छत्तीसगढ़ की ताकतवर महिला अफसरों में क्यों गिनी जाती हैं आईएएस निहारिका बारिक सिंह
Harrison Masih | May 07, 2026, 18:55 IST
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आईएएस निहारिका बारिक सिंह छत्तीसगढ़ प्रशासन की सबसे प्रभावशाली महिला अधिकारियों में से एक हैं। हाल ही में उन्हें प्रमुख सचिव गृह एवं जेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे राज्य की पहली महिला गृह सचिव बन गईं हैं।
छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था में कुछ नाम ऐसे हैं, जिनकी पहचान केवल एक अफसर के रूप में नहीं बल्कि एक मजबूत प्रशासक, संवेदनशील अधिकारी और प्रभावशाली निर्णयकर्ता के तौर पर होती है। उन्हीं चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं आईएएस निहारिका बारिक सिंह। शांत स्वभाव, तेज प्रशासनिक पकड़ और जमीनी समझ रखने वाली निहारिका बारिक सिंह आज छत्तीसगढ़ शासन में प्रमुख सचिव स्तर की जिम्मेदारी निभा रही हैं। उन्हें हाल ही में हुए फेरबदल में प्रमुख सचिव गृह एवं जेल की जिम्मेदारी मिली है। वे प्रदेश की पहली महिला आईएएस हैं, जिन्हें प्रमुख सचिव गृह की जिम्मेदारी मिली है। ओडिशा की धरती से निकलकर भारतीय प्रशासनिक सेवा तक का सफर तय करने वाली निहारिका बारिक सिंह की कहानी केवल एक अफसर बनने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस मेहनत, धैर्य और प्रशासनिक दृष्टि की कहानी है जिसने उन्हें छत्तीसगढ़ की सबसे प्रभावशाली महिला अधिकारियों में शामिल कर दिया।
23 अप्रैल 1970 को जन्मीं निहारिका बारिक सिंह ओडिशा की रहने वाली हैं। पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव समाज और प्रशासनिक व्यवस्था को समझने की ओर था। यही वजह रही कि उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन में समाजशास्त्र विषय चुना। एमए समाजशास्त्र करने के बाद उन्होंने एमफिल भी समाजशास्त्र में किया। उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। उस दौर में प्रशासनिक सेवाओं में महिलाओं की संख्या आज जितनी नहीं थी, लेकिन निहारिका बारिक सिंह ने अपनी मेहनत और क्षमता के दम पर यूपीएससी की कठिन परीक्षा पास की और 1997 बैच की आईएएस अफसर बनीं।
जब निहारिका बारिक सिंह ने 7 सितंबर 1997 को अपनी सेवा की शुरुआत की। उन्होंने त्रिपुरा में विभिन्न पदों पर काम करने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को चुना। छत्तीसगढ़ में उन्होंने अलग-अलग जिलों और विभागों में काम करते हुए अपनी प्रशासनिक क्षमता का मजबूत परिचय दिया।
निहारिका बारिक सिंह उन अफसरों में गिनी जाती हैं जिन्होंने फील्ड और सचिवालय दोनों स्तर पर बेहतरीन काम किया। वे महासमुंद जिले की कलेक्टर रहीं, जहां उन्होंने प्रशासनिक कार्यों के साथ विकास योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया। इसके बाद वे बिलासपुर संभाग की कमिश्नर भी रहीं। कमिश्नर के तौर पर उनकी कार्यशैली काफी चर्चा में रही। प्रशासनिक अनुशासन, योजनाओं की मॉनिटरिंग और विकास कार्यों में तेजी लाने को लेकर वे हमेशा सक्रिय रहीं।
अपने लंबे प्रशासनिक करियर में निहारिका बारिक सिंह ने कई महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारी निभाई है। वे सचिव पर्यटन एवं संस्कृति विभाग रहीं, जहां पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर काम किया गया। इसके अलावा उन्होंने सचिव ग्रामोद्योग, निदेशक तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव और ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा की महानिदेशक जैसी अहम जिम्मेदारियां भी संभालीं। प्रशासनिक अनुभव और नीतिगत समझ के कारण उन्हें लगातार बड़े विभागों की जिम्मेदारी मिलती रही। नए प्रशासनिक फेरबदल के तहत उन्हें प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बाद प्रमुख सचिव गृह एवं जेल की जिम्मेदारी मिली है। इस फेरबदल ने उन्हें छत्तीसगढ़ की पहली महिला आईएएस बना दिया है, जिन्हें गृह विभाग मिला है। ग्रामीण विकास और डिजिटल प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उनकी भूमिका बेहद अहम मानी जाती है।
निहारिका बारिक सिंह का प्रशासनिक अनुभव केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहा। वे केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान वे भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में निदेशक रहीं। इसके अलावा खाद एवं सार्वजनिक वितरण विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर भी उन्होंने काम किया। दिल्ली में रहते हुए उन्होंने नीति निर्माण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अहम कार्यों में योगदान दिया। यही अनुभव बाद में राज्य प्रशासन में भी उनके लिए काफी उपयोगी साबित हुआ।
मार्च 2024 में छत्तीसगढ़ शासन ने सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कमेटी का गठन किया। इस समिति की अध्यक्षता निहारिका बारिक सिंह को सौंपी गई। सरकार ने उन्हें यह जिम्मेदारी इसलिए दी क्योंकि प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ और संतुलित निर्णय क्षमता पर शासन को भरोसा है। कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा और समाधान की दिशा में यह समिति अहम मानी गई।
निहारिका बारिक सिंह (IAS Niharika Barik Singh) की पहचान ऐसे अधिकारी के रूप में होती है जो बिना ज्यादा प्रचार-प्रसार के काम करना पसंद करती हैं। उनका स्वभाव शांत माना जाता है, लेकिन प्रशासनिक मामलों में उनकी पकड़ बेहद मजबूत बताई जाती है। वे उन अधिकारियों में शामिल हैं जो फाइलों से ज्यादा जमीन पर काम की स्थिति को महत्व देती हैं। यही वजह है कि लंबे प्रशासनिक करियर के बाद भी वे आज शासन के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में गिनी जाती हैं।
करीब तीन दशक लंबे प्रशासनिक अनुभव के साथ निहारिका बारिक सिंह आज छत्तीसगढ़ प्रशासन का एक मजबूत चेहरा बन चुकी हैं। फील्ड प्रशासन से लेकर मंत्रालय तक, राज्य सरकार के कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। एक समाजशास्त्र की छात्रा से लेकर प्रमुख सचिव स्तर की अधिकारी बनने तक का उनका सफर उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है जो सिविल सेवा में जाकर देश और समाज के लिए काम करना चाहते हैं।
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समाजशास्त्र की छात्रा से आईएएस तक का सफर
मजबूत प्रशासनिक क्षमता दिखाई
ias niharika singh barik
हर जिम्मेदारी में मजबूत पकड़
कई बड़े विभागों की जिम्मेदारी संभाली
ias niharika
केंद्र सरकार में भी निभाई अहम भूमिका
सरकार का भरोसा
सख्त प्रशासनिक शैली
छत्तीसगढ़ प्रशासन का मजबूत चेहरा
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