बिना परमिट सड़कों पर हजारों अवैध बस, नाके और उड़न दस्ते फेल
Krishna Kumar Sikander | Jul 16, 2025, 10:13 IST
Thousands of illegal buses the sootr
छत्तीसगढ़ की सड़कों पर इन दिनों एक गंभीर अनियमितता ने सुर्खियां बटोरी हैं। राज्य में 1,114 यात्री बसें ऐसी हैं, जो बिना वैध परमिट के धड़ल्ले से चल रही हैं। इन बसों के परमिट की वैधता सालों पहले खत्म हो चुकी है, फिर भी ये सड़कों पर बेरोकटोक दौड़ रही हैं।
छत्तीसगढ़ की सड़कों पर इन दिनों एक गंभीर अनियमितता ने सुर्खियां बटोरी हैं। राज्य में 1,114 यात्री बसें ऐसी हैं, जो बिना वैध परमिट के धड़ल्ले से चल रही हैं। इन बसों के परमिट की वैधता सालों पहले खत्म हो चुकी है, फिर भी ये सड़कों पर बेरोकटोक दौड़ रही हैं। इस मामले ने न केवल परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि राज्य के राजस्व को होने वाले नुकसान और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में HSRP लागू करने में सख्ती, परिवहन विभाग ने कसी कमर
मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 81 के अनुसार, किसी भी यात्री बस के परमिट की वैधता पांच वर्ष तक होती है। इस अवधि के बाद, परमिट धारक को समाप्ति तिथि से कम से कम 15 दिन पहले नवीनीकरण के लिए आवेदन करना अनिवार्य है। यह नियम धारा 87 (अस्थायी परमिट) और धारा 88 (विशेष परमिट) को छोड़कर सभी परमिटों पर लागू होता है। इसके बावजूद, छत्तीसगढ़ में 1,114 बसें बिना नवीनीकरण के सड़कों पर चल रही हैं। यह स्थिति न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था की खामियों को भी उजागर करती है।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में बारिश से पटरियां डूबीं, रेल यातायात बाधित, यात्री परेशान
छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में परिवहन विभाग के जांच नाके और एक दर्जन से अधिक उड़न दस्ते नियमित रूप से सक्रिय रहते हैं। इनका मुख्य काम अवैध वाहनों की जांच और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करना है। फिर भी, ये 1,114 बसें इन नाकों और उड़न दस्तों की नजर से बचकर रोजाना सड़कों पर दौड़ रही हैं। यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में अवैध बसें विभाग की निगरानी से कैसे बच रही हैं? क्या नाकों पर जांच में ढिलाई बरती जा रही है या उड़न दस्तों की कार्यप्रणाली में कोई कमी है? इस मामले ने परिवहन विभाग की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
ये खबर भी पढ़ें... अरपा-भैंसाझार प्रोजेक्ट में 3.42 करोड़ के मुआवजा घोटाले में RTO सस्पेंड, RI बर्खास्त
बिना वैध परमिट वाली बसों का संचालन केवल राजस्व हानि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। ऐसी बसों की तकनीकी स्थिति और चालकों की योग्यता पर सवाल उठते हैं, जो सड़क हादसों का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा, यह मामला परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की जरूरत को रेखांकित करता है। भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए विभाग को नाकों और उड़न दस्तों की कार्यप्रणाली में सुधार, डिजिटल निगरानी को बढ़ावा और नियमित ऑडिट जैसे कदम उठाने होंगे।
ये खबर भी पढ़ें... छात्राओं की राह में रोड़ा बना RTO अभियान, स्कूल पहुंचना हुआ मुश्किल
छत्तीसगढ़ में बिना वैध परमिट वाली बसों का मामला न केवल कानूनी उल्लंघन है, बल्कि यह राज्य की यातायात व्यवस्था और राजस्व संग्रह पर भी गंभीर सवाल उठाता है। परिवहन विभाग की तत्परता और सख्ती से उम्मीद है कि इस अनियमितता पर लगाम लगेगी। साथ ही, यह मामला भविष्य में ऐसी खामियों को रोकने के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र की जरूरत को उजागर करता है। यात्रियों की सुरक्षा और राज्य के हितों की रक्षा के लिए यह कार्रवाई समय की मांग है।
thesootr links
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
Chhattisgarh illegal bus operations | Expired bus permits Chhattisgarh | Transport department Chhattisgarh | Motor Vehicle Act 1988 violation | Bus permit renewal rules | छत्तीसगढ़ में अवैध बस संचालन | छत्तीसगढ़ बिना परमिट बसें | अवैध यात्री बसें छत्तीसगढ़ | परिवहन नाके उड़न दस्ते | बस परमिट नवीनीकरण नियम
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में HSRP लागू करने में सख्ती, परिवहन विभाग ने कसी कमर
पांच साल की वैधता, फिर नवीनीकरण जरूरी
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में बारिश से पटरियां डूबीं, रेल यातायात बाधित, यात्री परेशान
राज्य के खजाने को करोड़ों का चूना परिवहन विभाग छत्तीसगढ़ सरकार के लिए राजस्व का एक प्रमुख स्रोत है। प्रत्येक परमिट नवीनीकरण के लिए वही शुल्क लिया जाता है, जो नए परमिट के लिए निर्धारित है। बिना परमिट वाली बसों के संचालन से राज्य को करोड़ों रुपये की राजस्व हानि हो रही है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इन 1,114 बसों के कारण सरकार को हर साल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह नुकसान केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन के लिए भी खतरा है, क्योंकि बिना वैध परमिट वाली बसों की तकनीकी जांच और रखरखाव पर सवाल उठते हैं।
नाके और उड़न दस्ते क्यों रहे बेकार?
ये खबर भी पढ़ें... अरपा-भैंसाझार प्रोजेक्ट में 3.42 करोड़ के मुआवजा घोटाले में RTO सस्पेंड, RI बर्खास्त
यात्रियों की सुरक्षा और भविष्य की चुनौतियां
ये खबर भी पढ़ें... छात्राओं की राह में रोड़ा बना RTO अभियान, स्कूल पहुंचना हुआ मुश्किल
यातायात व्यवस्था और राजस्व संग्रह पर सवाल
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
Chhattisgarh illegal bus operations | Expired bus permits Chhattisgarh | Transport department Chhattisgarh | Motor Vehicle Act 1988 violation | Bus permit renewal rules | छत्तीसगढ़ में अवैध बस संचालन | छत्तीसगढ़ बिना परमिट बसें | अवैध यात्री बसें छत्तीसगढ़ | परिवहन नाके उड़न दस्ते | बस परमिट नवीनीकरण नियम
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari