हाई कोर्ट ने खारिज की अनुकंपा नियुक्ति की याचिका, जानें क्या है मामला

Harrison Masih | Jun 03, 2025, 16:51 IST
Share
High Court dismissed petition for compassionate appointment bilaspur chattisgarh the sootr
High Court dismissed petition for compassionate appointment bilaspur chattisgarh the sootr

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में मृतक भृत्य कर्मचारी की मृत्यु के 12 वर्ष बाद एक युवक ने खुद को उनका बेटा बताते हुए अनुकंपा नियुक्ति की मांग की है। याचिका में कई परिवारिक दावों और दस्तावेज़ों का हवाला दिया गया।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसमें मृतक भृत्य कर्मचारी की मृत्यु के 12 वर्ष बाद एक युवक ने खुद को उनका बेटा बताते हुए अनुकंपा नियुक्ति की मांग की है। याचिका में कई परिवारिक दावों और दस्तावेज़ों का हवाला दिया गया, लेकिन हाई कोर्ट ने मामले को अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए याचिका को खारिज कर दिया, और याचिकाकर्ता को सिविल कोर्ट में दावा प्रस्तुत करने की छूट दी।

ये खबर भी पढ़ें... लकड़ी तस्करों ने डिप्टी रेंजर पर कुल्हाड़ी से किया जानलेवा हमला, हालत गंभीर

मामले की पृष्ठभूमि:

बिलासपुर के यदुनंदन नगर निवासी गणेश नायडू हाई कोर्ट में भृत्य के पद पर कार्यरत थे। सेवा के दौरान 16 जून 2010 को उनका निधन हो गया। उनकी पत्नी पूजा नायडू पहले से ही हाई कोर्ट में कार्यरत थीं। पति की मृत्यु के कुछ समय बाद ही पूजा नायडू का भी सेवा के दौरान निधन हो गया। बाद में उनकी बेटी ऋचा नायडू को अनुकंपा नियुक्ति दी गई, लेकिन बाद में यह नियुक्ति रद्द कर दी गई।

नीलकांत नायडू का दावा और याचिका:

उसलापुर निवासी नीलकांत नायडू ने 9 फरवरी 2022 को उच्च न्यायालय में एक आवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने खुद को गणेश नायडू का पुत्र और आश्रित बताते हुए अनुकंपा नियुक्ति की मांग की। हालांकि, 26 मई 2022 को उनका आवेदन खारिज कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।

ये खबर भी पढ़ें... महाराष्ट्र से पकड़ा गया रायपुर चिटफंड घोटाले का फरार डायरेक्टर

दस्तावेजों और दावों की टकराहट:

याचिकाकर्ता ने दावा किया कि वह गणेश नायडू और उनकी पहली पत्नी रेशमा का पुत्र है। इस समर्थन में गणेश नायडू की भाभी उषा मूर्ति का हलफनामा पेश किया गया, जिसमें कहा गया कि गणेश नायडू की दो पत्नियां थीं – रेशमा और पूजा।

वहीं दूसरी ओर, पूजा नायडू ने अपने सेवा काल में हलफनामा देकर कहा था कि ऋचा ही उनकी और गणेश नायडू की एकमात्र संतान है और अन्य बच्चे गणेश के बड़े भाई के हैं।

सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) में भी केवल पूजा और ऋचा का नाम दर्ज है, याचिकाकर्ता का नहीं।

ये खबर भी पढ़ें... PM मोदी और ऑपरेशन सिंदूर पर कांग्रेस के पूर्व विधायक की अभद्र टिप्पणी, बिलासपुर में FIR दर्ज

हाई कोर्ट का फैसला:

मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि याचिकाकर्ता और मृतक कर्मचारी के बीच पारिवारिक संबंध को लेकर विवाद है। यह विवाद याचिका के अधिकार क्षेत्र से बाहर है और इसका निपटारा सिविल कोर्ट में ही संभव है।

कोर्ट ने कहा कि, केवल नामांकन में नाम दर्ज ना होना या किसी हलफनामे के माध्यम से दावा करना पर्याप्त नहीं है जब तक कि इसका वैधानिक और पारिवारिक आधार साबित न किया जाए। साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा कि मृतक कर्मचारी की पत्नी स्वयं सेवा में थीं, इसलिए नियमानुसार उस समय अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार किसी और को नहीं बनता।

यह मामला अनुकंपा नियुक्तियों में पारिवारिक दावों और कानूनी दस्तावेज़ों की अहम भूमिका को उजागर करता है। हाई कोर्ट ने एक संतुलित फैसला सुनाते हुए कहा कि जन्म और उत्तराधिकार के विवाद का निपटारा सिविल प्रक्रिया के तहत होना चाहिए, न कि प्रत्यक्ष रूप से अनुकंपा नियुक्ति की मांग के ज़रिये। याचिकाकर्ता को अब अपने दावे को साबित करने के लिए सिविल कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाना होगा।

ये खबर भी पढ़ें... बस्तर के 1600 स्कूलों को बंद करने की तैयारी, सरकार ने कहा यह तो है युक्तियुक्तकरण

CG High Court | High Court dismissed petition | Compassionate appointment | Bilaspur | chattisgarh | छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट | हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका | छत्तीसगढ़

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • CG High Court
  • Bilaspur
  • बिलासपुर
  • छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट
  • हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
  • Compassionate appointment
  • अनुकंपा नियुक्ति
  • High Court dismissed petition
  • chattisgarh
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती