाम गड़बड़ियों को लेकर 21 मई को आयोजित ग्रामसभा में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इन लापरवाहियों को तुरंत नहीं सुधारा गया, तो गांवों का सामाजिक ताना-बाना बिगड़ जाएगा।

निष्कर्ष

धमतरी की यह स्थिति बताती है कि बिना उचित जमीनी सत्यापन के केवल तकनीक पर निर्भर रहना कितना घातक हो सकता है। यदि समय रहते जिला प्रशासन और ग्राम पंचायतों ने सक्रिय होकर पुराने रिकॉर्ड्स का मिलान नहीं किया और छूटे हुए परिवारों के नाम नहीं जोड़े, तो 'स्वामित्व योजना' का मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। ग्रामीणों को राहत देने के लिए पारदर्शी और त्रुटिहीन री-सर्वे ही एकमात्र समाधान है।

FAQ

  1. स्वामित्व योजना क्या है ?
    यह ग्रामीण आबादी भूमि के सर्वे और मालिकाना हक (पट्टा) देने की योजना है।
  2. सर्वे में प्रशासनिक लापरवाही क्या है?
    सर्वे टीम के बजाय केवल स्थानीय पटवारियों के भरोसे है, जो जमीनी हकीकत और पुराने रिकॉर्ड की अनदेखी कर रहे हैं। ड्रोन मैपिंग से संकरी गलियां और रास्ते रिकॉर्ड से छूट रहे हैं।
  3. पट्टों के दोहराव और रकबे के हेरफेर से क्या नुकसान है?
    पूर्व सरकारों के समय पट्टा पा चुके लोगों को दोबारा लाभ मिल रहा है, जबकि पात्र परिवार छूट गए हैं। रकबा (क्षेत्रफल) बदलने से बैंकों से लिए गए लोन का वेरिफिकेशन खटाई में पड़ गया है।
  4. ग्रामीणों की मांग और समाधान क्या है?
    ग्रामीणों ने ग्रामसभा में विरोध जताकर प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की है। समाधान यही है कि पुराने रिकॉर्ड का मिलान कर पूरी पारदर्शिता के साथ री-सर्वे कराया जाए।

यह खबरें भी पढ़ें...

पीएम मोदी ने बांटे 65 लाख संपत्ति कार्ड्स, स्वामित्व योजना से ग्रामीणों की जिंदगी होगी आसान

CM मोहन का सिवनी दौरा आज, PM स्वामित्व योजना के कार्यक्रम में होंगे शामिल

🔴LIVE: PM Modi दे रहे Madhya Pradesh के 16 लाख लोगों को जमीन का अधिकार | पीएम स्वामित्व योजना

क्या है स्वामित्व योजना, जान लीजिए नियम और किसको मिलेगा फायदा

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • केंद्र सरकार
  • धमतरी
  • ग्रामसभा
  • स्वामित्व योजना
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा